सियासी पिच पर यूसुफ पठान : एक तरफ बंगाल फतह का हुंकार, दूसरी ओर ससुर-साले सलाखों के पीछे

खबर सार :-
मुंबई में टीएमसी सांसद यूसुफ पठान के ससुर और साले की गिरफ्तारी से हड़कंप। वहीं बंगाल चुनाव में पठान ने किया ममता बनर्जी की बंपर जीत का दावा। पढ़ें पूरी रिपोर्ट।

सियासी पिच पर यूसुफ पठान : एक तरफ बंगाल फतह का हुंकार, दूसरी ओर ससुर-साले सलाखों के पीछे
खबर विस्तार : -

मुंबई/कोलकाता: भारतीय क्रिकेट के पूर्व धुरंधर और अब तृणमूल कांग्रेस के फायरब्रांड सांसद यूसुफ पठान इन दिनों दो विपरीत ध्रुवों के बीच फंसे नजर आ रहे हैं। एक ओर जहां वह पश्चिम बंगाल की तपती सियासी पिच पर ममता बनर्जी की जीत का 'विजयरथ' दौड़ा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर मुंबई की गलियों से आई एक खबर ने उनके पारिवारिक रसूख पर बट्टा लगा दिया है। मुम्बई पुलिस ने एक सनसनीखेज कार्रवाई करते हुए यूसुफ पठान के ससुर और उनके साले को मारपीट के गंभीर आरोपों में गिरफ्तार कर लिया है।

Yusuf Pathan TMC MP : सड़क का मामूली विवाद और 'बांस-बल्ले' वाली गुंडागर्दी

घटना की शुरुआत मुंबई के भायखला इलाके में हुई, जो देखते ही देखते एक खूनी संघर्ष में तब्दील हो गई। मिली जानकारी के अनुसार, विवाद की जड़ महज एक 'पानी का गड्ढा' था। पीड़ित शख्स अपनी कार से गुजर रहा था, तभी रास्ते में भरे पानी के एक गड्ढे से कार का पहिया गुजरा और कीचड़ की कुछ बूंदें वहां खड़े लोगों पर जा गिरीं। बस, इतनी सी बात पर गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया।

आरोप है कि यूसुफ पठान के ससुर, उनके बेटे (साले) और एक अन्य रिश्तेदार ने आपा खो दिया और उस व्यक्ति तथा उसके पूरे परिवार पर हमला बोल दिया। भायखला पुलिस के मुताबिक, यह महज हाथापाई नहीं थी, बल्कि आरोपियों ने बांस की लाठियों और बेसबॉल बैट का इस्तेमाल कर पीड़ित पक्ष को बुरी तरह पीटा। पुलिस ने घटनास्थल से हथियार बरामद कर लिए हैं और सीसीटीवी फुटेज के साथ-साथ चश्मदीदों के बयानों के आधार पर इन तीनों की पहचान कर ली है। कोर्ट में पेशी के दौरान पुलिस ने स्पष्ट किया कि आरोपियों के चेहरे फुटेज में साफ दिख रहे हैं। जहां तीन लोग पुलिस की गिरफ्त में हैं, वहीं एक आरोपी अब भी फरार बताया जा रहा है।

 Yusuf Pathan TMC MP : बंगाल में पठान की हुंकार- "अगले 50 साल तक कोई नहीं हिला पाएगा टीएमसी को"

परिवार पर लगे इन आपराधिक दागों के बीच, यूसुफ पठान बंगाल के चुनावी मैदान में किसी 'बाहुबली' की तरह डटे हुए हैं। खड़गपुर से लेकर मेटियाब्रुज की सड़कों तक, पठान का जलवा बरकरार है। हाल ही में खड़गपुर सदर से टीएमसी उम्मीदवार प्रदीप सरकार के पक्ष में विशाल रोड शो करते हुए उन्होंने भाजपा को सीधी चुनौती दे दी। पठान ने दावों की झड़ी लगाते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल में 'ममता मैजिक' सर चढ़कर बोल रहा है। उन्होंने भविष्यवाणी की कि इस बार तृणमूल कांग्रेस पिछली बार की तुलना में 15 सीटें ज्यादा जीतकर चौथी बार सत्ता का शिखर चूमेगी। उन्होंने भाजपा की घेराबंदी पर तंज कसते हुए कहा कि भले ही भगवा दल ने अपने मुख्यमंत्रियों और केंद्रीय मंत्रियों की फौज बंगाल में उतार दी हो, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है।

दक्षिण 24 परगना के मेटियाब्रुज में अब्दुल खालेक मोल्ला के लिए प्रचार करते समय पठान ने एक बड़ा बयान दिया। उन्होंने आत्मविश्वास से लबरेज होकर कहा, "ममता दीदी की सरकार अगले 40-50 सालों तक कहीं नहीं जाने वाली।" उनका तर्क है कि जिस तरह से बहरामपुर के लोगों ने उन्हें 'अपना बेटा' माना है, वैसे ही पूरा बंगाल ममता बनर्जी को अपनी अभिभावक मानता है।

Yusuf Pathan TMC MP : एसआईआर विवाद और ममता का 'सुप्रीम' संघर्ष

चुनावों के बीच 'एसआईआर' (SIR) का मुद्दा भी गरमाया हुआ है। पठान ने आरोप लगाया कि कई जायज मतदाताओं के नाम जानबूझकर मतदाता सूची से काट दिए गए हैं। उन्होंने ममता बनर्जी की तारीफों के पुल बांधते हुए कहा कि दीदी इतिहास की पहली ऐसी मुख्यमंत्री हैं, जिन्होंने खुद सुप्रीम कोर्ट में जाकर चुनाव आयोग के खिलाफ बहस की। उन्होंने इसे बंगाल की अस्मिता की लड़ाई करार देते हुए कहा कि जनता इस जुझारूपन का जवाब 4 मई को चुनावी नतीजों के जरिए देगी।

Yusuf Pathan TMC MP : साख की परीक्षा

एक तरफ पठान बंगाल की जीत को सुनिश्चित मान रहे हैं, तो दूसरी तरफ मुंबई पुलिस की इस कार्रवाई ने विरोधियों को हमला करने का नया हथियार दे दिया है। क्या यूसुफ पठान के ससुर और साले की गिरफ्तारी उनकी राजनीतिक छवि को प्रभावित करेगी? या फिर 'दीदी' के भरोसे की लहर इन सब विवादों को बहा ले जाएगी? 294 सीटों वाली विधानसभा के लिए होने वाले मतदान और 4 मई के परिणाम ही तय करेंगे कि पठान का यह सियासी आत्मविश्वास हकीकत में बदलता है या नहीं।

अन्य प्रमुख खबरें