नशे के कारोबार पर सख्ती के निर्देश, अवैध मादक पदार्थों की सूचना देने के लिए जारी किए हेल्पलाइन नंबर

खबर सार :-
नार्को समन्वय केंद्र तंत्र की जिला-स्तरीय स्थायी समिति की बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता जिला कलेक्टर डॉ. अमित यादव ने की।  इस दौरान उन्होंने नशा मुक्त श्रीगंगानगर अभियान की विस्तरित जानकारी ली।

नशे के कारोबार पर सख्ती के निर्देश, अवैध मादक पदार्थों की सूचना देने के लिए जारी किए हेल्पलाइन नंबर
खबर विस्तार : -

श्रीगंगानगरः नार्को कोऑर्डिनेशन सेंटर तंत्र की जिला स्तरीय स्टैंडिंग कमेटी की बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित हुई। बैठक की अध्यक्षता जिला कलक्टर डॉ. अमित यादव ने की। इस दौरान जिले में चलाए जा रहे “नशा मुक्त श्रीगंगानगर अभियान” की समीक्षा करते हुए नशे के कारोबार में संलिप्त लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।

मेडिकल स्टोर संचालकों के खिलाफ होगी कार्रवाई

जिला कलक्टर ने कहा कि अवैध मादक पदार्थों की बिक्री और तस्करी को रोकने के लिए प्रशासन पूरी गंभीरता से काम कर रहा है। उन्होंने आमजन से भी इस अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की। अवैध नशे के कारोबार से जुड़ी जानकारी जिला पुलिस के व्हाट्सएप नंबर 8764513201 और जिला प्रशासन के हेल्पलाइन नंबर 9351504313 पर देने की अपील की गई है।

बैठक में जिला कलक्टर ने स्वास्थ्य और औषधि नियंत्रक विभाग को निर्देश दिए कि नशे में इस्तेमाल होने वाली दवाओं की उपलब्धता और स्टॉक की नियमित जांच की जाए। मेडिकल स्टोर्स पर सीसीटीवी कैमरे लगाने और दवाओं के रिकॉर्ड की आकस्मिक जांच करने के भी निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि अनियमितता पाए जाने पर संबंधित मेडिकल स्टोर संचालकों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाए।

उन्होंने विशेष रूप से शेड्यूल एच1 में शामिल प्रीगाबालिन दवा के रिकॉर्ड संधारण पर जोर देते हुए कहा कि औषधि नियंत्रक विभाग इसकी नियमित मॉनिटरिंग करे। साथ ही प्रतिबंधित दवाओं की बिक्री पर पूर्ण रोक लगाने के निर्देश भी दिए गए।

जारी किया हेल्पलाइन नंबर 

बैठक में नशा मुक्ति केंद्रों, मेडिकल स्टोर्स और अन्य संबंधित संस्थाओं के रिकॉर्ड संधारण की समीक्षा भी की गई। जिला कलक्टर ने अधिकारियों से कहा कि जिले में उन क्षेत्रों और मार्गों को चिन्हित किया जाए जहां नशे का कारोबार अधिक सक्रिय है और वहां विशेष अभियान चलाकर कार्रवाई की जाए।

उन्होंने यह भी कहा कि नशे से संबंधित मानसिक समस्याओं के समाधान के लिए टेली मानस हेल्पलाइन नंबर 1800-89-14416 और 14416 का उपयोग किया जा सकता है। लोगों को इन सेवाओं के बारे में जागरूक करने के निर्देश भी दिए गए।

बैठक में हरिशंकर, जिला पुलिस अधीक्षक ने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों में मादक पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए पुलिस के साथ-साथ अन्य एजेंसियों की भी महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने बताया कि समन्वित प्रयासों के चलते ड्रोन डोपिंग जैसी गतिविधियों में कमी आई है और इनके खिलाफ लगातार कार्रवाई जारी है।

एसपी ने कहा कि “नशा मुक्त श्रीगंगानगर अभियान” के तहत जागरूकता कार्यक्रम भी चलाए जा रहे हैं। विद्यार्थियों को नैतिक शिक्षा, समाजोपयोगी कार्यों और नशे से होने वाले नुकसान के बारे में जानकारी देकर उन्हें नशा छोड़ने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।

बैठक में एडीएम सतर्कता रीना, गंगानगर एसडीएम नयन गौतम, महावीर प्रसाद, सीएमएचओ डॉ. अजय सिंगला, पीएमओ डॉ. सुखदेव बराड़, शिवा चौधरी, महेश मीणा, नेमीचंद वर्मा और पंकज सैनी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि जिले में नशे के कारोबार और प्रतिबंधित दवाओं की बिक्री के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा।
 

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