शाहजहांपुर के बंडा क्षेत्र में धड़ल्ले से अवैध मिट्टी खनन, मिलीभगत के आरोप

खबर सार :-
मिट्टी खनन की निगरानी के लिए ज़िम्मेदार अधिकारी चुप्पी साधे हुए हैं। अवैध मिट्टी खनन दिन-रात बेरोकटोक जारी है, और खनन माफ़िया बिना किसी डर के अपना काम कर रहे हैं। मिट्टी को सरकारी परमिट की आड़ में बेचा जा रहा है। एक ही परमिट का इस्तेमाल कई जगहों पर खनन कार्य करने के लिए किया जा रहा है।

शाहजहांपुर के बंडा क्षेत्र में धड़ल्ले से अवैध मिट्टी खनन, मिलीभगत के आरोप
खबर विस्तार : -

शाहजहांपुरः उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले के बंडा थाना क्षेत्र में अवैध मिट्टी खनन का मामला लगातार बढ़ता जा रहा है। क्षेत्र के कई गांवों में दिन-रात खुलेआम मिट्टी का खनन किया जा रहा है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी इस पूरे मामले पर मौन बने हुए हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि खनन माफिया प्रशासन और कुछ कर्मचारियों की मिलीभगत से सरकारी नियमों को धता बताते हुए बड़े पैमाने पर मिट्टी खनन कर रहे हैं।

ग्रामीणों को हो रही परेशानी

ग्रामीणों के अनुसार, परमिशन के नाम पर एक जगह की अनुमति लेकर कई स्थानों पर मिट्टी का खनन किया जा रहा है। खनन माफिया अधिकारियों को गुमराह कर सरकारी जमीनों और खेतों से लगातार मिट्टी निकाल रहे हैं। क्षेत्र में दिन हो या रात, मिट्टी से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉलियां तेज रफ्तार में दौड़ती नजर आती हैं, जिससे ग्रामीणों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

बंडा क्षेत्र के सैदापुर, डावचाट, पड़रिया, दलेलपुर, आलमपुर, पिपरिया, लुकमानपुर, बेहेरा, सिंगापुर, पनई, मकसूदापुर, भगवंतपुर, मुड़िया छावनी, भाभी और ररुआ सहित एक दर्जन से अधिक गांवों में बड़े स्तर पर मिट्टी खनन होने की बात सामने आई है। ग्रामीणों का कहना है कि अगर इसी तरह अवैध खनन जारी रहा तो आने वाले समय में उपजाऊ भूमि बंजर हो सकती है।

स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि लेखपाल और पुलिस की कथित मिलीभगत के चलते खनन माफियाओं के हौसले बुलंद हैं। उनका कहना है कि शिकायतों के बावजूद प्रशासन कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर रहा। वहीं, जिम्मेदार अधिकारी मामले में चुप्पी साधे हुए हैं।

ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से अवैध मिट्टी खनन पर तत्काल रोक लगाने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो पर्यावरण और कृषि भूमि को भारी नुकसान हो सकता है।
 

अन्य प्रमुख खबरें