पीलीभीत में महिला ने लगाया मारपीट और जेवर छीनने का आरोप, एसपी से लगाई न्याय की गुहार

खबर सार :-
स्थानीय स्तर पर कार्रवाई न होने से निराश पीड़िता अब न्याय की उम्मीद लेकर पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंची। उन्होंने पुलिस अधीक्षक से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज करने तथा कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की है।
पीलीभीत में महिला ने लगाया मारपीट और जेवर छीनने का आरोप, एसपी से लगाई न्याय की गुहार
खबर विस्तार : -

पीलीभीतः जनपद के थाना माधोटांडा क्षेत्र में एक महिला के साथ कथित मारपीट, अभद्रता और जेवर छीनने का मामला सामने आया है। पीड़िता ने पुलिस अधीक्षक को शिकायती पत्र देकर आरोपियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर सख्त कार्रवाई किए जाने की मांग की है। महिला ने स्थानीय पुलिस पर भी शिकायत के बावजूद उचित कार्रवाई न करने का आरोप लगाया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार थाना माधोटांडा क्षेत्र की निवासी एक महिला ने पुलिस अधीक्षक को दिए गए प्रार्थना पत्र में बताया कि 5 जून 2026 की शाम करीब सात बजे वह अपने पति के साथ घर के बाहर खड़ी थीं। आरोप है कि उसी दौरान गांव के निवासी शारिक खां, नुशरत खां और नुशरत खां की पत्नी शबाना वहां से गुजर रहे थे। पीड़िता का कहना है कि आरोपियों ने उन्हें देखते ही आपत्तिजनक टिप्पणियां करनी शुरू कर दीं और गाली-गलौज करने लगे।

महिला के अनुसार जब उन्होंने इस व्यवहार का विरोध किया तो आरोपी आक्रोशित हो गए और उनके साथ मारपीट शुरू कर दी। आरोप है कि नुशरत खां और शबाना ने उन्हें लात-घूंसों से पीटा। पीड़िता का यह भी आरोप है कि मारपीट के दौरान उनके कानों से करीब एक तोला वजन के सोने के कुंडल निकाल लिए गए। साथ ही शारिक खां पर उनके कपड़े फाड़ने का प्रयास करने का भी आरोप लगाया गया है।

पीड़िता के मुताबिक घटना के दौरान उनके शोर मचाने पर आसपास के लोग मौके की ओर आने लगे, जिसके बाद आरोपी वहां से फरार हो गए। महिला का आरोप है कि जाते समय आरोपियों ने उन्हें और उनके परिवार को गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी भी दी।

महिला ने बताया कि घटना के तुरंत बाद वह शिकायत लेकर थाना माधोटांडा पहुंचीं, लेकिन वहां उनकी शिकायत पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। उनका आरोप है कि पुलिस ने उनकी बात गंभीरता से नहीं सुनी और उन्हें डांट-फटकार कर वापस भेज दिया।

फिलहाल पुलिस अधीक्षक कार्यालय को सौंपे गए शिकायती पत्र के आधार पर मामले की जांच की प्रक्रिया शुरू किए जाने की संभावना है। हालांकि समाचार लिखे जाने तक पुलिस की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया था।

अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि जांच के बाद पुलिस क्या तथ्य सामने लाती है और पीड़िता द्वारा लगाए गए आरोपों के संबंध में क्या कार्रवाई की जाती है। क्षेत्र में यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है और पीड़िता न्याय की मांग पर अडिग है।

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