नेतेवाला ग्राम पंचायत में मध्यस्थता अभियान पर बैठक, विवादों के सौहार्दपूर्ण समाधान पर जोर

खबर सार :-
बैठक में मध्यस्थता के माध्यम से निस्तारित किए जा सकने वाले मामलों, कम्युनिटी मेडिएटर्स की भूमिका, मध्यस्थता सत्र की प्रक्रिया और समझौता पत्र  की विस्तृत जानकारी भी दी गई। ग्रामीणों को छोटे और राजीनामा योग्य विवादों को अदालत तक ले जाने के बजाय आपसी सहमति से हल करने के लिए प्रेरित किया गया।
नेतेवाला ग्राम पंचायत में मध्यस्थता अभियान पर बैठक, विवादों के सौहार्दपूर्ण समाधान पर जोर
खबर विस्तार : -

श्रीगंगानगरः राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा), नई दिल्ली द्वारा संचालित राष्ट्रव्यापी मध्यस्थता अभियान “कम्युनिटी मेडिएशन – टुवर्ड ए लिटिगेशन-फ्री रूरल इंडिया 2026” के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर शुक्रवार को ग्राम पंचायत नेतेवाला में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव रवि प्रकाश सुथार (अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश) ने की।

बैठक के दौरान एडीजे रवि प्रकाश सुथार ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य ग्राम स्तर पर सामुदायिक मध्यस्थता को बढ़ावा देना और छोटे-छोटे विवादों का आपसी सहमति एवं सौहार्दपूर्ण तरीके से समाधान सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि इससे अनावश्यक मुकदमेबाजी को कम करने में मदद मिलेगी और न्यायालयों पर लंबित मामलों का बोझ भी घटेगा।

उन्होंने जानकारी दी कि नालसा द्वारा इस अभियान के प्रथम चरण की शुरुआत 16 फरवरी 2026 को उत्तर प्रदेश के बागपत जिले की छह ग्राम पंचायतों से की गई थी। प्रथम चरण की सफलता के बाद अब इसे दूसरे चरण में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में देश के प्रत्येक जिले की चयनित पांच ग्राम पंचायतों में लागू किया जा रहा है।

इसी क्रम में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, श्रीगंगानगर द्वारा नेतेवाला ग्राम पंचायत का चयन इस विशेष अभियान के लिए किया गया है। अधिकारियों का मानना है कि इन पंचायतों में मध्यस्थता के माध्यम से विवादों का समाधान सफल होने पर इसे पूरे देश में समान रूप से लागू किया जाएगा।

एडीजे सुथार ने बताया कि प्रत्येक चयनित ग्राम पंचायत में 15 सदस्यीय मध्यस्थ समूह का गठन किया जाएगा, जो स्थानीय स्तर पर विवादों को सुलझाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि नालसा और रालसा द्वारा इन मध्यस्थों को विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा, ताकि वे प्रभावी ढंग से विवादों का समाधान कर सकें।

अधिकारियों ने कहा कि इस पहल से न केवल ग्रामीण स्तर पर आपसी विश्वास और सहयोग बढ़ेगा, बल्कि न्याय प्रणाली पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। यह अभियान ग्रामीण भारत में न्यायिक सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

इस अवसर पर भंवर लाल स्वामी (बीडीओ), बादल प्रकाश (ग्राम विकास अधिकारी), भूपेश कुमार (प्रगति प्रसार अधिकारी), विनोद कुमार (पंचायत समिति सदस्य) तथा एलएडीसी अमनदीप चलाना सहित कई अधिकारी और ग्रामीण उपस्थित रहे।
 

अन्य प्रमुख खबरें