मुजफ्फरनगर में पटाखा गोदाम में भीषण आग, 2 बच्चे झुलसे, बड़ा हादसा टला

खबर सार :-
पुलिस को मुजफ्फरनगर के रतनपुरी थाना क्षेत्र में स्थित मोहम्मदपुर माफी गांव में पटाखों के एक गोदाम में भीषण आग लग गई। स्थिति का जायजा लेने के लिए तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस के साथ तालमेल बिठाते हुए, दमकल विभाग की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आग पर सफलतापूर्वक काबू पा लिया।

मुजफ्फरनगर में पटाखा गोदाम में भीषण आग, 2 बच्चे झुलसे, बड़ा हादसा टला
खबर विस्तार : -

मुजफ्फरनगरः जिले के थाना रतनपुरी क्षेत्र के ग्राम मोहम्मदपुर माफी में एक पटाखा गोदाम में भीषण आग लगने से हड़कंप मच गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया। समय रहते आग बुझा लिए जाने से एक बड़ा हादसा टल गया।

जानकारी के अनुसार, क्षेत्राधिकारी फुगाना/बुढ़ाना यतेन्द्र सिंह नागर और थाना रतनपुरी पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची और राहत कार्य शुरू कराया। फायर ब्रिगेड की टीम ने पुलिस के सहयोग से तेजी से कार्रवाई करते हुए आग को फैलने से रोक दिया।

दो बच्चे गंभीर रूप से झुलसे

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह गोदाम उमरेज पुत्र कसमुद्दीन के घेर में संचालित हो रहा था, जहां अवैध रूप से पटाखा बनाने का काम किया जा रहा था। घटना के दौरान वहां काम कर रहे दो नाबालिग बच्चे—कासिम (15 वर्ष) और हुजैफा (15 वर्ष)—आग की चपेट में आकर गंभीर रूप से झुलस गए। दोनों घायलों को तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है।

जांच के दौरान यह भी खुलासा हुआ कि गोदाम बिना किसी वैध लाइसेंस के संचालित किया जा रहा था। हादसे के बाद गोदाम संचालक मौके से फरार हो गया। पुलिस को यह भी जानकारी मिली है कि इस गोदाम को गाजियाबाद के लोनी क्षेत्र के कुछ लोगों ने किराये पर लेकर चलाया हुआ था।

दोषियों के खिलाफ होगी सख्त कार्रवाई

घटना की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी उमेश मिश्रा और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा ने मौके का निरीक्षण किया और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। प्रशासन ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के लिए एक समिति का गठन किया है।

अधिकारियों का कहना है कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस फरार संचालक की तलाश में जुटी हुई है और अवैध पटाखा निर्माण पर भी नजर रखी जा रही है।

यह घटना एक बार फिर अवैध रूप से संचालित पटाखा इकाइयों की गंभीरता और उससे जुड़े खतरों को उजागर करती है, जिस पर सख्त नियंत्रण की आवश्यकता है।

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