परशुराम जयंती पर 18 अप्रैल को निकलेगी भव्य शोभायात्रा, बैठक में लिया गया फैसला

खबर सार :-
22 मार्च को पुष्प वाटिका मैरिज हॉल में भगवान परशुराम सेवा संस्थान की बैठक हुई, जिसमें निर्णय लिया गया कि 18 अप्रैल को भगवान परशुराम की जयंती के उपलक्ष्य में लक्ष्मी व्यायाम मंदिर से शोभा यात्रा निकाली जाएगी।

परशुराम जयंती पर 18 अप्रैल को निकलेगी भव्य शोभायात्रा, बैठक में लिया गया फैसला
खबर विस्तार : -

झांसीः भगवान परशुराम जयंती को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। शहर में 18 अप्रैल को भगवान परशुराम सेवा संस्था द्वारा एक भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी, जिसे लेकर 22 मार्च को पुष्प वाटिका विवाह घर में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में आयोजन को लेकर विस्तृत चर्चा की गई और कार्यक्रम को भव्य स्वरूप देने के लिए कई अहम निर्णय लिए गए।

लक्ष्मी व्यायाम मंदिर से शुरू होगी यात्रा

बैठक में तय किया गया कि भगवान परशुराम जन्मोत्सव के उपलक्ष्य में शोभायात्रा 18 अप्रैल को शाम 4 बजे लक्ष्मी व्यायाम मंदिर से प्रारंभ होगी। यह शोभायात्रा नगर के प्रमुख मार्गों से होकर गुजरेगी, जिसमें खंडेराव गेट, कोतवाली, गांधीगर का टपरा, बिसाती बाजार, गांधी रोड, सुभाष गंज, रानी महल, सिंधी तिराहा होते हुए पुनः लक्ष्मी व्यायामशाला पर समाप्त होगी। आयोजकों का कहना है कि इस बार शोभायात्रा को पहले से अधिक आकर्षक और भव्य बनाने का प्रयास किया जा रहा है।

इस आयोजन के संचालन के लिए लगभग 80 सदस्यों की एक कमेटी का गठन किया गया है, जो शोभायात्रा की व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी संभालेगी। बैठक में समिति के विस्तार का भी निर्णय लिया गया, ताकि अधिक से अधिक लोगों को आयोजन से जोड़ा जा सके और कार्यक्रम को सफल बनाया जा सके।

यूजीसी एक्ट का विरोध

बैठक में मैथिली मुद्गल, गोकुल दुबे, रामनारायण शर्मा, आर.एन. उपाध्याय, चंद्रशेखर तिवारी, दीपक व्यास, लखन पुरोहित, केशव पटेरिया, संतोष गोस्वामी, महेश चंद्र गौतम, देवेंद्र रावत, अमित तिवारी, विवेक बाजपेई सहित कई प्रमुख सदस्य उपस्थित रहे। सभी ने शोभायात्रा को भव्य और व्यवस्थित बनाने के लिए अपने-अपने सुझाव साझा किए।

इसके साथ ही बैठक में मौजूद सदस्यों ने सरकार द्वारा प्रस्तावित यूजीसी एक्ट का विरोध करने का भी निर्णय लिया। इस मुद्दे पर सभी ने एकजुटता दिखाते हुए अपनी बात रखने की सहमति जताई।

कार्यक्रम का संचालन अंचल अरजरिया ने किया, जबकि अंत में चंद्रशेखर तिवारी ने सभी उपस्थित सदस्यों का आभार व्यक्त किया। आयोजन समिति को उम्मीद है कि यह शोभायात्रा शहर में सामाजिक और धार्मिक एकता का संदेश देगी और बड़ी संख्या में श्रद्धालु इसमें शामिल होंगे।
 

अन्य प्रमुख खबरें