Jhansi Robbery : मकान की रेकी कर ज्वैलर के घर पर धावा, शादी की खुशियों के बीच बदमाशों ने खंगाली तिजोरियां; लाखों की डकैती से इलाका थर्राया

खबर सार :-
Jhansi Robbery : झांसी के एरच थाना क्षेत्र में बदमाशों ने सर्राफा व्यापारी जितेंद्र सोनी के घर को निशाना बनाकर लाखों की डकैती डाली। परिवार शादी में टीकमगढ़ गया था, तभी रेकी कर बदमाशों ने दुकान और घर की अलमारियां साफ कर दीं। पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर चोरों की तलाश में जुटी है।

Jhansi Robbery : मकान की रेकी कर ज्वैलर के घर पर धावा, शादी की खुशियों के बीच बदमाशों ने खंगाली तिजोरियां; लाखों की डकैती से इलाका थर्राया
खबर विस्तार : -

झांसी/एरच: उत्तर प्रदेश के झांसी जिले में बेखौफ बदमाशों ने पुलिस के इकबाल को चुनौती देते हुए एक बड़ी वारदात को अंजाम दिया है। एरच थाना क्षेत्र के इस्किल गांव में बदमाशों ने एक सर्राफा कारोबारी के घर और दुकान को निशाना बनाते हुए लाखों रुपये के जेवरात और नकदी पार कर दी। वारदात की सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि बदमाशों ने इस घटना को बेहद इत्मीनान से अंजाम दिया, जिससे साफ जाहिर होता है कि उन्होंने पहले पूरे घर की 'रेकी' की थी और उन्हें परिवार के बाहर होने की पल-पल की जानकारी थी।

Jhansi Robbery : खुशियों के घर में पसरा सन्नाटा: क्या है पूरा मामला?

घटना एरच थाना अंतर्गत आने वाले ग्राम इस्किल की है। यहाँ के निवासी जितेंद्र कुमार सोनी (पुत्र स्वर्गीय रामशंकर सोनी) का घर और सोने-चांदी के जेवरात की दुकान एक ही परिसर में स्थित है। घर में भतीजी महक की शादी का उत्सव था, जिसके लिए पूरा परिवार बीते 9 मार्च को मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ स्थित 'शिवांश पैलेस' गया हुआ था।
जितेंद्र सोनी के मुताबिक, वे 9 मार्च को सुबह करीब 11 बजे घर और दुकान को अच्छी तरह से ताला लगाकर परिवार सहित शादी समारोह में शामिल होने निकल गए थे। घर सूना था, और इसी का फायदा उठाते हुए बदमाशों ने 9 और 10 मार्च की दरमियानी रात को धावा बोल दिया।

Jhansi Robbery : बारीकी से तलाशी और इत्मीनान से लूट: पेशेवर थे बदमाश

अमूमन चोर जल्दबाजी में हाथ साफ कर भाग निकलते हैं, लेकिन इस्किल की इस वारदात में बदमाशों की कार्यशैली किसी पेशेवर गैंग की ओर इशारा कर रही है। बदमाशों ने घर में घुसने के बाद सबसे पहले दुकान के काउंटर की दराजों को खंगाला। वहां रखे सोने-चांदी के आभूषणों के साथ-साथ 35 हजार रुपये की नकदी पर हाथ साफ किया।
चोरों का मन इतने से भी नहीं भरा। उन्होंने घर के अंदरूनी हिस्सों में प्रवेश किया और जितेंद्र की माता जी के पूजा वाले कमरे में रखी अलमारी का ताला तोड़ दिया। वहां रखे पुश्तैनी जेवरात और कीमती सामान को भी समेट लिया गया। घर के बिखरे हुए सामान को देखकर यह स्पष्ट है कि बदमाशों को पता था कि कीमती सामान कहाँ छिपाकर रखा गया है।

Jhansi Robbery : पड़ोसियों की सूचना पर फटे रह गए कान

वारदात का पता 10 मार्च की सुबह चला जब जितेंद्र के चाचा, जो पास में ही रहते हैं, ने घर का ताला टूटा हुआ देखा। उन्होंने तत्काल फोन कर जितेंद्र को इसकी सूचना दी। शादी की खुशियों में डूबा परिवार आनन-फानन में जब गांव पहुँचा, तो घर के अंदर का मंजर देखकर उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। अलमारियां खुली पड़ी थीं, सामान जमीन पर बिखरा था और तिजोरियां खाली थीं।
पीड़ित जितेंद्र सोनी ने बताया कि बदमाशों ने उनकी मेहनत की कमाई पर एक ही रात में डाका डाल दिया। उन्होंने तुरंत स्थानीय एरच थाना पुलिस को लिखित तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है।

Jhansi Robbery : सीसीटीवी में कैद हुए चेहरे, पुलिस के हाथ लगा सुराग

सूचना मिलते ही एरच पुलिस सक्रिय हुई और मौके पर पहुँचकर साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने घर में लगे सीसीटीवी कैमरों की पड़ताल की, जिसमें बदमाशों की गतिविधियां और उनके चेहरे कैद होने की बात सामने आ रही है। पुलिस ने सुरक्षा के लिहाज से सीसीटीवी का डीवीआर (DVR) अपने कब्जे में ले लिया है। वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि फुटेज के आधार पर बदमाशों की शिनाख्त की जा रही है। प्रारंभिक जांच में यह "इनसाइडर जॉब" या किसी ऐसे गिरोह का काम लग रहा है जिसने पहले कई दिनों तक परिवार की आवाजाही पर नजर रखी थी। अपराधियों की धरपकड़ के लिए पुलिस की टीमें गठित कर दी गई हैं।

Jhansi Robbery : झांसी में बढ़ता अपराध, उठते सवाल

इस घटना ने एक बार फिर पुलिस की गश्त और खुफिया तंत्र पर सवालिया निशान लगा दिए हैं। विशेषकर ग्रामीण इलाकों में शादी-विवाह के सीजन में जब लोग घरों से बाहर होते हैं, तब इस तरह की वारदातों का बढ़ना चिंता का विषय है। इस्किल गांव के निवासियों में इस डकैती के बाद से ही डर का माहौल है। लोगों का कहना है कि अगर बदमाशों में पुलिस का खौफ होता, तो वे इतनी तसल्ली से पूरे घर को नहीं खंगालते। झांसी की यह वारदात सबक है उन लोगों के लिए जो लंबी अवधि के लिए घर छोड़कर जाते हैं। सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि केवल तालों के भरोसे घर छोड़ना पर्याप्त नहीं है। हालांकि, इस मामले में डिजिटल साक्ष्य (CCTV) पुलिस के लिए सबसे बड़ी उम्मीद हैं। अब देखना यह होगा कि झांसी पुलिस कितनी जल्दी इन बदमाशों को सलाखों के पीछे पहुँचाकर पीड़ित परिवार को न्याय दिला पाती है।

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