Bihar New CM Samrat Choudhary: नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद बिहार में मुख्यमंत्री पद को लेकर चल रही राजनीतिक उठापटक का दौर अब खत्म हो गया है। मंगलवार को भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायक दल की बैठक में सम्राट चौधरी को सर्वसम्मति से नेता चुन लिया गया। इसके साथ ही सम्राट चौधरी के मुख्यमंत्री बनने का रास्ता साफ हो गया है। एनडीए के विधायक दल का नेता चुने जाने के बाद सम्राट चौधरी लोक भवन पहुंचे और वहां राज्यपाल से मिलकर नई सरकार बनाने का दावा पेश किया। सम्राट चौधरी बुधवार सुबह 11:00 बजे सीएम पद की शपथ लेंगे।
इससे पहले, पटना स्थित BJP कार्यालय में विधायक दल की बैठक हुई, जिसकी अध्यक्षता प्रदेश पर्यवेक्षक और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने की। इस बैठक में सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा सहित पार्टी के सभी प्रमुख नेता मौजूद थे। बैठक में सर्वसम्मति से लिए गए फैसले के बाद, शिवराज सिंह चौहान ने सम्राट चौधरी के नाम की घोषणा नेता के तौर पर की।
इस बीच, सम्राट चौधरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर केंद्रीय नेतृत्व का आभार व्यक्त किया कि उन्होंने उन्हें इस नई जिम्मेदारी के लिए चुना। उन्होंने लिखा, "मैं भारतीय जनता पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व का हृदय से आभार व्यक्त करता हूं कि उन्होंने मुझ पर विश्वास जताया और मुझे बिहार में BJP विधायक दल का नेतृत्व करने की जिम्मेदारी सौंपी।" सम्राट चौधरी के विधायक दल के नेता चुने जाने के बाद, उन्हें बधाई और शुभकामनाओं का तांता लग गया है।
इससे पहले, नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री पद से अपना इस्तीफा सौंप दिया था। इस्तीफा सौंपने की प्रक्रिया के दौरान प्रशासनिक औपचारिकताएं पूरी की गईं। मुख्यमंत्री ने राज्यपाल सैयद अता हसनैन से मिलकर उन्हें अपना इस्तीफ़ा सौंपा, जिसके बाद वे लोक भवन से बाहर निकल गए। पद छोड़ने के बाद, उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं और आम जनता के नाम एक भावुक पोस्ट भी शेयर किया।
16 नवंबर 1968 को जन्मे सम्राट चौधरी पिता का नाम शकुनी चौधरी है और उनकी मां का नाम पार्वती देवी है। सम्राट चौधरी की शादी ममता कुमारी से हुई है। उनका एक बेटा और एक बेटी है। सम्राट चौधरी को राजनीति विरासत में मिली। सम्राट चौधरी ने अपने पिता के मार्गदर्शन में अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत की। दिलचस्प बात यह है कि जिस RJD और विशेष रूप से लालू प्रसाद और तेजस्वी यादव का सम्राट चौधरी विरोध करते हैं, कही उन्हीं लालू प्रसाद यादव की पाठशाला में राजनीति के ककहरे सीखे थे। असल में, उन्होंने अपनी राजनीतिक यात्रा की शुरुआत आरजेडी से ही की थी। दरअसल उनके पिता शकुनी चौधरी राज्य के प्रमुख नेताओं में गिने जाते हैं। शकुनी कभी लालू प्रसाद यादव के करीबी और विश्वासपात्र हुआ करते थे। हालांकि समय के साथ शकुनी चौधरी ने अपनी राजनीतिक यात्रा को एक नई दिशा दी और नीतीश कुमार के साथ जुड़ गए।
सम्राट चौधरी ने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत राष्ट्रीय जनता दल (RJD) से की थी। हालांकि, बाद में वे जनता दल (यूनाइटेड) (JDU) में शामिल हो गए। साल 2014 में, जब CM नीतीश कुमार ने अपनी जगह जीतन राम मांझी को मुख्यमंत्री बनाने का फ़ैसला किया, तब सम्राट चौधरी ने जीतन राम मांझी की सरकार में मंत्री के तौर पर काम किया। जनता दल (यूनाइटेड) छोड़ने के बाद, वे भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल हो गए। चौधरी OBC समुदाय के भीतर प्रभावशाली कोइरी जाति से आते हैं।
सम्राट चौधरी को 2023 में पार्टी का प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया गया था और एक साल बाद वे उपमुख्यमंत्री बने। अब वह बिहार के दूसरे ऐसे नेता होंगे जो पहले डिप्टी सीएम रहे फिर सीएम बने। हालांकि बीजेपी ने अभी तक अगले मुख्यमंत्री के लिए अपने उम्मीदवार का आधिकारिक तौर पर ऐलान नहीं किया है, लेकिन उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को एक मज़बूत दावेदार के तौर पर देखा जा रहा है। इसकी मुख्य वजह निवर्तमान सरकार में उनके द्वारा संभाला गया अहम गृह मंत्रालय का पोर्टफ़ोलियो भी है।
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