श्री हरनी महादेव मंदिर में “सोमनाथ विरासत के 75 साल” कार्यक्रम आयोजित, श्रद्धा और संस्कृति का दिखा संगम

खबर सार :-
सोमवार को श्री हरणी महादेव मंदिर में आयोजित "सोमनाथ विरासत के 75 वर्ष" कार्यक्रम, आस्था और संस्कृति का संगम बनकर उभरा। मंदिर ट्रस्ट द्वारा आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे।

श्री हरनी महादेव मंदिर में “सोमनाथ विरासत के 75 साल” कार्यक्रम आयोजित, श्रद्धा और संस्कृति का दिखा संगम
खबर विस्तार : -

भीलवाड़ाः श्री हरनी महादेव मंदिर में सोमवार को आयोजित “सोमनाथ विरासत के 75 साल” कार्यक्रम श्रद्धा, संस्कृति और जनजागरूकता का अनूठा संगम बनकर सामने आया। श्री हरनी महादेव मंदिर ट्रस्ट की ओर से आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं और आमजन ने भाग लिया। पूरे दिन मंदिर परिसर “हर-हर महादेव” के जयघोष और भक्ति गीतों से गूंजता रहा। धार्मिक वातावरण के बीच लोगों को राज्य सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी दी गई।

सुख और समृद्धि की कामना

सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के अवसर पर मंदिर में विशेष श्रृंगार दर्शन, कलश यात्रा, रुद्राभिषेक और सोमनाथ मंदिर की गौरवगाथा का वाचन किया गया। श्रद्धालुओं ने भगवान शिव का जलाभिषेक कर देश और समाज की सुख-समृद्धि की कामना की। कलश यात्रा में महिलाओं, युवाओं और बुजुर्गों की उत्साहपूर्ण भागीदारी देखने को मिली। श्रद्धालु पारंपरिक वेशभूषा में धार्मिक अनुष्ठानों में शामिल हुए, जिससे पूरा माहौल भक्तिमय हो गया।

कार्यक्रम के दौरान राज्य सरकार की ओर से संचालित विभिन्न जनहितकारी योजनाओं की जानकारी भी लोगों तक पहुंचाई गई। आयोजकों ने बताया कि सरकार का उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना है। इसी सोच के तहत धार्मिक और सामाजिक आयोजनों को जनजागरूकता का माध्यम बनाया जा रहा है। कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण, सामाजिक सुरक्षा और स्वरोजगार से जुड़ी योजनाओं के बारे में श्रद्धालुओं को सरल भाषा में जानकारी दी गई, ताकि अधिक से अधिक लोग इनका लाभ प्राप्त कर सकें।

मंदिर के ऐतिहासिक महत्व को बताया

उपस्थित लोगों ने कहा कि इस प्रकार के आयोजन समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं। उनका मानना था कि धार्मिक आयोजनों के माध्यम से जब जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी जाती है, तो आमजन तक संदेश अधिक प्रभावी तरीके से पहुंचता है। लोगों ने राज्य सरकार की जनहितकारी सोच और विकासोन्मुख प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन सामाजिक एकता और सांस्कृतिक मूल्यों को मजबूत करने का कार्य करते हैं।

कार्यक्रम में सांसद दामोदर अग्रवाल ने कहा कि भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक परंपराएं समाज को जोड़ने का काम करती हैं। उन्होंने सोमनाथ मंदिर के ऐतिहासिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए इसे भारतीय स्वाभिमान और आस्था का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि धार्मिक विरासत को संरक्षित रखना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।

इस अवसर पर उपखंड अधिकारी अरुण जैन, जिला रसद अधिकारी अमरेंद्र मिश्रा, पूर्व यूआईटी चेयरमैन लक्ष्मीनारायण डाड, राजेंद्र कचोलिया, अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी जग जितेंद्र सिंह, ट्रस्ट अध्यक्ष नंदकिशोर दरक, सचिव ओमप्रकाश दरक, ट्रस्टी सुभाष बाहेती सहित कई गणमान्य नागरिक और श्रद्धालु उपस्थित रहे। कार्यक्रम शांतिपूर्ण और भव्य वातावरण में संपन्न हुआ।

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