Bhilwara MD Drug Factory : पहाड़ियों के पीछे छिपी मौत की सौदागर फैक्ट्री पर चला प्रशासन का हंटर, ढहाया गया अवैध फार्म हाउस

खबर सार :-
Bhilwara MD Drug Factory : भीलवाड़ा के बिजौलिया में अवैध रूप से संचालित हो रही एमडी ड्रग फैक्ट्री पर प्रशासन ने बुलडोजर चलाकर उसे ध्वस्त कर दिया है। चंपापुर की पहाड़ियों में छिपे इस करोड़ों के ड्रग रैकेट का पर्दाफाश करते हुए पुलिस ने भारी मात्रा में केमिकल बरामद किया है। जानिए इस सनसनीखेज नेटवर्क के पीछे की पूरी इनसाइड स्टोरी।
Bhilwara MD Drug Factory : पहाड़ियों के पीछे छिपी मौत की सौदागर फैक्ट्री पर चला प्रशासन का हंटर, ढहाया गया अवैध फार्म हाउस
खबर विस्तार : -

भीलवाड़ा : राजस्थान के शांत माने जाने वाले भीलवाड़ा जिले के बिजौलिया उपखंड में कानून के इकबाल ने शनिवार को एक ऐसा खौफनाक मंजर देखा, जिसने सीमावर्ती राज्यों के नशा तस्करों के हौसलों को पूरी तरह पस्त कर दिया। चंपापुर गांव की दुर्गम और सुनसान पहाड़ियों के बीच चल रही भीलवाड़ा एमडी ड्रग फैक्ट्री (Bhilwara MD Drug Factory) पर जिला प्रशासन और पुलिसिया तंत्र ने संयुक्त रूप से ऐसी बड़ी कार्रवाई (Bulldozer Action) को अंजाम दिया, जिसकी गूंज पूरे प्रदेश में सुनाई दे रही है। शनिवार की अलसुबह जब भारी पुलिस जाब्ते के साथ राजस्व विभाग की टीम वहां पहुंची, तो तस्करों द्वारा आलीशान तरीके से बनाए गए अवैध फार्म हाउस पर गरजते हुए बुलडोजर (Bulldozer) ने प्रहार करना शुरू कर दिया। देखते ही देखते कुछ ही पलों के भीतर वह पक्का ठिकाना मलबे के ढेर में तब्दील हो गया, जहां से युवाओं की रगों में जहर घोलने का एक बड़ा नेटवर्क संचालित किया जा रहा था। यह विध्वंस केवल ईंट-पत्थरों से बने कमरों को गिराना नहीं था, बल्कि राजस्थान की धरती को नशे की मंडी बनाने का ख्वाब देख रहे माफियाओं की कमर तोड़ना था।

बिजौलिया के तहसीलदार ललित डीडवानिया ने इस पूरे मामले को लेकर बताया कि राजस्व विभाग की विशेष टीम द्वारा सबसे पहले मौके पर जाकर मुआयना किया गया था। वहां तैयार किए गए मौका पर्चा और विस्तृत जांच रिपोर्ट के आधार पर इस पूरे निर्माण को पूरी तरह से गैर-कानूनी और अतिक्रमण की श्रेणी में पाया गया। इसके तुरंत बाद इसे जमींदोज़ करने का कड़ा फैसला लिया गया। इस बड़ी कार्रवाई (Bulldozer Action) को सुचारू रूप से अंजाम देने के लिए क्षेत्र के आला पुलिस अधिकारियों के नेतृत्व में भारी मात्रा में सशस्त्र पुलिस बल की तैनाती की गई थी, ताकि किसी भी तरह की कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ने न पाए।

सरकारी ज़मीन पर कब्ज़ा और आलीशान ठिकाने का निर्माण

इस पूरे काले साम्राज्य की परतों को जब जांच एजेंसियों ने उधेड़ना शुरू किया, तो कई बेहद हैरान करने वाले तथ्य सामने निकल कर आए। जिस जमीन पर इस भीषण नशीले कारोबार की नींव रखी गई थी, वह राजस्व रिकॉर्ड के अनुसार राणा जी का गुढ़ा इलाके के रहने वाले एक विशिष्ट राजपूत परिवार के नौ खाताधारकों के नाम पर पंजीकृत है। पुलिस जांच में यह आरोप सामने आया है कि भंवर बंजारा नामक एक शातिर स्थानीय व्यक्ति ने इस जमीन के एक बड़े हिस्से पर अपना अवैध कब्जा जमा लिया था। कब्जा करने के बाद उसने बेहद चालाकी से यहां एक पक्का ढांचा तैयार करवाया, जिसमें सुख-सुविधाओं का पूरा ध्यान रखा गया था। इस अवैध परिसर में तीन बड़े कमरे, एक खुला बरामदा, अत्याधुनिक किचन और बाथरुम जैसी सुविधाएं बनाई गई थीं। निर्माण कार्य पूरा होते ही इस पूरे ठिकाने को महज सात हजार रुपए प्रति महीने के किराए पर मध्य प्रदेश और राजस्थान के बड़े ड्रग माफिया (Drug Racket Rajasthan) के गुर्गों को सौंप दिया गया था।

स्थानीय ग्रामीणों से जब गोपनीय तरीके से पूछताछ की गई, तो उन्होंने बताया कि महज छह महीने पहले तक इस निर्जन पहाड़ी क्षेत्र में कोई भी पक्का निर्माण मौजूद नहीं था। साल-दो साल पहले तक यह इलाका पूरी तरह सुनसान रहता था। पुलिसिया तफ्तीश में इस बात की पुष्टि हुई है कि इस भीलवाड़ा एमडी ड्रग फैक्ट्री (Bhilwara MD Drug Factory) में नशीले पदार्थों को बनाने का वास्तविक काम केवल दो से तीन दिन पहले ही शुरू किया गया था। इसका सीधा मतलब यह है कि मौत का यह खतरनाक खेल अपनी पूरी रफ्तार पकड़ पाता या बाजार में अपनी खेप उतार पाता, उससे पहले ही सुरक्षा एजेंसियों ने मुखबिर तंत्र की सूचना पर इस पूरे नेटवर्क को पूरी तरह नेस्तनाबूद कर दिया।

करोड़ों के केमिकल और तैयार माल की बड़ी बरामदगी

अगर समय रहते इस भीलवाड़ा एमडी ड्रग फैक्ट्री (Bhilwara MD Drug Factory) को पकड़ा न जाता, तो देश के कई राज्यों में तबाही मच सकती थी। केवल तीन दिन पहले हुई छापेमारी में पुलिस ने इस दुर्गम ठिकाने से लगभग 36 किलोग्राम तैयार एमडीएमए (MDMA Seizure), 155 लीटर घातक एमएम केमिकल, 30 लीटर अत्यंत सांद्र हाइड्रोक्लोरिक एसिड और करीब साढ़े आठ किलोग्राम कास्टिक सोडा अपने कब्जे में लिया था। इस बरामद की गई सामग्री की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करोड़ों रुपये आंकी जा रही है, जिससे इस नेटवर्क की भयावहता का साफ अंदाजा लगाया जा सकता है।

पुलिस के शिकंजे में आए आरोपियों ने रिमांड के दौरान जो खुलासे किए हैं, उसने पुलिस अधिकारियों की भी नींद उड़ा दी है। गिरफ्तार किए गए मुख्य आरोपियों में से एक शातिर अपराधी विशेष रूप से मध्य प्रदेश के कुछ कुख्यात नशा निर्माताओं के पास जाकर इस सिंथेटिक ड्रग को बनाने की पूरी वैज्ञानिक तकनीक और फॉर्मूला सीखकर आया था। शुरुआती पूछताछ से यह भी साफ हुआ है कि इस भीलवाड़ा एमडी ड्रग फैक्ट्री (Bhilwara MD Drug Factory) को धरातल पर स्थापित करने के लिए शुरुआती दौर में लगभग 20 से 25 लाख रुपए का भारी-भरकम निवेश किया गया था। इतनी बड़ी रकम का लगाया जाना और अत्याधुनिक उपकरणों का मिलना इस बात की तरफ साफ इशारा करता है कि इस पूरे खेल के पीछे कोई छोटा-मोटा अपराधी नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय एक बेहद संगठित और अत्यधिक प्रशिक्षित गिरोह (Drug Racket Rajasthan) काम कर रहा है।

पूछताछ का दायरा और आगामी बड़े खुलासे की उम्मीद

वर्तमान स्थिति की बात करें तो बडलियास थाना पुलिस इस मामले में अब तक तीन मुख्य आरोपियों को सलाखों के पीछे पहुंचा चुकी है, जबकि इस नेटवर्क की एक और अहम कड़ी माना जाने वाला चौथा आरोपी अभी भी पुलिस की गिरफ्त से दूर चल रहा है, जिसकी तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है। रिमांड पर लिए गए अपराधियों से कड़ी पूछताछ की जा रही है कि नशीला पदार्थ बनाने के लिए इस्तेमाल होने वाला यह घातक रॉ मैटेरियल (Raw Material) आखिरकार किस राज्य से और किस रास्ते से भीलवाड़ा तक पहुंचाया जा रहा था। इसके साथ ही इस फैक्ट्री में तैयार होने वाले माल को किन-किन महानगरीय शहरों और राज्यों के पब या रेव पार्टियों में सप्लाई किया जाना था, इसकी पूरी कुंडली खंगाली जा रही है।

प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, इस भीलवाड़ा एमडी ड्रग फैक्ट्री (Bhilwara MD Drug Factory) पर हुई कार्रवाई तो महज एक शुरुआत है। तहसीलदार ने कड़े शब्दों में संकेत दिए हैं कि पकड़े गए अपराधियों और उनके मददगारों की अन्य तमाम चल-अचल अवैध संपत्तियों की भी गहनता से जांच की जा रही है। इस कड़े रुख से साफ है कि भीलवाड़ा में शुरू हुआ नशे का यह बड़ा खेल आने वाले दिनों में कई बड़े और रसूखदार चेहरों को बेनकाब करने वाला है, जिसके छींटे कई रसूखदारों पर पड़ना तय माना जा रहा है। राजस्थान पुलिस (Rajasthan Police) की इस त्वरित और सख्त कार्रवाई ने यह साफ कर दिया है कि सूबे में अपराधियों के लिए अब कोई सुरक्षित पनाहगाह बाकी नहीं बची है।

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