मैं उस पार्टी से हूं, जिसका लीडर-डिप्टी लीडर मौजूद नहीं... राघव चड्ढा राज्यसभा में ऐसे कह गए अपने मन की बात

खबर सार :-
Raghav Chadha : आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने हरिवंश को सदन का उपसभापति नियुक्त होने पर बधाई दी। उन्होंने खुद को पार्टी के उपनेता पद से हटाए जाने का भी जिक्र किया।

मैं उस पार्टी से हूं, जिसका लीडर-डिप्टी लीडर मौजूद नहीं... राघव चड्ढा राज्यसभा में ऐसे कह गए अपने मन की बात
खबर विस्तार : -

Raghav Chadha Speech Rajya Sabha: आम आदमी पार्टी (AAP) के राज्यसभा सदस्य राघव चड्ढा ने शुक्रवार को उच्च सदन के उपसभापति के रूप में हरिवंश को उनके तीसरे कार्यकाल की शुरुआत पर बधाई दी। राघव ने कहा "मुझे विश्वास है कि हरिवंश जी के व्यापक अनुभव से सदन की कार्यप्रणाली को बहुत लाभ होगा और इसकी गरिमा, मर्यादा और लोकतांत्रिक परंपराओं को बनाए रखने में मदद मिलेगी।"

 राघव चड्ढा ने उपसभापति चुने पर हरिवंश को दी बधाई

चड्ढा ने कहा, "आम आदमी पार्टी के हाल ही में हटाए गए उपनेता के रूप में, मुझे बोलने का मौका देने के लिए धन्यवाद, और मैं हरिवंश जी को राज्यसभा के उपसभापति के रूप में उनके तीसरे कार्यकाल की शुरुआत के लिए बधाई देता हूं।" उन्होंने आगे कहा, ''पिछले कार्यकाल में हरिवंश जी के साथ मेरा व्यक्तिगत संबंध 'खट्टा-मीठा' था, लेकिन मुझे उम्मीद है और कोशिश करूंगा कि इस नए कार्यकाल में यह केवल 'मीठा-मीठा' ही रहे।' उन्होंने कहा कि कभी-कभी जब हम विषय से भटकते थे और राज्यसभा अध्यक्ष से डांट खाते थे तो संबंध बिगड़ते थे और जब हम अपने बयानों और चर्चा के मुद्दे पर केंद्रित रहते थे तो संबंध मधुर हो जाते थे।

राघव चड्ढा राज्यसभा में कह गए अपने मन की बात

राज्यसभा में अपनी बात रखते हुए आप सांसद राघव चड्ढा ने राज्यसभा के सभापति सीपी राधाकृष्णन से कहा कि सर, मैं जिस पार्टी से आता हूं उसके नेता यहां मौजूद नहीं हैं। मेरी पार्टी के उपनेता भी यहां मौजूद नहीं हैं। उन्होंने कहा कि मुझे हाल ही में उपनेता पद से हटा दिया गया है और मैं यहां मौजूद हूं। आगे राघव चड्ढा ने कहा, ''सर, मैं आपको (सभापति) भी बधाई देना चाहूंगा कि जब से आप इस सदन के अध्यक्ष बने हैं, हम सभी सदस्यों को बोलने का भरपूर मौका मिलता है।

हरिवंश नारायण सिंह की तीसरा कार्यकाल शुरू

गौरतलब है कि पत्रकारिता से राजनीति में आए हरिवंश नारायण सिंह का उपसभापति के तौर पर यह तीसरा कार्यकाल है। उन्हें उच्च सदन में निर्विरोध चुना गया। नौ अप्रैल को उच्च सदन में हरिवंश का कार्यकाल समाप्त होने के बाद राज्यसभा के उपसभापति का पद खाली हो गया था। इसके बाद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उन्हें राज्यसभा के लिए मनोनीत किया था। हरिवंश ने 10 अप्रैल को उच्च सदन की सदस्यता की शपथ ली थी।

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