FIFA World Cup 2026: ट्रंप ने कहा-ईरानी टीम का अमेरिका में होगा स्वागत, बढ़ते तनाव के बीच बड़ी कूटनीतिक पहल

खबर सार :-
बढ़ते वैश्विक तनाव के बीच फीफा विश्व कप 2026 को खेल कूटनीति की परीक्षा के रूप में देखा जा रहा है। ट्रंप द्वारा ईरानी टीम के स्वागत का आश्वासन यह संकेत देता है कि खेल को राजनीतिक विवादों से ऊपर रखने की कोशिश हो रही है। अगर परिस्थितियां सामान्य रहती हैं, तो यह टूर्नामेंट वैश्विक एकता और प्रतिस्पर्धा का बड़ा मंच साबित हो सकता है।

FIFA World Cup 2026: ट्रंप ने कहा-ईरानी टीम का अमेरिका में होगा स्वागत, बढ़ते तनाव के बीच बड़ी कूटनीतिक पहल
खबर विस्तार : -

FIFA World Cup 2026: वैश्विक खेल मंच और अंतरराष्ट्रीय राजनीति के बीच संतुलन बनाते हुए एक अहम बयान सामने आया है। फीफा अध्यक्ष Gianni Infantino ने बताया कि अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने उन्हें आश्वस्त किया है कि ईरान की राष्ट्रीय फुटबॉल टीम का FIFA World Cup 2026 में अमेरिका में स्वागत किया जाएगा। यह बयान ऐसे समय आया है जब पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और सैन्य गतिविधियों के कारण ईरान की भागीदारी को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही थीं।

United States, Mexico और Canada में होगा विश्व कप

2026 का फीफा विश्व कप 11 जून से 19 जुलाई तक संयुक्त रूप से United States, Mexico और Canada में आयोजित होगा। यह टूर्नामेंट इतिहास में पहली बार 48 टीमों के साथ खेला जाएगा, जिससे इसकी वैश्विक लोकप्रियता और भी बढ़ने की उम्मीद है। इन्फेंटिनो ने सोशल मीडिया पर साझा किए गए एक पोस्ट में बताया कि उन्होंने ट्रंप से मुलाकात के दौरान टूर्नामेंट की तैयारियों और बढ़ते उत्साह पर चर्चा की। उन्होंने लिखा कि सिर्फ 93 दिनों में शुरू होने जा रहे विश्व कप को लेकर तैयारियां तेज़ी से चल रही हैं और मेजबान देश पूरी तरह तैयार हैं।

FIFA World Cup 2026

विश्व कप में सभी योग्य टीमों को खेलने का अवसर

फीफा प्रमुख के अनुसार, बैठक में ईरान की मौजूदा परिस्थितियों पर भी विस्तार से बातचीत हुई। इन्फेंटिनो ने बताया कि ट्रंप ने स्पष्ट रूप से कहा कि ईरानी टीम का अमेरिका में आयोजित मैचों में हिस्सा लेने के लिए स्वागत है। उन्होंने कहा कि खेल को राजनीति से अलग रखते हुए सभी योग्य टीमों को विश्व कप में खेलने का अवसर मिलना चाहिए। ईरान की राष्ट्रीय टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पिछले साल एशियाई क्वालीफाइंग के तीसरे चरण में ग्रुप-ए में शीर्ष स्थान हासिल कर लगातार चौथी बार विश्व कप के लिए क्वालीफाई किया था। यह उपलब्धि टीम के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि इससे मध्य पूर्व की फुटबॉल ताकत के रूप में ईरान की स्थिति मजबूत हुई है।

टूर्नामेंट में  ईरान की भागीदारी पर अनिश्चितता

टूर्नामेंट में ईरान को ग्रुप-जी में रखा गया है, जहां उसका मुकाबला बेल्जियम, मिस्र और न्यूजीलैंड से होगा। टीम अपना पहला मैच 15 जून को सिएटल में न्यूजीलैंड के खिलाफ खेलेगी। इसके बाद अन्य ग्रुप मुकाबले लॉस एंजिल्स और अटलांटा में निर्धारित हैं। हालांकि मौजूदा भू-राजनीतिक हालात के कारण टीम की तैयारियों और भागीदारी पर अनिश्चितता बनी हुई है। क्षेत्रीय संघर्ष और सैन्य कार्रवाई के कारण कई अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों में भी तनाव का असर देखा गया है।

Iran football team -FIFA World Cup 2026

मौजूदा हालात खिलाड़ियों और प्रशासन दोनों के लिए चुनौतीपूर्ण

इस बीच ईरान फुटबॉल फेडरेशन के अध्यक्ष Mehdi Taj ने संकेत दिया है कि मौजूदा हालात खिलाड़ियों और प्रशासन दोनों के लिए चुनौतीपूर्ण हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, उन्होंने कहा कि हालिया हमलों के बाद विश्व कप की ओर सामान्य उम्मीद के साथ देखना मुश्किल हो गया है। दूसरी ओर, ट्रंप ने हाल ही में एक इंटरव्यू में कहा कि अगर ईरान विश्व कप में भाग लेता है तो उन्हें इससे कोई समस्या नहीं है। उन्होंने कहा कि खेल का मंच राजनीतिक मतभेदों से ऊपर होना चाहिए, हालांकि उन्होंने ईरान की नीतियों की आलोचना भी की। विश्लेषकों का मानना है कि यह बयान खेल कूटनीति का उदाहरण भी हो सकता है। विश्व कप जैसे बड़े आयोजन अक्सर देशों के बीच संवाद और संबंध सुधारने का अवसर भी बनते हैं।

फिलहाल फीफा और मेजबान देश यह सुनिश्चित करने की कोशिश कर रहे हैं कि टूर्नामेंट सुरक्षित, निष्पक्ष और वैश्विक सहभागिता के साथ आयोजित हो। आने वाले महीनों में यह साफ हो जाएगा कि मौजूदा तनाव का टूर्नामेंट पर कितना असर पड़ता है।

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