लखनऊ: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने राज्य के खिलाड़ियों के लिए अपने वादे को पूरा करते हुए खेल और खिलाड़ियों के प्रति एक नई मिसाल पेश की है। मंगलवार शाम राजधानी लखनऊ में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के 45 मेधावी खिलाड़ियों को सम्मानित किया। इस अवसर पर 5 खिलाड़ियों को सीधे राजपत्रित पदों (Gazetted Posts) पर नियुक्ति पत्र सौंपे गए, जबकि 40 अन्य खिलाड़ियों को नकद पुरस्कार से नवाजा गया।
भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार बल्लेबाज और 'सिक्सर किंग' के नाम से मशहूर रिंकू सिंह को उत्तर प्रदेश सरकार ने क्षेत्रीय खेल अधिकारी (RSO) के पद पर नियुक्त किया है। हालांकि, रिंकू सिंह अपने पूर्व निर्धारित ट्रेनिंग कैंप में व्यस्त होने के कारण कार्यक्रम में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित नहीं हो सके। इस पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मुस्कुराते हुए कहा, "रिंकू सिंह वर्तमान में एक कैंप का हिस्सा हैं और देश के लिए खेल रहे हैं। उनका नियुक्ति पत्र यहाँ सुरक्षित रखा है, जो उन्हें बाद में प्रदान किया जाएगा।" सीएम ने चुटकी लेते हुए यह भी कहा कि खेल के मैदान में चौका-छक्का कहीं भी लगे, लेकिन अक्सर गेंद और बल्ला हमारे उत्तर प्रदेश का ही होता है।
मुख्यमंत्री ने केवल क्रिकेट ही नहीं, बल्कि हॉकी और पैरा-एथलेटिक्स में देश का तिरंगा लहराने वाले नायकों को भी बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है।
राजकुमार पाल (हॉकी): पेरिस ओलंपिक में कांस्य पदक जीतने वाली टीम के सदस्य राजकुमार पाल को पुलिस उपाधीक्षक (DSP) नियुक्त किया गया है।
प्रवीण कुमार (ऊंची कूद): पेरिस पैरा-ओलंपिक के स्वर्ण पदक विजेता को पंचायती राज अधिकारी का पद मिला है।
प्रीति पाल (एथलेटिक्स): दो कांस्य पदक जीतने वाली प्रीति को खंड विकास अधिकारी (BDO) बनाया गया है।
अजीत सिंह और सुमिरन: इन्हें भी पंचायती राज विभाग में अधिकारी के रूप में तैनाती दी गई है।
खिलाड़ियों के उत्साहवर्धन के लिए सीएम योगी ने एक बड़ी घोषणा की। उन्होंने कहा कि वर्तमान में प्रोत्साहन राशि 3.11 लाख रुपये है, जिसे अगले वर्ष से बढ़ाकर सीधे 10 लाख रुपये कर दिया जाएगा। सरकार ने खेल बजट में इसके लिए 200 करोड़ रुपये का विशेष प्रावधान किया है। मुख्यमंत्री ने कहा, "उत्तर प्रदेश की 25 करोड़ की आबादी में 56 फीसदी युवा हैं। यह हमारी सबसे बड़ी ताकत है। यदि इन्हें सही मंच मिले, तो ये न केवल प्रदेश बल्कि पूरी दुनिया में भारत का नाम रोशन कर सकते हैं।"
कार्यक्रम के दौरान नवनियुक्त अधिकारियों ने सरकार की खेल नीति की सराहना की। पैरा-एथलीट अजीत सिंह (DPRO) ने कहा कि यूपी की खेल नीति अब जमीनी स्तर पर असर दिखा रही है और अगले 5 सालों में उत्तर प्रदेश खेलों के मामले में हरियाणा को टक्कर देगा। वहीं, DSP बने राजकुमार पाल ने कहा कि सरकारी नौकरी की सुरक्षा मिलने से खिलाड़ी अब बिना किसी मानसिक दबाव के अपने खेल पर ध्यान केंद्रित कर सकेंगे।
सीएम योगी ने जानकारी दी कि मेरठ में मेजर ध्यानचंद खेल विश्वविद्यालय का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है और जल्द ही इसका लोकार्पण किया जाएगा। सरकार का लक्ष्य हर जिले में आधुनिक सुविधाओं से लैस स्टेडियम और ब्लॉक स्तर पर मिनी स्टेडियम तैयार करना है, ताकि ग्रामीण प्रतिभाओं को बाहर निकलने का मौका मिले। योगी सरकार का यह कदम स्पष्ट करता है कि उत्तर प्रदेश अब केवल राजनीति का केंद्र नहीं, बल्कि खेलों की नर्सरी बनने की ओर अग्रसर है। 'मेडल लाओ, पद पाओ' की नीति ने राज्य के युवाओं में एक नया जोश भर दिया है।
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