Raghav Chadha:  राघव चड्ढा को बड़ा झटका, AAP पार्टी ने राज्यसभा उपनेता पद से हटाया, अशोक मित्तल को दी जिम्मेदारी

खबर सार :-
Raghav Chadha: आम आदमी पार्टी (AAP) ने एक बड़े फ़ैसला लेते हुए राघव चड्ढा को राज्यसभा में उप-नेता के पद से हटा दिया है। उनकी जगह अशोक मित्तल नए उप-नेता होंगे। इसके अलावा, पार्टी ने सदन के भीतर उनके बोलने का समय (कोटा) भी निलंबित कर दिया है।

Raghav Chadha:  राघव चड्ढा को बड़ा झटका, AAP पार्टी ने राज्यसभा उपनेता पद से हटाया, अशोक मित्तल को दी जिम्मेदारी
खबर विस्तार : -

Raghav Chadha: आम आदमी पार्टी (AAP) ने गुरुवार को सांसद राघव चड्ढा को राज्यसभा के उपनेता पद से हटा दिया है। उनकी जगह यह पोस्ट राज्यसभा सांसद अशोक मित्तल (Ashok Mittal) दे दी है। आम आदमी पार्टी  ने राज्यसभा सचिवालय को पत्र लिखकर अनुरोध किया है कि राघव चड्ढा को उच्च सदन में पार्टी के उप-नेता के तौर पर उनके कर्तव्यों से मुक्त कर दिया जाए। हालांकि पार्टी ने इस फैसले की वजह नहीं बताई है। राघव चड्ढा अप्रैल 2022 से संसद सदस्य हैं। उनका कार्यकाल 2028 तक है। उन्होंने संसद में जनहित के मुद्दे उठाकर अक्सर सुर्खियां बटोरी हैं। 

AAP ने सचिवालय को पत्र लिखकर किया अनुरोध

आम आदमी पार्टी ने राघव चड्ढा (Raghav Chadha) की जगह यह पोस्ट राज्यसभा सांसद अशोक मित्तल दे दिया है। इसके अलावा पार्टी ने सदन में उनके बोलने के समय (कोटे) पर भी रोक लगा दी है।  AAP ने सचिवालय से यह भी अनुरोध किया है कि उच्च सदन में अशोक मित्तल को पार्टी का उप-नेता नियुक्त किया जाए। सूत्रों के अनुसार, पत्र में आगे यह भी कहा गया है कि चड्ढा जो पंजाब का प्रतिनिधित्व करने वाले राज्यसभा सांसद हैं को अब AAP के निर्धारित कोटे से सदन में बोलने के लिए समय आवंटित नहीं किया जाना चाहिए। AAP के पास वर्तमान में राज्यसभा में 10 सदस्य हैं, जिनमें सात पंजाब से और तीन दिल्ली से हैं।

पार्टी के सार्वजनिक कार्यक्रमों से दूरी के कारण उठे सवाल

इस फैसले को पार्टी के भीतर एक रणनीतिक आंतरिक पुनर्गठन के तौर पर देखा जा रहा है। हाल ही में, पार्टी ने आगामी विधानसभा चुनावों के लिए अपने 'स्टार प्रचारकों' की सूची से भी राघव चड्ढा को हटा दिया था। इन कदमों की श्रृंखला को पार्टी के आंतरिक नेतृत्व की गतिशीलता और संसदीय रणनीति में बदलाव का स्पष्ट संकेत माना जा रहा है। सूत्रों की माने तो उन्होंने लंबे समय से पार्टी से दूरी बना ली थी और AAP को लेकर कोई बयान नहीं दे रहे हैं। 27 फरवरी को भी, जब दिल्ली शराब नीति मामले में अरविंद केजरीवाल को निचली अदालत से राहत मिली थी, तब भी उन्होंने कोई बयान जारी नहीं किया था।

राज्यसभा में वह जनता से जुड़े मुद्दे उठाते रहे थे, जैसे कि गिग वर्कर्स और स्कूल फीस , कॉर्पोरेट फ्रॉड, 'राइट टू रिकॉल' (मतदाताओं को विधायकों/सांसदों को बीच में हटाने का अधिकार) आदि। हाल ही में वे पार्टी के कुछ मामलों में चुप्पी साधे हुए थे। यहां तक अरविंद केजरीवाल की रिहाई के बाद भी चड्ढा पार्टी कार्यालय, प्रेस कॉन्फ्रेंस और सोशल मीडिया से नदारद रहे। जिस पर सवाल भी उठे थे।

बीजेपी से कथित नजदीकी रही चर्चा का विषय

दरअसल हाल के दिनों में, राघव चड्ढा की भाजपा से कथित नजदीकी भी काफी चर्चा का विषय रही है। हालांकि, आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और सांसद संजय सिंह ने राघव चड्ढा (Raghav Chadha) के भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल होने की संभावना को लेकर चल रही अटकलों पर विराम लगा दिया। ऐसी सभी अटकलों को साफ तौर पर खारिज करते हुए, संजय सिंह ने इन अफवाहों को पूरी तरह से बेबुनियाद बताया और कहा कि उन्हें नहीं लगता कि ऐसी कोई संभावना है।

कौन है अशोक मिलत्ता

अशोक मित्तल (Ashok Mittal) भी पंजाब से AAP के राज्यसभा सांसद हैं। वह जालंधर के रहने वाले हैं। वह पंजाब में लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी के संस्थापक और चांसलर हैं। वह 2022 में राज्यसभा सांसद बने। राजनीति में आने से पहले, वह एक सफल व्यवसायी थे। उनका परिवार 'लवली ग्रुप' का मालिक है, जो ऑटोमोबाइल और कन्फेक्शनरी (लवली स्वीट्स) क्षेत्रों में काम करता है। अशोक मित्तल ने 2022 में ही पंजाब से आप टिकट पर राज्यसभा का चुनाव जीता था। वे शिक्षा क्षेत्र में अपनी पहचान रखते हैं और कानून की डिग्री गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी से हासिल की है। वे AAP के सक्रिय सांसद रहे हैं और सदन में स्वास्थ्य, शिक्षा व अन्य मुद्दों पर अपनी बात रखते आए हैं।

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