'आंखें',  'शोला और शबनम' जैसी हिट फिल्मों के निर्माता रहे Pahlaj Nihalani का निधन, 76 वर्ष की उम्र में ली अंतिम सांस

खबर सार :-
पहलाज निहलानी का निधन भारतीय फिल्म उद्योग के लिए एक बड़ी क्षति है। निर्माता, संगठन प्रमुख और सेंसर बोर्ड अध्यक्ष के रूप में उन्होंने कई दशकों तक बॉलीवुड को प्रभावित किया। नई प्रतिभाओं को अवसर देने और सफल फिल्मों के निर्माण में उनकी भूमिका हमेशा याद रखी जाएगी। उनका योगदान हिंदी सिनेमा के इतिहास में एक महत्वपूर्ण अध्याय के रूप में दर्ज रहेगा।
'आंखें',  'शोला और शबनम' जैसी हिट फिल्मों के निर्माता रहे  Pahlaj Nihalani का निधन, 76 वर्ष की उम्र में ली अंतिम सांस
खबर विस्तार : -

Pahlaj Nihalani Death: हिंदी फिल्म इंडस्ट्री से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। मशहूर फिल्म निर्माता और सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (सीबीएफसी) के पूर्व अध्यक्ष पहलाज निहलानी का 76 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। उनके निधन की खबर ने बॉलीवुड और फिल्म जगत को गहरे शोक में डाल दिया है। लंबे समय से अस्वस्थ चल रहे निहलानी ने अंतिम सांस ली, जिसके बाद फिल्म उद्योग से जुड़े कई लोगों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। अभय सिन्हा, जो The Indian Motion Picture Producers Association (इम्पा) के अध्यक्ष हैं, उन्होंने पहलाज निहलानी के निधन की पुष्टि की और कहा कि फिल्म उद्योग ने एक ऐसे व्यक्तित्व को खो दिया है जिसने दशकों तक भारतीय सिनेमा को दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

Commercial Films को नई पहचान दिलाने में अहम रोल

पहलाज निहलानी हिंदी सिनेमा के उन निर्माताओं में शामिल थे जिन्होंने व्यावसायिक फिल्मों को नई पहचान दिलाई। उन्होंने अपने करियर में कई सफल और लोकप्रिय फिल्मों का निर्माण किया। उनकी चर्चित फिल्मों में Ilzaam, Aag Hi Aag, Shola Aur Shabnam और Aankhen शामिल हैं। खास तौर पर ‘आंखें’ को 1990 के दशक की सबसे बड़ी सुपरहिट फिल्मों में गिना जाता है, जिसने बॉक्स ऑफिस पर शानदार सफलता हासिल की थी।

Pahlaj Nihalani Death-Govinda-Chunky Pandey

Govinda और Chunky Pandey को दिया था पहला मौका

फिल्म निर्माता के रूप में उनकी सबसे बड़ी उपलब्धियों में नए कलाकारों को अवसर देना भी शामिल रहा। उन्होंने अभिनेता Govinda को फिल्म ‘इल्जाम’ के जरिए लॉन्च किया था। यह फिल्म गोविंदा के करियर का महत्वपूर्ण मोड़ साबित हुई और बाद में वे हिंदी सिनेमा के सबसे लोकप्रिय अभिनेताओं में शामिल हो गए। इसी तरह अभिनेता Chunky Pandey ने भी निहलानी की फिल्म ‘आग ही आग’ से अपने फिल्मी सफर की शुरुआत की थी। उनकी फिल्मोग्राफी काफी लंबी और प्रभावशाली रही। उन्होंने Hathkadi, Aandhi-Toofan, Paap Ki Duniya, Aag Ka Gola, Dil Tera Diwana, Bhai Bhai, Julie 2 और Rangeela Raja जैसी कई फिल्मों का निर्माण किया। उनकी फिल्मों में मनोरंजन, कॉमेडी और व्यावसायिक सफलता का अनूठा मेल देखने को मिलता था।

CBFC के अध्यक्ष के रूप में कार्य

निर्माता के अलावा निहलानी ने प्रशासनिक भूमिका में भी अपनी अलग पहचान बनाई। वर्ष 2015 से 2017 तक उन्होंने Central Board of Film Certification (CBFC) के अध्यक्ष के रूप में कार्य किया। इस दौरान उनकी सख्त सेंसरशिप नीतियां लगातार चर्चा और विवाद का विषय बनी रहीं। कई फिल्मों में कटौती और प्रमाणन संबंधी फैसलों को लेकर फिल्मकारों तथा कलाकारों के बीच बहस छिड़ी थी।

फिल्म उद्योग ही नहीं विभिन्न संगठनों में भी सक्रियता

फिल्म निर्माण के साथ-साथ वह विभिन्न फिल्म संगठनों से भी सक्रिय रूप से जुड़े रहे। उन्होंने लंबे समय तक Association of Motion Picture and TV Programme Producers के अध्यक्ष के रूप में भी सेवाएं दीं। वर्ष 2009 में उन्होंने इस पद से इस्तीफा दिया था, लेकिन फिल्म उद्योग में उनकी सक्रियता बनी रही। उनके निधन के बाद सोशल मीडिया और फिल्म जगत की कई हस्तियों ने शोक व्यक्त किया है। उद्योग से जुड़े लोगों का कहना है कि पहलाज निहलानी का योगदान भारतीय सिनेमा के इतिहास में हमेशा याद रखा जाएगा।

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