T20 World Cup : टी20 विश्व कप 2026 में सोमवार को सुपर-8 का मुकाबला वानखेड़े स्टेडियम, मुंबई में वेस्टइंडीज और जिम्बाब्वे के बीच खेला जाएगा। मैच शाम 7 बजे से खेला जाएगा। वेस्टइंडीज की टीम टी20 फॉर्मेट की तगड़ी टीम मानी जाती है। 2 बार विश्व कप जीत चुकी वेस्टइंडीज ग्रुप स्टेज में शीर्ष स्थान पर रहते हुए सुपर-8 में पहुंची है। वहीं, जिम्बाब्वे ने भी इस विश्व कप में अपने प्रदर्शन से प्रभावित किया है और ऑस्ट्रेलिया के साथ सह-मेजबान श्रीलंका को मात देते हुए अपने ग्रुप में शीर्ष स्थान पर रहते हुए सुपर-8 में पहुंची है।
वेस्टइंडीज और जिम्बाब्वे की टीम बल्लेबाजी, गेंदबाजी और क्षेत्ररक्षण में बेहतर संतुलित और सटीक दिखी है। ऐसे में सोमवार की शाम को एक बेहद रोमांचक मुकाबला होने की उम्मीद है। वानखेड़े की पिच बल्लेबाजों के लिए स्वर्ग मानी जाती है। पिच पर बाउंस सही होता है और गेंद बल्ले पर आसानी से आती है। तेज गेंदबाजों को नई गेंद से स्विंग और सीम मिल सकती है। पारी बढ़ने के साथ ही हालात आसान हो जाते हैं। मैच के दौरान मौसम सामान्य रहेगा। बारिश की कोई संभावना नहीं है।
वानखेड़े में कुल 15 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले गए हैं। वानखेड़े का सबसे बड़ा स्कोर 2025 में इंग्लैंड के खिलाफ भारत ने ही बनाया था। भारतीय टीम ने 9 विकेट पर 247 रन बनाए थे। वेस्टइंडीज वानखेड़े में 5 मैच खेल चुकी है और 4 में विजयी रही है। वेस्टइंडीज का इस स्टेडियम में सबसे बड़ा स्कोर भारत के खिलाफ 196/3 है। जिम्बाब्वे पहली बार इस स्टेडियम में टी20 मैच खेलेगी। वेस्टइंडीज और जिम्बाब्वे के बीच अब तक कुल 4 टी20 मैच खेले गए हैं। वेस्टइंडीज ने 3 मैचों में जीत हासिल की है, जबकि जिम्बाब्वे 1 बार विजयी रही है। 2013 के बाद से टी20 फॉर्मेट में दोनों टीमें कभी एक दूसरे के सामने नहीं आई हैं।
जिम्बाब्वे ने अनुभवी बल्लेबाज ब्रेंडन टेलर के चोट के चलते शुरूआत में ही बाहर होने के बावजूद बेहतरीन प्रदर्शन किया है। बल्लेबाजी, गेंदबाजी और क्षेत्ररक्षण में बेहतरीन प्रदर्शन की बदौलत जिम्बाब्वे अपने ग्रुप में टॉप पर रही। सलामी बल्लेबाज ब्रायन बेनेट ने ग्रुप मैचों में ऑस्ट्रेलिया और श्रीलंका के खिलाफ लगातार अर्धशतक जड़ टीम को जीत दिलाई। युवा ब्रायन बेनेट दो अर्धशतक के साथ कुल 175 रन बनाकर जिम्बाब्वे की तरफ से सर्वाधिक रन बनाने वाले खिलाड़ी हैं। बेनेट जिम्बाब्वे के लिए टी20 फार्मेट में पिछले टी20 वर्ल्ड कप के बाद से 1000 रन बना चुके हैं।
बेनेट इस मोमेंटम को बनाए रखते हैं और उनके साथी ओपनर तदिवानाशे मारुमानी और रयान बर्ल अपनी भूमिका अच्छे से निभाते हैं तो जिम्बाब्वे से अन्य बड़ी टीमों को कड़ी टक्कर मिलना तय है। कप्तान सिकंदर रजा अभी तक गेंद से कुछ खास नहीं कर पाए हैं। हालांकि उनकी बल्लेबाजी और कप्तानी ने जिम्बाब्वे को इस मुकाम तक पहुंचाया है। रिचर्ड नगारवा की अनुपस्थिति में ब्लेसिंग मुजराबानी ने पेस अटैक की बहुत अच्छे से अगुवाई की है। मुजराबानी का साथ ऑलराउंडर ब्रैड इवांस बखूबी निभा रहे हैं।
वेस्टइंडीज के लिए कप्तान शाई होप (155 रन, दो अर्धशतक) फार्म में वापस लौट आए हैं, जबकि शिमरोन हेटमायर (134) ने नंबर तीन के बल्लेबाज की भूमिका अच्छे से निभाई है। शेरफेन रदरफोर्ड (126) की विस्फोटक बल्लेबाजी वेस्टइंडीज के लिए महत्वपूर्ण साबित हुई है। 4 मैचों में होल्डर ने सर्वाधिक 7 विकेट लिए हैं। जेसन होल्डर और रोस्टन चेज ने महत्वपूर्ण योगदान देकर टीम को मजबूती प्रदान की है। इसके अलावा रोमारियो शेफर्ड की ऑलराउंड क्षमता से टीम को संतुलन मिला है। इसके अलावा, अकिल हुसैन, गुडाकेश मोटी भी वेस्टइंडीज के लिए अहम होंगे।
जिम्बाब्वे : ब्रायन बेनेट, तदिवानाशे मारुमानी (विकेटकीपर), रयान बर्ल, सिकंदर रजा (कप्तान), डियोन मायर्स, टोनी मुनयोंगा, ताशिंगा मुसेकिवा, वेलिंगटन मसाकाद्जा, ब्रैड इवांस, ग्रीम क्रेमर, ब्लेसिंग मुजराबानी, रिचर्ड नगारवा, बेन करन, क्लाइव मडांडे, टिनोटेंडा मापोसा।
वेस्टइंडीज : ब्रैंडन किंग, शाई होप (विकेट कीपर), शिमरोन हेटमायर, रोस्टन चेज, शेरफेन रदरफोर्ड, रोवमैन पॉवेल, जेसन होल्डर, मैथ्यू फोर्ड, अकील होसेन, गुडाकेश मोटी, शमर जोसेफ, रोमारियो शेफर्ड, जेडन सील्स, क्वेंटिन सैम्पसन, जॉनसन चार्ल्स।