कोलकाता : इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) 2026 के अंतिम लीग मुकाबले में भले ही प्लेऑफ की गणित साफ हो चुकी थी, लेकिन मैदान पर रोमांच की कोई कमी नहीं दिखी। रविवार शाम को ऐतिहासिक ईडन गार्डन्स स्टेडियम में खेले गए एक बेहद दिलचस्प मुकाबले में दिल्ली कैपिटल्स ने घरेलू टीम कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) को एकतरफा अंदाज में 40 रनों से करारी शिकस्त दी। दोपहर के पहले मुकाबले में राजस्थान रॉयल्स ने मुंबई इंडियंस को 30 रनों से हराकर जैसे ही प्लेऑफ का आखिरी टिकट अपनी जेब में डाला, वैसे ही इस दूसरे मैच की अहमियत बदल गई। अब यह मुकाबला अंतिम चार की होड़ का नहीं, बल्कि सम्मान की रक्षा और लीग तालिका में अपनी साख बचाने का मंच बन चुका था। इस मंच पर बाजी मारी ऋषभ पंत की गैरमौजूदगी में खेल रही दिल्ली की टीम ने, जिसने पूरे खेल में केकेआर को उठने का कोई मौका नहीं दिया।
टॉस जीतकर कोलकाता के कप्तान अजिंक्य रहाणे ने पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया, जो बाद में उनकी टीम के लिए भारी भूल साबित हुआ। दिल्ली कैपिटल्स ने पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 20 ओवरों में पांच विकेट के नुकसान पर 203 रनों का पहाड़ जैसा स्कोर खड़ा कर दिया। दिल्ली को इस विशाल स्कोर तक पहुंचाने में उसकी सलामी जोड़ी का बहुत बड़ा योगदान रहा। अभिषेक पोरेल और अनुभवी केएल राहुल की जोड़ी ने मैदान पर उतरते ही आक्रामक रुख अपनाया। दोनों ने शुरुआती विकेट के लिए महज 27 गेंदों में तेजी से 40 रन जोड़कर टीम को एक ठोस आधार दिया। अभिषेक पोरेल ने 18 गेंदों में चार शानदार चौके जड़ते हुए 22 रनों की छोटी मगर उपयोगी पारी खेली। उनके आउट होने के बाद क्रीज पर आए युवा बल्लेबाज साहिल परख ने केएल राहुल का बखूबी साथ निभाया।
साहिल परख ने मैदान के चारों तरफ कुछ दर्शनीय शॉट खेले। उन्होंने केएल राहुल के साथ मिलकर दूसरे विकेट के लिए 30 गेंदों में 47 महत्वपूर्ण रन जोड़े और टीम के स्कोर को 87 रनों तक ले गए। साहिल ने आउट होने से पहले मात्र 17 गेंदों पर एक गगनचुंबी छक्का और तीन चौके लगाकर 24 रन बनाए। उनके जाने के बाद भी रनों की रफ्तार थमी नहीं, क्योंकि क्रीज पर अब कप्तान अक्षर पटेल आ चुके थे। केएल राहुल ने कप्तान के साथ मिलकर तीसरे विकेट के लिए केवल 19 गेंदों में 38 रनों की तेजतर्रार साझेदारी की। इसी दौरान केएल राहुल ने अपना अर्धशतक पूरा किया। उन्होंने आउट होने से पहले मात्र 30 गेंदों का सामना किया और चार गगनचुंबी छक्कों तथा पांच शानदार चौकों की मदद से 60 रनों की कप्तानी पारी खेली।
एक समय दिल्ली कैपिटल्स ने 125 के कुल योग पर अपने तीन प्रमुख विकेट खो दिए थे और ऐसा लग रहा था कि केकेआर के गेंदबाज वापसी कर लेंगे। लेकिन कप्तान अक्षर पटेल और धाकड़ दक्षिण अफ्रीकी बल्लेबाज डेविड मिलर के इरादे कुछ और ही थे। इन दोनों अनुभवी खिलाड़ियों ने चौथे विकेट के लिए 25 गेंदों में 41 रनों की साझेदारी करके कोलकाता के गेंदबाजों की रणनीति को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया। अक्षर पटेल ने अपनी पारी में सूझबूझ और आक्रामकता का बेहतरीन संतुलन दिखाया। वे 25 गेंदों में 39 रनों की तेज पारी खेलकर पवेलियन लौटे। दूसरी छोर पर डेविड मिलर ने अंत तक मोर्चा संभाले रखा और 19 गेंदों में 28 रनों की नाबाद पारी खेलकर टीम को 200 के पार पहुंचाया। केकेआर पर दिल्ली कैपिटल्स की जीत की नींव इसी मजबूत बल्लेबाजी प्रदर्शन ने रखी थी।
कोलकाता नाइट राइडर्स के गेंदबाजों के लिए यह शाम किसी बुरे सपने जैसी रही। उनके प्रमुख गेंदबाज रनों पर अंकुश लगाने में पूरी तरह नाकाम साबित हुए। हालांकि, विपक्षी खेमे की ओर से तेज गेंदबाज सौरभ दुबे सबसे सफल रहे, जिन्होंने अपने कोटे में सर्वाधिक दो विकेट हासिल किए। उनके अलावा स्पिन तिकड़ी अनुकूल रॉय, अनुभवी सुनील नरेन और मिस्ट्री स्पिनर वरुण चक्रवर्ती को भी एक-एक सफलता हाथ लगी, लेकिन वे दिल्ली के बल्लेबाजों को खुलकर खेलने से रोकने में असमर्थ दिखे।
जीत के लिए 204 रनों के कड़े और विशाल लक्ष्य का पीछा करने उतरी कोलकाता नाइट राइडर्स की शुरुआत हालांकि खराब नहीं रही थी। कप्तान अजिंक्य रहाणे और सलामी बल्लेबाज फिन एलन की जोड़ी ने आते ही तेजी से रन बटोरने शुरू किए। दोनों ने पहले विकेट के लिए केवल 4.3 ओवरों में 43 रन जोड़कर ईडन गार्डन्स के दर्शकों में उम्मीदें जगा दी थीं। फिन एलन ने आउट होने से पहले 13 गेंदों में चार चौकों की मदद से 20 रन बनाए। उनके आउट होने के बाद क्रीज पर आए मनीष पांडे ने कप्तान रहाणे का अच्छा साथ दिया। इन दोनों ने मिलकर दूसरे विकेट के लिए 44 रन जोड़े और टीम का स्कोर 87 रनों तक पहुंचाया। मनीष पांडे 16 गेंदों में 25 रन बनाकर पवेलियन लौटे।
कप्तान अजिंक्य रहाणे एक छोर पर टिके हुए थे और उन्होंने उप-कप्तान रॉवमैन पॉवेल के साथ चौथे विकेट के लिए 22 गेंदों में 32 रनों की एक और साझेदारी की। रहाणे ने मोर्चे से अगुवाई करते हुए 39 गेंदों में चार चौके और चार बेहतरीन छक्के लगाकर 63 रनों की अर्धशतकीय पारी खेली। ऐसा लग रहा था कि जब तक रहाणे क्रीज पर हैं, कोलकाता मैच में बनी हुई है। लेकिन 128 के स्कोर पर रहाणे के रूप में कोलकाता को चौथा और सबसे बड़ा झटका लगा। यहीं से मैच का पासा पूरी तरह पलट गया।
रहाणे के आउट होते ही दिल्ली के गेंदबाजों ने मैच पर अपनी पकड़ पूरी तरह मजबूत कर ली। दिल्ली के फिरकी जादूगर कुलदीप यादव ने शानदार गेंदबाजी का मुजाहिरा किया। रहाणे को आउट करने की अगली ही गेंद पर उन्होंने कोलकाता के भरोसेमंद बल्लेबाज रिंकू सिंह को शून्य पर पवेलियन भेज दिया। हालांकि कुलदीप अपनी हैट्रिक पूरी करने से चूक गए, लेकिन उन्होंने मैच का रुख दिल्ली की तरफ मोड़ दिया। मध्यक्रम में रॉवमैन पॉवेल ने 21 गेंदों में 29 रनों की जुझारू पारी खेलकर संघर्ष करने की कोशिश की, लेकिन दूसरे छोर से लगातार विकेट गिरते रहने के कारण वे टीम को जीत की दहलीज तक नहीं ले जा सके। अंततः केकेआर की पूरी टीम 18.4 ओवरों में महज 163 रनों पर सिमट गई। इसी के साथ केकेआर पर दिल्ली कैपिटल्स की जीत पर अंतिम मुहर लग गई।
दिल्ली की तरफ से गेंदबाजी में कुलदीप यादव और तेज गेंदबाज लुंगी एनगिडी ने सबसे घातक प्रदर्शन करते हुए तीन-तीन विकेट चटकाए। वहीं, अनुभवी तेज गेंदबाज मिचेल स्टार्क ने भी बेहतरीन स्पैल फेंकते हुए दो विकेट अपने नाम किए। इस तरह दिल्ली कैपिटल्स ने सीजन के अपने आखिरी मैच में एक यादगार और बड़ी जीत हासिल की।
इस मुकाबले के नतीजे के साथ ही दोनों टीमों का आईपीएल 2026 का सफर समाप्त हो गया है। दिल्ली कैपिटल्स ने इस साल अपने 14 लीग मैचों में से 7 में जीत दर्ज की, जबकि 7 मैचों में उसे हार का सामना करना पड़ा। दिल्ली की टीम कुल 14 अंकों के साथ अंक तालिका में छठे स्थान पर रहते हुए अपने अभियान को समाप्त करने में सफल रही।
दूसरी ओर, कोलकाता नाइट राइडर्स के लिए यह सीजन काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा। केकेआर ने 14 मैचों में से केवल 6 मैचों में जीत हासिल की, जबकि 8 मैचों में उसे शिकस्त झेलनी पड़ी। श्रेयस अय्यर की कप्तानी और बाद में रहाणे के नेतृत्व में खेलने वाली यह टीम 12 अंकों के साथ सातवें पायदान पर रही। भले ही दोनों टीमें प्लेऑफ की रेस से बाहर हो चुकी थीं, लेकिन केकेआर पर दिल्ली कैपिटल्स की जीत ने दिल्ली के प्रशंसकों को जश्न मनाने का एक आखिरी मौका जरूर दे दिया।
यह मुकाबला यह भी दर्शाता है कि टूर्नामेंट के अंतिम दौर में भी टीमों के बीच प्रतिस्पर्धा का स्तर कितना ऊंचा था। भले ही दिल्ली और कोलकाता के लिए आगे का रास्ता बंद हो चुका था, लेकिन ईडन गार्डन्स में उनके बीच हुआ यह मुकाबला दर्शकों के लिए पैसा वसूल साबित हुआ। दिल्ली की टीम अब अगले सीजन में नई रणनीतियों के साथ वापसी करना चाहेगी, जबकि कोलकाता को अपने घरेलू मैदान पर मिली इस शिकस्त के बाद अपनी कमजोरियों की गहराई से समीक्षा करनी होगी।