बिजनौर: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बिजनौर जनपद में एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए अराजक तत्वों, गोकशी के मूक संरक्षकों और समाज में अशांति फैलाने की कोशिश करने वाले धार्मिक ठेकेदारों को बेहद कड़े शब्दों में अंतिम चेतावनी दी है। मुख्यमंत्री ने गाजियाबाद में हाल ही में हुई छुरेबाजी की हिंसक वारदात का कड़ा संज्ञान लेते हुए दो टूक शब्दों में कहा कि दोस्ती और आपसी संबंधों की आड़ में इस तरह की हिंसक वारदातों को उत्तर प्रदेश की धरती पर कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने उन अभिभावकों को भी आड़े हाथों लिया जो अपने बिगड़े हुए बच्चों को सही रास्ते पर लाने में नाकाम साबित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि जो लोग अपनी नालायक औलादों की गलत हरकतों पर पर्दा डाल रहे हैं या उन्हें समझा नहीं पा रहे हैं, वे समाज और कानून दोनों के साथ बहुत बड़ा खिलवाड़ कर रहे हैं। इस ऐतिहासिक मंच से मुख्यमंत्री का पूरा रुख अपराधियों और मजहबी तुष्टिकरण की राजनीति करने वालों के खिलाफ बेहद आक्रामक नजर आया। (Yogi Adityanath Bijnor Speech 2026) के इस महत्वपूर्ण पड़ाव पर उन्होंने स्पष्ट किया कि अपराधियों की समाज में कोई जगह नहीं है।
मौलवियों और मौलानाओं द्वारा गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की उठ रही मांगों पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हमारी सनातन संस्कृति में गाय को पशु की दृष्टि से नहीं देखा जाता। गाय हमारी माता है और उसके साथ हमारा संबंध किसी सरकारी घोषणा का मोहताज नहीं है। यह जन्म-जन्मांतर का एक अटूट और पवित्र नाता है, जिसे किसी भी कानूनी औपचारिकता की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार किसी संतान को अपनी सगी मां का आदर करने के लिए किसी बाहरी आदेश की जरूरत नहीं होती, ठीक उसी प्रकार गोमाता के प्रति हमारा सम्मान स्वाभाविक और अटूट है। मुख्यमंत्री ने उन लोगों की मानसिकता पर गहरा प्रहार किया जो गोमाता को महज एक चौपाया पशु समझते हैं। उन्होंने इसे वैचारिक खोखलापन और दोगलापन करार दिया, जहां एक तरफ बड़ी-बड़ी बातें की जाती हैं और दूसरी तरफ परोक्ष रूप से गोकशी जैसी जघन्य गतिविधियों को संरक्षण दिया जाता है। उन्होंने कड़े शब्दों में चेतावनी दी कि सोशल मीडिया के मंचों पर गोमाता की तस्वीरें साझा करके त्योहारों की आड़ में छद्म भाईचारा दिखाने वाले और पीठ पीछे गोवंश को नुकसान पहुंचाने वाले अपने चेलों को समय रहते सुधार लें। अगर उत्तर प्रदेश की सीमा के भीतर गोमाता के सम्मान और सुरक्षा के साथ किसी ने भी खिलवाड़ करने की हिमाकत की, तो शासन की तरफ से ऐसा कठोर दंडात्मक कदम उठाया जाएगा कि आने वाली कई पीढ़ियां उस अंजाम को याद रखकर कांप उठेंगी। उत्तर प्रदेश में गोहत्या का परिणाम क्या होता है, यह आज पूरा देश अच्छी तरह जानता है।
महात्मा विदुर की ऐतिहासिक और तपोपूत भूमि बिजनौर को नमन करते हुए मुख्यमंत्री ने उपस्थित जनसमुदाय को महाभारत काल के गौरवशाली इतिहास और उसकी सीख की याद दिलाई। उन्होंने कहा कि यह वह पवित्र भूमि है जिसने इतिहास को बनते और बिगड़ते हुए बहुत करीब से देखा है। महाभारत का समर हमें यही सिखाता है कि जो मनुष्य धर्म की मर्यादाओं की रक्षा करता है, समय आने पर धर्म भी उसकी ढाल बनकर उसकी रक्षा करता है। इसके विपरीत, जो लोग अपने संकीर्ण स्वार्थों, राजनीतिक लाभ या सांप्रदायिक एजेंडे के लिए धर्म का विनाश करने पर आमादा होते हैं, उन्हें धर्म स्वयं समूल नष्ट कर देता है। यह शाश्वत नियम आज भी पूरी दुनिया में अक्षरशः सच साबित हो रहा है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर क्षेत्र के कद्दावर नेता और पूर्व सांसद स्वर्गीय कुंवर सर्वेश सिंह के योगदान को भी शिद्दत से याद किया और कहा कि उनके द्वारा छोड़ी गई विकास और राष्ट्रवाद की विरासत को अब कुंवर सुशांत सिंह पूरी निष्ठा के साथ आगे बढ़ा रहे हैं। इस ऐतिहासिक संदर्भ को समझने के लिए (Yogi Adityanath Bijnor Speech 2026) का यह संदेश अत्यंत प्रासंगिक है।
बिजनौर के इस मंच से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक बहुत ही भावुक और ऐतिहासिक कार्य को अंजाम दिया। उन्होंने देश के विभाजन के समय पाकिस्तान में मजहबी कट्टरता, निर्मम हिंसा और कत्लेआम का शिकार होकर भारत आए 1645 पीड़ित हिंदू और सिख विस्थापित परिवारों के साथ-साथ देश की सीमाओं की रक्षा करने वाले पूर्व सैनिकों और लीजधारकों को भूमिधरी अधिकार पत्र यानी जमीन के मालिकाना हक के आधिकारिक दस्तावेज सौंपे। इस कदम से लगभग आठ से दस हजार लोगों के जीवन में सुरक्षा और स्थायित्व की एक नई किरण पैदा हुई है। मुख्यमंत्री ने अत्यंत दुखद इतिहास को साझा करते हुए बताया कि वर्ष 1946, 1947 और 1948 में पाकिस्तान के भीतर किस तरह निर्दोष हिंदुओं की पुश्तैनी संपत्तियों पर वहां के कट्टरपंथियों ने जबरन कब्जे किए और बड़े पैमाने पर नरसंहार किया। दशकों बीत गए, पीढ़ियां बदल गईं, लेकिन आज चौथी पीढ़ी के आने के बाद भारत की मौजूदा सरकार ने इन विस्थापितों के दर्द को समझा है और उन्हें अपनी ही धरती पर सम्मानजनक मालिकाना हक दिया है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जो परिवार अभी इस प्रक्रिया से छूटे हुए हैं, उनके लिए भी प्रशासनिक स्तर पर तेजी से काम चल रहा है। इस ऐतिहासिक फैसले ने (Yogi Adityanath Bijnor Speech 2026) के आयोजन को हमेशा के लिए स्मरणीय बना दिया है।
मुख्यमंत्री ने देश के भीतर सक्रिय कुछ धार्मिक संगठनों और मौलानाओं के दोहरे चरित्र को बेनकाब करते हुए सवाल उठाया कि जब पाकिस्तान में अल्पसंख्यक हिंदुओं और सिखों पर अत्याचार हो रहे थे, तब इन ठेकेदारों की जुबान क्यों बंद थी? उन्होंने कहा कि काश इन लोगों ने भी उस मजहबी निर्ममता के खिलाफ आवाज उठाई होती और पड़ोसी देशों में हिंदुओं की संपत्ति हड़पने वालों की निंदा की होती। उन्होंने देश के भीतर वक्फ बोर्ड की कार्यप्रणाली पर भी उंगली उठाते हुए कहा कि यहाँ वक्फ के नाम पर हिंदुओं की जमीनों पर धड़ल्ले से कब्जे किए गए हैं। अगर इन धार्मिक गुरुओं में थोड़ी सी भी मानवीय संवेदना होती, तो ये आगे बढ़कर इन विवादित संपत्तियों को गरीब विस्थापित परिवारों को मुफ्त में सौंपने की घोषणा करते, लेकिन इनका चरित्र अंदर से कुछ और तथा बाहर से कुछ और दिखाई देता है। इसी तरह बांग्लादेश में हाल के दिनों में हुए हिंदुओं के कत्लेआम पर भी देश के भीतर किसी भी मौलवी या मौलाना ने शोक या निंदा का एक शब्द तक नहीं निकाला। इतिहास गवाह है कि बांग्लादेश में कभी हिंदू आबादी 22 फीसदी हुआ करती थी जो घटकर महज 7 फीसदी रह गई है, और पाकिस्तान में 14 फीसदी से सिमटकर केवल 2 प्रतिशत बची है, लेकिन इन मजहबी मुल्कों की सरकारों की आलोचना करने का साहस यहाँ के किसी मौलाना में नहीं है। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा के दृष्टिकोण से भी (Yogi Adityanath Bijnor Speech 2026) की ये बातें समाज को सोचने पर मजबूर करती हैं।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश के पुराने और अशांत दौर को याद करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि एक समय था जब इस पूरे क्षेत्र में रामनवमी, श्रीकृष्ण जन्माष्टमी, दुर्गा पूजा और पवित्र कांवड़ यात्रा निकालना एक दूर का सपना बन चुका था। चारों तरफ असुरक्षा का माहौल था, बहन-बेटियां स्कूल जाने से कतराती थीं और व्यापारी वर्ग पूरी तरह से खौफ के साए में जीने को मजबूर था। रंगदारी और गुंडागर्दी आम बात थी, लेकिन आज राज्य सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति के कारण सभी प्रकार के त्योहार पूरी तरह शांति, आपसी सौहार्द और कड़े सुरक्षा प्रबंधों के बीच संपन्न हो रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल और समावेशी नेतृत्व की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले 12 वर्षों के दौरान केंद्र और राज्य सरकार की तमाम जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के हर वर्ग को बिना किसी जाति, मत या मजहब के भेदभाव के समान रूप से दिया गया है। ऐसे में देश को यह पूरा अधिकार है कि वह अपने नागरिकों से भी राष्ट्र के प्रति वैसी ही संवेदनशीलता और वफादारी की उम्मीद करे, लेकिन दुर्भाग्य से कुछ तत्वों के भीतर से यह राष्ट्रीय संवेदना पूरी तरह से गायब है। विकास की इस नई गाथा को (Yogi Adityanath Bijnor Speech 2026) के माध्यम से जनता के समक्ष प्रमुखता से रखा गया।
अपने संबोधन के समापन पर मुख्यमंत्री ने सनातन वाङ्मय और प्रभु श्रीराम तथा श्रीकृष्ण के जीवन दर्शन का उदाहरण देते हुए शासन की नीति को बिल्कुल साफ कर दिया। उन्होंने कहा कि अहिंसा, दया और करुणा निश्चित रूप से मानवता के सबसे सुंदर आभूषण हैं, लेकिन जब समाज के सामने दुष्ट प्रकृति के तत्व या 'खर-दूषण' जैसी आसुरी प्रवृत्तियां खड़ी हों, तो राष्ट्र और समाज की रक्षा के लिए शस्त्र उठाना बेहद जरूरी हो जाता है। मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम ने भी इस धरती को राक्षसों और दुराचारियों से मुक्त करने का दृढ़ संकल्प लिया था। उत्तर प्रदेश सरकार भी उसी राह पर चलते हुए समाज के सज्जन लोगों, गरीबों, किसानों और बहन-बेटियों की इज्जत के साथ खिलवाड़ करने वाले हर एक अपराधी से पूरी ताकत के साथ लड़ेगी। देश के खिलाफ साजिश रचने वाले और राष्ट्रद्रोह की गतिविधियों में संलिप्त तत्वों के खिलाफ सरकार बिना किसी हिचकिचाहट के अत्यंत कठोर और निर्मम रवैया अख्तियार करेगी। कानून हाथ में लेने वाले किसी भी उपद्रवी को बख्शा नहीं जाएगा। अंततः, (Yogi Adityanath Bijnor Speech 2026) राज्य में शांति और सुरक्षा का एक नया रोडमैप तैयार करता है।
अन्य प्रमुख खबरें
मीनाक्षी नटराजन को सुप्रीम कोर्ट से झटका, नामांकन रद्द करने के खिलाफ याचिका खारिज
2026-06-12
2026-06-12
2026-06-12
भारत की नारीशक्ति बनी विकास की धुरी: पीएम मोदी
2026-06-12
2026-06-11
2026-06-11
2026-06-11
सुप्रीम कोर्ट ने गृहिणियों को बताया 'राष्ट्र निर्माता', सड़क हादसों में मुआवजे के लिए बनाया नया नियम
2026-06-11
2026-06-11
2026-06-11
राम मंदिर दानपात्र मामलाः महंत कमल नयन दास बोले- सामने आनी चाहिए सच्चाई
2026-06-11
साइबर ठगी पर गृह मंत्रालय की चेतावनी, डीपफेक सहित इन चीजों से सावधान रहने की सलाह
2026-06-11
2026-06-10
PM Modi ने तोड़ा नेहरू का रिकॉर्ड ! मेलोनी ने दी खास बधाई, दुनिया भर से आ रहे संदेश
2026-06-10
जम्मू-कश्मीर: उरी में LOC के पास जोरदार धमाका, दो जवान शहीद
2026-06-10