जयपुर: भारत और अमेरिका के बीच गहराते कूटनीतिक रिश्तों के एक नए अध्याय के तहत अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो अपने चार दिवसीय आधिकारिक भारत प्रवास के तीसरे चरण में आज राजस्थान की राजधानी जयपुर पहुंच रहे हैं। उनके इस आगमन को लेकर गुलाबी नगरी में प्रशासनिक और सुरक्षा अमला पूरी तरह मुस्तैद हो चुका है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो की जयपुर यात्रा को देखते हुए हवाई अड्डे से लेकर उनके ठहरने के स्थान और पर्यटन स्थलों तक सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए गए हैं। केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों के साथ-साथ राजस्थान पुलिस की विशेष शाखाएं लगातार स्थिति की निगरानी कर रही हैं।
प्रस्तावित आधिकारिक कार्यक्रम के अनुसार, अमेरिकी विदेश मंत्री सोमवार दोपहर ठीक दो बजे सांगानेर अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुंचेंगे। हवाई अड्डे पर राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा उनकी अगवानी की जाएगी। इसके बाद उनका काफिला कड़े सुरक्षा घेरे में शहर के लिए रवाना होगा। तय कार्यक्रम के तहत रुबियो यहां लगभग बीस घंटे का समय बिताएंगे और अगली सुबह यानी 26 मई को तड़के 6:30 बजे नई दिल्ली के लिए प्रस्थान कर जाएंगे। जयपुर में उनके इस संक्षिप्त लेकिन अत्यंत महत्वपूर्ण पड़ाव को लेकर शासन स्तर पर हर छोटी-बड़ी व्यवस्था की खुद मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव समीक्षा कर रहे हैं।
जयपुर अपने मेहमाननवाज़ी और समृद्ध सांस्कृतिक इतिहास के लिए दुनिया भर में प्रसिद्ध है। कूटनीतिक सूत्रों के अनुसार, मार्को रुबियो अपने इस प्रवास के दौरान विश्व प्रसिद्ध आमेर किले का दीदार कर सकते हैं। राजस्थान की उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी खुद आमेर फोर्ट में अमेरिकी विदेश मंत्री की अगवानी और स्वागत करेंगी। उपमुख्यमंत्री कार्यालय से मिली जानकारी के मुताबिक, रुबियो दोपहर करीब तीन बजे आमेर पैलेस पहुंचेंगे, जहां उनके सम्मान में एक विशेष सांस्कृतिक स्वागत समारोह का आयोजन तय किया गया है।
आमेर किले के भव्य और ऐतिहासिक जलेब चौक में इस विशिष्ट स्वागत समारोह की तैयारियां रविवार रात से ही युद्धस्तर पर पूरी कर ली गई हैं। राजस्थान की जीवंत और पारंपरिक संस्कृति से अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल को रूबरू कराने के लिए प्रदेश के नामचीन लोक कलाकारों, कालबेलिया नर्तकों और मांगणियार सांस्कृतिक दलों को विशेष रूप से आमंत्रित किया गया है। जब अमेरिकी विदेश मंत्री किले के प्रांगण में कदम रखेंगे, तब शंखनाद, ढोल की थाप और राजस्थानी लोकगीतों के साथ उनका स्वागत किया जाएगा। पर्यटन विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि हमारा प्रयास है कि अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो की जयपुर यात्रा न केवल रणनीतिक रूप से सफल रहे, बल्कि राजस्थान की सांस्कृतिक छाप भी उनके मानस पटल पर हमेशा के लिए अंकित हो जाए।
इस हाई-प्रोफाइल अंतरराष्ट्रीय दौरे की संवेदनशीलता को देखते हुए जयपुर जिला प्रशासन, इंटेलिजेंस विंग और स्थानीय पुलिस को चौबीसों घंटे हाई अलर्ट पर रखा गया है। पुलिस कमिश्नर ने स्वयं उन सभी मार्गों का बारीकी से निरीक्षण किया है, जहां से अमेरिकी डेलिगेशन को गुजरना है। इसके साथ ही, जिन होटलों और पर्यटन स्थलों पर अमेरिकी अधिकारियों का रुकना या जाना प्रस्तावित है, वहां की सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह केंद्रीय सुरक्षा गारद और राजस्थान पुलिस की विशेष कमांडो यूनिटों ने अपने हाथों में ले ली है।
एक आम नागरिक को इस वीवीआईपी मूवमेंट की वजह से किसी भी तरह की असुविधा का सामना न करना पड़े, इसके लिए ट्रैफिक पुलिस ने एक व्यापक और सुचारू डायवर्जन部署 (डायवर्जन प्लान) तैयार किया है। आमेर की तरफ जाने वाले रास्तों पर आम जनता के वाहनों के लिए वैकल्पिक मार्ग तय किए गए हैं। इसके साथ ही नगर निगम ने आमेर महल और उसके आसपास के पूरे इलाके में विशेष सफाई अभियान चलाया है। सड़कों की मरम्मत, चमचमाती लाइटिंग और डिवाइडरों को सजाने का काम भी रिकॉर्ड समय में पूरा किया गया है ताकि जयपुर की वैश्विक छवि और निखरकर सामने आ सके।
राज्य सचिवालय में हुई उच्च स्तरीय बैठक में प्रशासनिक विभागों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि इस यात्रा के दौरान किसी भी स्तर पर कोई चूक या अव्यवस्था बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बिजली, पानी, संचार से लेकर चिकित्सा विभाग तक की आपातकालीन टीमें तैनात कर दी गई हैं। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो की जयपुर यात्रा को सुचारू और निर्बाध बनाने के लिए प्रत्येक रूट पर नोडल अधिकारी नियुक्त किए गए हैं।
मार्को रुबियो का यह चार दिवसीय भारत दौरा केवल पर्यटन या शिष्टाचार तक सीमित नहीं है। 23 से 26 मई तक के अपने इस व्यापक प्रवास के दौरान वे कोलकाता और आगरा का दौरा पूरा कर चुके हैं और जयपुर के बाद देश की राजधानी नई दिल्ली पहुंचेंगे। इस यात्रा का मुख्य और सुदूरगामी उद्देश्य भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय व्यापारिक रिश्तों को नई ऊंचाई देना, रक्षा क्षेत्र में तकनीकी आदान-प्रदान बढ़ाना, स्वच्छ ऊर्जा और रणनीतिक मामलों में आपसी सहयोग को और अधिक सुदृढ़ करना है।
जानकारों का मानना है कि दिल्ली में होने वाली क्वाड (QUAD) देशों के विदेश मंत्रियों की आगामी बैठक की पृष्ठभूमि तैयार करने में अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो की जयपुर यात्रा और भारतीय नेतृत्व के साथ उनकी अनौपचारिक बातचीत बेहद अहम भूमिका निभाएगी। इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में सुरक्षा और स्थिरता से जुड़े कई गंभीर मुद्दों पर भी इस दौरान पर्दे के पीछे चर्चा होने की प्रबल संभावना है। वैश्विक परिदृश्य में भारत और अमेरिका की यह जुगलबंदी एशिया-प्रशांत क्षेत्र की भू-राजनीति को एक नई दिशा दे सकती है।
यह पहला मौका नहीं है जब अमेरिकी प्रशासन का कोई इतना शीर्ष अधिकारी जयपुर आया हो। कूटनीतिक इतिहास के पन्नों को पलटें तो पिछले साल ही, यानी 21 से 24 अप्रैल के बीच अमेरिका के मौजूदा उपराष्ट्रपति जेडी वेंस भी सपरिवार जयपुर के मेहमान बने थे। अपने उस बहुचर्चित दौरे में उपराष्ट्रपति वेंस ने भी आमेर फोर्ट सहित जयपुर के कई ऐतिहासिक स्मारकों की सराहना की थी और शहर में आयोजित एक प्रबुद्ध नागरिक सम्मेलन को संबोधित भी किया था। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो की जयपुर यात्रा उसी सिलसिले की एक अगली कड़ी मानी जा रही है, जो यह साबित करती है कि वैश्विक पटल पर वाशिंगटन के नीति नियंताओं के लिए राजस्थान और भारत का रणनीतिक महत्व कितना बढ़ चुका है।
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