Special Parliament session Live: सरकार ने बजट सत्र को आगे बढ़ाते हुए तीन दिन का विशेष सत्र बुलाया है। सरकार की ओर से केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने गुरुवार (16 अप्रैल 2026) को लोकसभा तीन नए बिल पेश किए। इसमें पहला बिल महिला आरक्षण से जुड़ा संशोधन विधेयक 2026, दूसरा परिसीमन विधेयक 2026 और तीसरा केंद्र शासित प्रदेश संशोधन विधेयक 2026 शामिल है। बिल के पेश होते ही विपक्ष ने कड़ा विरोध किया। परिसीमन बिल का कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, AIMIM, बीजेडी समेत कई विपक्षी पार्टियों ने विरोध किया। इस दौरान परिसीमन बिल पर अखिलेश यादव और केंद्रीय गृह मंत्री आमने-सामने आ गए।
समाजवादी पार्टी के सांसदों ने भी विधेयकों पर आपत्ति जताते हुए आरक्षण ढांचे से मुस्लिम महिलाओं को बाहर रखे जाने पर चिंता व्यक्त की। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि उनकी पार्टी सैद्धांतिक रूप से महिला आरक्षण का समर्थन करती है, लेकिन उन्होंने जनगणना कराने में हो रही देरी को लेकर सरकार से सवाल पूछा। उन्होंने टिप्पणी की, "वे जनगणना में इसलिए देरी कर रहे हैं क्योंकि एक बार जनगणना हो गई, तो हम जाति-आधारित जनगणना की मांग करेंगे और वे ऐसा बिल्कुल नहीं चाहते।"
अखिलेश पलटवार करते हुए केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा, जनगणना का काम शुरू हो चुका है। साथ ही सरकार जाति जनगणना शुरू करने का निर्णय ले चुकी है और जातीय के साथ ही जनगणना हो रही है।
इस बीच सपा सांसद धर्मेंद्र यादव ने कहा कि जब तक महिला आरक्षण बिल में अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) और मुस्लिम महिलाओं के लिए प्रावधान शामिल नहीं किए जाते, तब तक पार्टी इस बिल का समर्थन नहीं करेगी। धर्मेंद्र यादव ने सवाल उठाया कि जनगणना में जाति का कॉलम नहीं है।
अमित शाह ने स्पष्ट किया कि अभी घरों की गिनती हो रही है और घरों की कोई जाति नहीं होती है। उन्होंने कहा, समाजवादी पार्टी का बस चले तो घरों की भी जाति कर दे। गृहमंत्री ने कहा, जब नागरिकों की जनगणना होगी तो उसमें कॉलम जाति का कॉलम होगा। अमित शाह ने कहा, धर्मेंद्र यादव ने मुस्लिम महिलाओं को आरक्षण देने की बात कही। यह असंवैधानिक है। संविधान के तहत धर्म के आधार पर आरक्षण की अनुमति नहीं है। उन्होंने कहा कि धर्म के आधार पर मुसलमानों के लिए किसी भी तरह का आरक्षण असंवैधानिक है।
अमित शाह के बयान पर अखिलेश यादव ने कहा, गृहमंत्री ने असंवैधानिक बात कही है। उन्होंने सवाल कि क्या मुस्लिम महिलाएं आधी आबादी का हिस्सा नहीं हैं। अखिलेश के इस बयान पर तुरंत पलटवार करते हुए शाह ने कहा, समाजवादी पार्टी अपने सारे टिकट मुस्लिम महिलाओं को दे दे, हमें क्या आपत्ति है।
AIMIM सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि यह बिल संघवाद (federalism) के सिद्धांतों के खिलाफ है और कम आबादी वाले राज्यों के अधिकार छीनता है। उन्होंने तर्क दिया कि परिसीमन पर लगी रोक हटाकर सरकार कम आबादी वाले राज्यों को उनके हक के हिस्से से वंचित कर रही है। उन्होंने नोटिस प्रोटोकॉल के उल्लंघन का भी आरोप लगाया और बताया कि कोई भी बिल पेश करने से पहले सात दिन का अग्रिम नोटिस देना जरूरी होता है।
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