अमेरिकी हमले में मारे गए तीन नाविकों के परिवार पर टूटा दुख का पहाड़, चीफ इंजीनियर की पत्नी ने बताया पूरा घटना क्रम

खबर सार :-
अमेरिका द्वारा ओमान पर किए गए हमले में तीन भारतीय क्रू मेंबर की मौत हो गई है। इस हमले में जान गंवाने वाले नाविकों के परिवार पर दुख का पहाड़ टूट पड़ा है।
अमेरिकी हमले में मारे गए तीन नाविकों के परिवार पर टूटा दुख का पहाड़, चीफ इंजीनियर की पत्नी ने बताया पूरा घटना क्रम
खबर विस्तार : -

 Oman Ship Attack: अमेरिकी नौसेना ने ओमान तट पर भारतीय तेल टैंकर सेटेबेलो पर 10 जून को हमला किया था, इस जहाज पर कुल 28 मेंबर मौजूद थे, जिसमें से 24 भारतीय थे। जब हमला हुआ तो सभी जवान तितर-बितर हो गए, जिसमें से त्वरित कार्रवाई करते हुए 21 जवानों को सुरक्षित बचा लिया गया, जबकि तीन जवान लापता बताए गए थे। गुरुवार को मंत्री सरबानंद ने अपने सोशल मीडिया एक्स के माध्यम से जानकारी दी की तीनों लापता नाविकों की मौत हो गई है और उनका शव बरामद कर लिया गया है।

आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम के रहने वाले पटनाला सुरेश चीफ इंजीनियर की मौत

आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम के रहने वाले पटनाला सुरेश चीफ इंजीनियर के तौर पर काम कर रहे थे। पति के निधन का समाचार सुनते ही पत्नी भार्गवी बदहवास हो गईं। उन्होंने कहा, "कल रात मुझे कॉल और मैसेज किया गया। मैसेज में लिखा था- असुविधा के लिए माफी, जिस जहाज पर आपके पति काम कर रहे थे उस पर ड्रोन हमला हुआ है और तीन भारतीय क्रू सदस्य लापता हैं।" उन्होंने आगे कहा, "सबसे पहले उन्होंने मेरे पति का नाम लिया, फिर बाकी दो क्रू सदस्यों के नाम बताए। उसके बाद मैं लगातार जानकारी लेती रही। मैंने सुपरिंटेंडेंट का नंबर मांगा, तो उन्होंने दुबई ऑफिस का नंबर दिया। जब मैंने वहां संपर्क किया तो उन्होंने बताया कि बचाव अभियान चल रहा है। उन्होंने कहा कि 21 क्रू सदस्य बचा लिए गए हैं और तीन लापता हैं। दोपहर करीब 1 बजे उन्होंने पुष्टि की कि मेरे पति का शव मिल गया है। वो आधिकारिक पुष्टि तब तक नहीं कर सकते थे जब तक शव बरामद न हो। तब तक उन्होंने बचाव अभियान जारी रखा और खोज बंद नहीं की।" उनकी पत्नी ने भारत सरकार से गुहार लगाते हुए कहा है कि उनके पति का शव पहुंचाने में देरी न करें और जो भी प्रक्रिया है, जल्द से जल्द पूरी करें। 

देवरिया निवासी शिवानंद चौरसिया इंजन फिटर के पिता का रो-रो कर बुरा हाल  

हमले में मारे गए उत्तर प्रदेश के देवरिया निवासी शिवानंद चौरसिया इंजन फिटर के रुप में तैनात थे। उनके परिवार ने बताया कि शिवानंद करीब आठ महीने पहले मुंबई गए थे, जहां एक विदेशी शिपिंग कंपनी में क्रू मेंबर का काम कर रहे थे। उनके पिता रामजी चौरसिया ने कहा, "हम लोगों की उससे आखिरी बार परसों रात को बात हुई थी। तब उसने कहा था कि सब ठीक है। लेकिन अब सूचना मिली है कि वो नहीं रहा।" इनता कहते ही उनके पिता की आंखें नम हो गई। गांव के रहने वाले रोहन शाही ने कहा, "हम लोगों की उससे आखिरी बार परसों रात को बात हुई थी। तब उसने कहा था कि सब ठीक है। लेकिन अब सूचना मिली है कि वो नहीं रहा।" जानकारी के मुताबिक उनके दो बच्चे हैं, उनके परिवार के आर्थिक स्थिति बहुत अच्छी नहीं है। 

हिमांचल प्रदेश के हमीरपुर के रहने वाले आदित्य शर्मा डेक कैडेट भी मारे गए

हिमांचल प्रदेश के हमीरपुर के रहने वाले आदित्य शर्मा डेक कैडेट के तौर पर तैनात थे। आदित्य महज 23 वर्ष के थे। उनके पिता ने कहा, "मेरी मांग है कि मेरे बेटे का शव हम तक पहुंचाया जाए। साथ ही उसके आखिरी क्षणों की जानकारी भी देनी चाहिए। मुझे ये जानना है कि उन्हें मदद मुहैया करवाई गई थी या नहीं। बाकी लोगों को बचा लिया गया, लेकिन इन तीनों को क्यों नहीं बचाया।" उन्होंने आगे कहा, "हमें पहले ये जानकारी थी कि जहाज ओमान तक जाएगा और ओमान से वापस लौट आएगा। इसके बाद हमें जानकारी मिली कि वो ईरान तक जाने की कोशिश कर रहे हैं, ये हमारे लिए चौंकाने वाला था। कैप्टन को यह रूट नहीं लेना चाहिए था। इस बात की जांच होनी चाहिए कि कैप्टन ने किस मजबूरी में आकर जहाज को वार जोन में ले जाने का फैसला किया।" उन्होंने अपने पिता से कहा था, वो अभी शादी नहीं करेंगें, पहले अपने माता-पिता का सपना पूरा करुंगा।

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