NEET पेपर लीक विवाद: दिल्ली पुलिस की एनओसी के बिना कैसे होगा NEET पेपर लीक प्रदर्शन? जानिए कानूनी पेंच

खबर सार :-
NEET paper leak protest : NEET पेपर लीक मामले में धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) 6 जून को दिल्ली के जंतर-मंतर पर बड़ा प्रदर्शन करने जा रही है। हालांकि, पार्टी ने अब तक दिल्ली पुलिस से इसके लिए औपचारिक अनुमति नहीं ली है। जानिए क्या है अभिजीत दीपके की रणनीति और क्यों फंसा है कानूनी पेंच।
NEET पेपर लीक विवाद: दिल्ली पुलिस की एनओसी के बिना कैसे होगा NEET पेपर लीक प्रदर्शन? जानिए कानूनी पेंच
खबर विस्तार : -

नई दिल्ली: देश के लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़े राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) के कथित पर्चा लीक मामले ने अब एक गंभीर सियासी और कानूनी मोड़ ले लिया है। इस संवेदनशील मुद्दे पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर 'कॉकरोच जनता पार्टी' (सीजेपी) ने आगामी 6 जून को देश की राजधानी के ऐतिहासिक जंतर-मंतर पर एक व्यापक और बड़े पैमाने पर प्रदर्शन करने का ऐलान किया है। परंतु, इस प्रस्तावित आंदोलन के धरातल पर उतरने से पहले ही एक बहुत बड़ा कानूनी पेंच फंस गया है।

पार्टी की ओर से इस महा-प्रदर्शन की तमाम तैयारियां तो पूरी कर ली गई हैं, लेकिन चौंकाने वाली बात यह है कि इस आयोजन के लिए दिल्ली पुलिस से अब तक किसी भी प्रकार की औपचारिक प्रशासनिक अनुमति नहीं ली गई है। राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था और संवेदनशील इलाकों में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के कड़े नियमों के बीच, बिना पूर्व इजाजत के इतने बड़े जमावड़े की घोषणा ने खुफिया एजेंसियों और दिल्ली पुलिस प्रशासन के कान खड़े कर दिए हैं।

NEET paper leak protest : दिल्ली में विरोध प्रदर्शन के नियम और समय सीमा का उल्लंघन

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में किसी भी प्रकार का सार्वजनिक आंदोलन, रैली या धरना आयोजित करने की एक बेहद सख्त और तयशुदा कानूनी प्रक्रिया है। सामान्य प्रशासनिक गाइडलाइंस के मुताबिक, किसी भी संगठन को किसी भी सार्वजनिक स्थल, विशेषकर लुटियंस दिल्ली और जंतर-मंतर जैसे हाई-सिक्योरिटी जोन में विरोध जताने के लिए कम से कम 7 दिन पहले दिल्ली पुलिस के संबंधित विभाग को लिखित आवेदन देना अनिवार्य होता है।

इस निर्धारित अवधि का उद्देश्य सुरक्षा बलों को ट्रैफिक डायवर्जन, सुरक्षा घेरा तैयार करने और स्थानीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त समय देना होता है। सीजेपी द्वारा आयोजित किए जा रहे इस NEET पेपर लीक प्रदर्शन के संदर्भ में इस सात दिवसीय अनिवार्य नियम का पूरी तरह उल्लंघन साफ दिखाई दे रहा है। चूंकि प्रदर्शन की तारीख 6 जून बिल्कुल नजदीक आ चुकी है, ऐसे में अब तकनीकी रूप से नियमानुसार आवेदन करने की समय सीमा पूरी तरह समाप्त हो चुकी है। अब सबसे बड़ा यक्ष प्रश्न यह खड़ा होता है कि क्या दिल्ली पुलिस इस ऐन वक्त पर होने वाले प्रदर्शन की इजाजत देगी? और यदि पुलिस प्रशासन ने कानून का हवाला देकर अनुमति देने से साफ इनकार कर दिया, तो कॉकरोच जनता पार्टी का अगला कदम क्या होगा?

 सीजेपी का आधिकारिक रुख: आखिर क्या है पार्टी की गुप्त रणनीति?

इन तमाम गंभीर सवालों और कानूनी असमंजसों के बीच कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के शीर्ष नेतृत्व ने अपनी चुप्पी तोड़ी है। इन कयासों पर विराम लगाने के लिए पार्टी की ओर से एक आधिकारिक बयान जारी किया गया है। सीजेपी के नवनियुक्त प्रवक्ता विजेता दहिया ने मीडिया से बातचीत करते हुए अपनी रणनीति का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि यह प्रदर्शन किसी सामान्य राजनीतिक दल का पूर्व-नियोजित कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह सीधे तौर पर देश के पीड़ित छात्रों और उनके अभिभावकों के गुस्से की सहज अभिव्यक्ति है।

NEET paper leak protest : अभिजीत दीपके खुद संभालेंगे कमान, व्यक्तिगत रूप से मांगेंगे अनुमति

पार्टी प्रवक्ता विजेता दहिया ने मीडिया के सामने यह स्पष्ट किया कि इस बार आवेदन प्रक्रिया में देरी के पीछे भी एक विशेष रणनीति काम कर रही है। उन्होंने कहा, 'फिलहाल देश के युवा और आम लोग पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके के साथ बहुत गहरे भावनात्मक स्तर पर जुड़े हुए हैं। जनता की यही भावना इस आंदोलन को आगे बढ़ा रही है।'

दहिया ने आगे बताया कि इसी जनभावना का सम्मान करते हुए संगठन ने यह अभूतपूर्व फैसला लिया है कि सीजेपी के मुखिया अभिजीत दीपके खुद 6 जून को दिल्ली की धरती पर कदम रखते ही व्यक्तिगत रूप से पुलिस प्रशासन के पास जाएंगे। वे स्वयं पुलिस अधिकारियों से मिलकर जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण ढंग से लोकतांत्रिक विरोध दर्ज कराने की विशेष अनुमति मांगेंगे। पार्टी को पूरा भरोसा है कि प्रशासन छात्रों के भविष्य के इस संवेदनशील मुद्दे की गंभीरता को समझेगा और इस शांतिपूर्ण NEET पेपर लीक प्रदर्शन को रोकने का प्रयास नहीं करेगा।

NEET paper leak protest  अमेरिका से लौटते ही सीधे संसद मार्ग थाने कूच करने का है मास्टरप्लान

इस पूरे घटनाक्रम का सबसे दिलचस्प और रणनीतिक पहलू सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके का यात्रा कार्यक्रम है। मिली जानकारी के अनुसार, दीपके इस समय संयुक्त राज्य अमेरिका में हैं और वे ठीक 6 जून की सुबह अंतरराष्ट्रीय उड़ान से दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (IGI) पर उतर रहे हैं। उन्होंने सुदूर अमेरिका से ही अपने समर्थकों और कार्यकर्ताओं के लिए एक भावुक वीडियो संदेश जारी किया है, जिसमें उन्होंने साफ शब्दों में कहा है, 'सभी साथी 6 जून की सुबह सीधे एयरपोर्ट पर मुझसे मिलें।'

पार्टी सूत्रों के मुताबिक, सुबह ठीक 8 बजे जब अभिजीत दीपके दिल्ली एयरपोर्ट के निकास द्वार से बाहर आएंगे, तो वहां देश के जाने-माने पर्यावरणविद और एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक अपने सैकड़ों समर्थकों के साथ उनका भव्य स्वागत करेंगे। इसके तुरंत बाद, बिना एक भी पल गंवाए, यह पूरा काफिला सीधे नई दिल्ली के संसद मार्ग (पार्लियामेंट स्ट्रीट) पुलिस स्टेशन के लिए रवाना होगा। वहां पहुंचकर दीपके स्वयं दिल्ली पुलिस के आला अधिकारियों के समक्ष जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने के लिए एनओसी (अनापत्ति प्रमाण पत्र) का औपचारिक आवेदन सौंपेंगे।

 NEET paper leak protest  : कानूनी और संवैधानिक अधिकार बनाम प्रशासनिक व्यवस्था का टकराव

भारतीय संविधान का अनुच्छेद 19(1)(b) देश के सभी नागरिकों को बिना हथियारों के शांतिपूर्ण ढंग से एकत्रित होने और अपनी आवाज उठाने का मौलिक अधिकार प्रदान करता है। लोकतांत्रिक व्यवस्था में यह अधिकार सर्वोपरि है। लेकिन इसके साथ ही, सार्वजनिक व्यवस्था, राष्ट्रीय सुरक्षा और आम जनता की सुविधा को ध्यान में रखते हुए स्थानीय प्रशासन को इस पर तार्किक प्रतिबंध लगाने का भी कानूनी अधिकार है।

यही कारण है कि राजधानी में सुरक्षा और सुगम यातायात बनाए रखने के लिए पुलिस की एनओसी अनिवार्य की गई है। जानकारों का मानना है कि सीजेपी का यह कदम एक सोची-समझी राजनीतिक बिसात का हिस्सा भी हो सकता है। यदि ऐन मौके पर दिल्ली पुलिस सुरक्षा व्यवस्था का हवाला देकर इस NEET पेपर लीक प्रदर्शन की अनुमति खारिज कर देती है, तो सीजेपी इसे छात्रों की आवाज दबाने के सरकारी प्रयास के रूप में प्रचारित कर सकती है। इसके विपरीत, यदि अनुमति मिल जाती है, तो यह अभिजीत दीपके के दिल्ली आगमन पर उनकी एक बड़ी नैतिक और रणनीतिक जीत मानी जाएगी।

NEET paper leak protest : क्या टकराव की ओर बढ़ रही है स्थिति?

अब सबकी नजरें 6 जून की सुबह पर टिकी हैं। एक तरफ देश के प्रतिष्ठित शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर अड़ी विपक्षी और छात्र ताकतें हैं, तो दूसरी तरफ बिना तय समय सीमा के अनुमति मांगने की जिद। यदि पुलिस ने अनुमति नहीं दी और कार्यकर्ता जंतर-मंतर की तरफ बढ़ने की कोशिश करते हैं, तो राजधानी की सड़कों पर एक बार फिर पुलिस और आंदोलनकारियों के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिल सकती है।

बहरहाल, इस पूरे मामले ने दिल्ली की प्रशासनिक व्यवस्था के साथ-साथ केंद्र सरकार की भी धड़कनें बढ़ा दी हैं। अब यह देखना वाकई बेहद दिलचस्प होगा कि 6 जून की सुबह दिल्ली पुलिस इस अचानक पैदा होने वाली स्थिति से निपटने के लिए क्या रणनीति अपनाती है, और अभिजीत दीपके का यह दिल्ली दौरा छात्र राजनीति में क्या नया भूचाल लेकर आता है। इस प्रस्तावित NEET पेपर लीक प्रदर्शन पर पूरे देश की नजरें बनी हुई हैं।

अन्य प्रमुख खबरें