Kerala Health Crisis : दोतरफा मौत का तांडव! एक तरफ जानलेवा निपाह की दस्तक, दूसरी तरफ शिगेला ने बच्चों को जकड़ा; स्कूलों में ताले, हाई अलर्ट पर सरकार!

खबर सार :-
Kerala Health Crisis : केरल में निपाह वायरस के नए संदिग्ध मामले और वायनाड में शिगेला बैक्टीरिया के भयंकर प्रकोप से हड़कंप मच गया है। स्वास्थ्य विभाग हाई अलर्ट पर है, स्कूलों में छुट्टियां घोषित कर दी गई हैं।
Kerala Health Crisis : दोतरफा मौत का तांडव! एक तरफ जानलेवा निपाह की दस्तक, दूसरी तरफ शिगेला ने बच्चों को जकड़ा; स्कूलों में ताले, हाई अलर्ट पर सरकार!
खबर विस्तार : -

तिरुवनंतपुरम : दक्षिण भारत का खूबसूरत राज्य केरल इस समय एक बेहद गंभीर और अभूतपूर्व स्वास्थ्य संकट (Healthcare Emergency) के मुहाने पर खड़ा हो गया है। राज्य में एक साथ दो खतरनाक संक्रामक बीमारियों ने दस्तक देकर प्रशासन और आम जनता की नींद उड़ा दी है। उत्तरी हिस्से में जहां जानलेवा निपाह वायरस (Nipah virus) का एक नया संदिग्ध मामला सामने आने के बाद हड़कंप मच गया है, वहीं दूसरी तरफ वायनाड जिले में शिगेला बैक्टीरिया (Shigella bacteria) का प्रकोप तेजी से पैर पसार रहा है। इन दोनों जानलेवा खतरों की वजह से पूरे राज्य में Kerala Health Crisis की स्थिति पैदा हो गई है, जिसके बाद केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय से लेकर स्थानीय प्रशासन तक पूरी तरह मुस्तैद हो गया है।

तैनात टीमें स्थिति पर चौबीसों घंटे पैनी नजर रख रही

वायनाड जिले से शुरू हुआ शिगेला संक्रमण अब धीरे-धीरे राज्य के अन्य संवेदनशील जिलों (Sensitive Districts) में भी अपनी पहुंच बनाने लगा है, जिससे स्वास्थ्य अधिकारियों की चिंताएं दोगुनी हो गई हैं। इस विकट स्थिति से निपटने और संक्रमण की चेन को तोड़ने के लिए प्रभावित इलाकों में युद्धस्तर पर निगरानी और बचाव के कड़े उपाय लागू कर दिए गए हैं। राज्य के स्वास्थ्य मंत्री के. मुरलीधरन ने शुक्रवार को हालात की समीक्षा करने के बाद मीडिया को बताया कि मैदान पर तैनात टीमें स्थिति पर चौबीसों घंटे पैनी नजर रख रही हैं। उन्होंने जनता से अपील की है कि वे प्रशासनिक दिशा-निर्देशों का पूरी तरह पालन करें और किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें। स्वास्थ्य मंत्री के अनुसार, वर्तमान परिस्थितियां पूरी तरह नियंत्रण में हैं और घबराने जैसी कोई बात नहीं है, बशर्ते लोग जरूरी सतर्कता बरतें।

केरल में निपाह- केंद्र सरकार पूरी तरह सतर्क

केरल में निपाह के इस ताजा संदिग्ध मामले ने केंद्र सरकार को भी पूरी तरह सतर्क कर दिया है। नई दिल्ली में बैठे आला अधिकारी इस पूरे Kerala Health Crisis घटनाक्रम पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने आधिकारिक बयान जारी कर कहा है कि वह राज्य सरकार के पल-पल के कदमों पर ध्यान दे रहा है। इस जानलेवा वायरस के प्रसार को रोकने के लिए केंद्र की तरफ से हर संभव तकनीकी और ढांचागत मदद मुहैया कराई जा रही है। संदिग्ध मरीजों और उनके प्राथमिक संपर्कों में आए तमाम लोगों के शरीर से लिए गए सैंपल (Medical Samples) को आपातकालीन आधार पर जांच के लिए पुणे स्थित प्रतिष्ठित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी (National Institute of Virology - NIV) भेज दिया गया है।

निपाह से जुड़े तय प्रोटोकॉल का पालन करने के निर्देश

वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारियों का कहना है कि इस वायरस के वास्तविक स्रोत और संक्रमण की वास्तविक गंभीरता का सटीक पता पुणे से आने वाली आधिकारिक टेस्ट रिपोर्ट के बाद ही लग सकेगा। मेडिकल टीमों की कोशिश है कि यह रिपोर्ट जल्द से जल्द आ जाए ताकि इलाज और रोकथाम की रणनीति को और पुख्ता किया जा सके। इस बीच, केंद्र सरकार ने सख्त रुख अपनाते हुए राज्य प्रशासन को निपाह से जुड़े तय प्रोटोकॉल और स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (Standard Operating Procedure - SOP) का बिना किसी लापरवाही के पालन करने के निर्देश दिए हैं। केंद्रीय मंत्रालय लगातार केरल स्वास्थ्य विभाग के संपर्क में है ताकि इस Kerala Health Crisis को बढ़ने से पहले ही पूरी तरह कुचला जा सके।

वायनाड जिले में शिगेला संक्रमण ने मासूम बच्चों को अपना शिकार बनाया

दूसरी तरफ, वायनाड जिले में शिगेला संक्रमण ने मासूम बच्चों को अपना सबसे बड़ा शिकार बनाया है। जिले में इस खतरनाक बैक्टीरिया से संक्रमित होने वाले मरीजों की पुष्ट संख्या बढ़कर अब 9 हो गई है। आज शाम तक कई अन्य संदिग्धों की जांच रिपोर्ट आने की संभावना है, जिससे यह आंकड़ा और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, कोलियाडी स्कूल के लगभग 502 बच्चों ने पेट दर्द, दस्त और तेज बुखार जैसे गंभीर लक्षण (Infection Symptoms) दिखने के बाद डॉक्टरों से परामर्श लिया है। इनमें से 47 बच्चों की हालत नाजुक देखते हुए उन्हें विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम उनका इलाज कर रही है।

बच्चों को सार्वजनिक कार्यक्रम, बाजार या भीड़-भाड़ वाले स्थानों पर ले जाने से बचें

इस भयानक संक्रमण को सामुदायिक स्तर पर फैलने से रोकने के लिए स्थानीय प्रशासन ने बेहद कड़ा कदम उठाया है। संक्रमण से प्रभावित तीन ग्राम पंचायतों और सुल्तान बथेरी नगरपालिका क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सभी सरकारी व निजी स्कूलों में तत्काल प्रभाव से छुट्टियों की घोषणा कर दी गई है। यह कदम इसलिए उठाया गया है ताकि बच्चों के बीच सोशल डिस्टेंसिंग बनी रहे और बैक्टीरिया एक से दूसरे शरीर में न जा सके। स्वास्थ्य विभाग ने माता-पिता को विशेष रूप से आगाह किया है कि जब तक इस Kerala Health Crisis की स्थिति में पूरी तरह सुधार नहीं हो जाता, तब तक वे अपने बच्चों को किसी भी सार्वजनिक कार्यक्रम, बाजार या भीड़-भाड़ वाले स्थानों पर ले जाने से पूरी तरह बचें।

विशेष बचाव दल ओआरएस के पैकेट बांट रही

जमीनी स्तर पर स्थिति को संभालने के लिए विशेष बचाव दल (Rescue Teams) का गठन किया गया है। ये टीमें प्रभावित इलाकों के घर-घर जाकर पानी के स्रोतों की जांच कर रही हैं, लोगों को ओआरएस के पैकेट बांट रही हैं और स्वच्छता के प्रति जागरूक कर रही हैं। चिकित्सा विशेषज्ञों का कहना है कि दूषित पानी और अस्वच्छ भोजन के जरिए फैलने वाला यह बैक्टीरिया बेहद कम समय में महामारी का रूप ले सकता है, इसलिए पानी को उबालकर पीना और हाथों को साफ रखना इस वक्त सबसे जरूरी उपाय है।

एक ही समय में दो अलग-अलग संक्रामक महामारियों की दोहरी चुनौती के सामने आने से केरल का पूरा चिकित्सा तंत्र इस समय अग्निपरीक्षा से गुजर रहा है। हालांकि, शीर्ष स्वास्थ्य अधिकारियों ने जनता को आश्वस्त किया है कि सर्विलांस सिस्टम को मजबूत कर दिया गया है। लोगों से बार-बार यही अपील की जा रही है कि वे भयभीत होने के बजाय वैज्ञानिक तरीकों और डॉक्टरों की सलाह को प्राथमिकता दें। इस Kerala Health Crisis के बीच राज्य सरकार और केंद्र के साझा प्रयास ही इस भीषण जैविक खतरे को टालने में मददगार साबित होंगे।

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