Salim Dhola Extradition : अंडरवर्ल्ड के ड्रग नेटवर्क पर करारी चोट, दाऊद का सिपहसालार सलीम डोला तुर्की से भारत डिपोर्ट, खुलेगा 5 हजार करोड़ का कच्चा चिट्ठा

खबर सार :-
Salim Dhola Extradition : अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम के करीबी सलीम डोला को तुर्की से भारत प्रत्यर्पित किया गया है। 5000 करोड़ के ड्रग साम्राज्य और नार्को-टेररिज्म नेटवर्क की जांच के लिए एजेंसियां दिल्ली में पूछताछ कर रही हैं।

Salim Dhola Extradition : अंडरवर्ल्ड के ड्रग नेटवर्क पर करारी चोट, दाऊद का सिपहसालार सलीम डोला तुर्की से भारत डिपोर्ट, खुलेगा 5 हजार करोड़ का कच्चा चिट्ठा
खबर विस्तार : -

नई दिल्ली : भारत की सुरक्षा एजेंसियों ने सरहद पार से संचालित हो रहे 'नार्को-टेरर' के काले साम्राज्य के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कामयाबी हासिल की है। भगोड़े अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम के बेहद करीबी और अंतरराष्ट्रीय ड्रग सिंडिकेट के मास्टरमाइंड सलीम डोला को मंगलवार तड़के तुर्की से प्रत्यर्पित कर भारत लाया गया। खुफिया जानकारी के मुताबिक, डोला को एक विशेष विमान के जरिए दिल्ली एयरपोर्ट उतारा गया, जहाँ पहले से मौजूद जांच दलों ने उसे अपनी सुरक्षा में ले लिया।

Salim Dhola Extradition : इस्तांबुल से दिल्ली तक का ऑपरेशन

सलीम डोला की गिरफ्तारी इस्तांबुल में तुर्की की स्थानीय पुलिस और भारतीय खुफिया इकाइयों के एक साझा ऑपरेशन के दौरान हुई थी। डोला के खिलाफ सीबीआई की सिफारिश पर इंटरपोल ने रेड कॉर्नर नोटिस जारी कर रखा था। मुंबई पुलिस और नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) को लंबे समय से इसकी तलाश थी। दिल्ली में प्राथमिक पूछताछ के बाद, उसे मुंबई एनसीबी के हवाले किया जाएगा, जहाँ उससे सिंडिकेट के वित्तीय स्रोतों और तस्करी के रास्तों के बारे में कड़ी पूछताछ की जानी है।

Salim Dhola Extradition : 5,000 करोड़ का साम्राज्य और दाऊद कनेक्शन

जांचकर्ताओं का मानना है कि सलीम डोला करीब 5,000 करोड़ रुपये के ड्रग साम्राज्य का संचालन कर रहा था। यह महज नशीले पदार्थों की तस्करी का मामला नहीं है, बल्कि इससे होने वाली कमाई का इस्तेमाल भारत विरोधी गतिविधियों और आतंकी फंडिंग में किए जाने का संदेह है। डोला का पकड़ा जाना डी-कंपनी के आर्थिक ढांचे के लिए एक मौत के वार जैसा माना जा रहा है।

Salim Dhola Extradition : जालसाजी और चालाकी का अंत

1966 में मुंबई में जन्मा सलीम डोला बहुत कम उम्र में अपराध की दुनिया में शामिल हो गया था। छोटा शकील का दाहिना हाथ माने जाने वाले डोला ने अपने करियर की शुरुआत गुटखा और गांजे की तस्करी से की थी। 2018 में उसे सांताक्रूज से 100 किलो 'फेंटानिल' (एक घातक सिंथेटिक ड्रग) के साथ पकड़ा गया था, लेकिन फोरेंसिक रिपोर्ट के तकनीकी पेचों का फायदा उठाकर वह जमानत पर बाहर आ गया और खाड़ी देशों के रास्ते फरार हो गया।

Salim Dhola Extradition :टूटता हुआ सिंडिकेट

भारतीय एजेंसियों ने पिछले कुछ महीनों में डोला के पूरे नेटवर्क को व्यवस्थित तरीके से ध्वस्त किया है। इससे पहले जून 2025 में उसके बेटे ताहिर डोला को यूएई से लाया गया था, और फिर दुबई से सोहेल शेख की गिरफ्तारी हुई। विशेषज्ञों का कहना है कि नार्को-फंडिंग को रोकना आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई का सबसे अहम हिस्सा है, और इन गिरफ्तारियों ने इस गिरोह की कमर तोड़ दी है।

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