Yamuna Water Agreement: तीन पाइपलाइनों से राजस्थान पहुंचेगा 580 MCM पानी, अमित शाह की उपस्थिति में हरियाणा-राजस्थान के बीच हुआ समझौता

खबर सार :-

Yamuna Water Agreement: केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह की उपस्थिति में सोमवार को हरियाणा और राजस्थान सरकारों के बीच यमुना जल परियोजना के निर्माण और क्रियान्वयन को लेकर एक महत्वपूर्ण समझौता हुआ। इस मौके पर दोनों राज्यों के मुख्यमंत्री, केंद्रीय जल शक्ति मंत्री और वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी रही।
Yamuna Water Agreement: तीन पाइपलाइनों से राजस्थान पहुंचेगा 580 MCM पानी, अमित शाह की उपस्थिति में हरियाणा-राजस्थान के बीच हुआ समझौता

खबर विस्तार : -

नई दिल्ली: सोमवार को केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में हरियाणा और राजस्थान सरकारों के बीच यमुना जल परियोजना के निर्माण और कार्यान्वयन को लेकर एक अहम समझौता हुआ।

इस समझौते के तहत जुलाई से अक्टूबर के बीच पश्चिमी यमुना नहर से राजस्थान तक तीन भूमिगत पाइपलाइनों के जरिए लगभग 580 मिलियन क्यूबिक मीटर (MCM) पानी पहुंचाया जाएगा। इन पाइपलाइनों के जरिए राजस्थान और हरियाणा दोनों को पीने का पानी सप्लाई किया जाएगा; इन पाइपलाइनों का व्यास 3.6 मीटर से ज्यादा है।

तीन दशक पुरानी समस्या का समाधान

इस मौके पर अमित शाह ने कहा कि यह समझौता हरियाणा और राजस्थान के लोगों के लिए पीने के पानी से जुड़ी उस समस्या को हल करने का रास्ता बनाता है जो लगभग तीन दशकों से चली आ रही थी। इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के "संवाद से समाधान" और "सहकारी संघवाद" (cooperative federalism) के मंत्रों का एक बेहतरीन उदाहरण बताते हुए उन्होंने कहा कि अगर राज्य सहयोग की भावना से काम करें तो लंबे समय से चले आ रहे विवादों को भी आसानी से सुलझाया जा सकता है।

विवाद-मुक्त प्रणाली के तौर पर काम करेगा समझौता

अमित शाह ने बताया कि समझौते में वित्तीय दायित्वों, लागत-साझाकरण, पानी के आवंटन, पानी छोड़ने की प्रक्रियाओं, रखरखाव, निगरानी तंत्र, पारदर्शिता और विवाद समाधान के बारे में वैज्ञानिक और व्यापक प्रावधान शामिल हैं। उन्होंने भरोसा जताया कि केंद्रीय जल आयोग द्वारा तैयार किया गया यह ढांचा आने वाले दशकों तक विवाद-मुक्त प्रणाली के तौर पर काम करेगा।

राजस्थान और हरियाणा के कई जिलों को मिलेगा पानी

उन्होंने बताया कि केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल के नेतृत्व में इस लंबे समय से लंबित मुद्दे का समाधान कुछ ही दिनों में निकल आया। यह परियोजना राजस्थान के सीकर, चूरू और झुंझुनूं जिलों के साथ-साथ हरियाणा के भिवानी और फतेहाबाद क्षेत्रों में पीने के पानी की सप्लाई सुनिश्चित करेगी। इस मौके पर राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल और केंद्र व दोनों राज्यों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। 

तालाबों में जमा किया जाएगा बारिश का पानी

गृह मंत्री ने कहा कि बारिश का पानी, जो पहले बिना इस्तेमाल के बह जाता था, अब लोगों की प्यास बुझाएगा और भूजल स्तर को रिचार्ज करने के लिए बड़े तालाबों में जमा भी किया जाएगा। उन्होंने इस समझौते को दोनों राज्यों के लिए "विन-विन" (दोनों के लिए फायदेमंद) स्थिति बताया। यमुना जल परियोजना का मुख्य उद्देश्य वर्ष 1994 में हुए उच्च यमुना बेसिन सतही जल साझेदारी समझौते के तहत राजस्थान को निर्धारित जल हिस्से को पश्चिमी यमुना नहर से भूमिगत पाइपलाइन के माध्यम से राज्य तक पहुंचाना है। इस परियोजना के जरिए राजस्थान के शुष्क और अर्ध-शुष्क क्षेत्रों में लाखों लोगों को नियमित और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे क्षेत्र के सामाजिक और आर्थिक विकास को भी नई गति मिलेगी।

 

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