Census 2027: भारत में पहली बार होगी ‘डिजिटल जनगणना’, मोबाइल से जुटाएंगे आंकड़े

खबर सार :-
Census 2027:  इस बार देश की जनगणना पूरी तरह से डिजिटल होगी। इससे विस्तृत और सटीक आंकड़े मिलेंगे। स्वतंत्रता के बाद यह देश की आठवीं जनगणना है।

Census 2027: भारत में पहली बार होगी ‘डिजिटल जनगणना’, मोबाइल से जुटाएंगे आंकड़े
खबर विस्तार : -

Census 2027: देश में पहली बार ‘डिजिटल जनगणना’ होगी। इसमें मोबाइल के जरिए आंकड़े जुटाए जाएंगे, जिससे सही और विस्तृत जानकारी मिलेगी और बेहतर नीति बनाने में मदद मिलेगी। शनिवार को इसकी जानकारी दी गई। जनगणना की प्रक्रिया 2027 तक चलेगी। 

आधिकारिक बयान में कहा गया है कि इस जनगणना में कई नई सुविधाएं होंगी, जैसे कि सेंसस मैनेजमेंट एंड मॉनिटरिंग सिस्टम (सीएमएमएस) पोर्टल के जरिए लगभग रियल-टाइम निगरानी, खुद से जानकारी भरने का विकल्प और जियो-रेफरेंस्ड क्षेत्रों का व्यापक उपयोग किया जाएगा। इस पूरी प्रक्रिया के लिए 11,718.24 करोड़ रुपए का बजट तय किया गया है और डेटा सुरक्षा के लिए मजबूत इंतजाम किए गए हैं। इससे बदलते सामाजिक व आर्थिक हालातों के अनुसार योजना तैयार करने में आसानी होगी।

दो चरणों में होगी जनगणना

जनगणना दो चरणों में पूरी की जाएगी, जिससे पूरे देश में व्यवस्थित व व्यापक तरीके से जानकारी जुटाई जा सके। पहले चरण में मकानों की स्थिति व सुविधाओं की गणना की जा रही है। यह प्रक्रिया सितंबर 2026 तक चलेगी। वहीं, दूसरे चरण में व्यक्तिगत आंकड़े एकत्र किए जाएंगे। जनगणना फरवरी 2027 तक चलेगी। सरकार के अनुसार, सुरक्षित डेटा सेंटर व बड़े कार्यबल की सहायता से भरोसेमंद जानकारी इकट्ठा की जाएगी, जिससे सटीक व समावेशी नीति बनाने में आसानी होगी। जनगणना से स्थानीय स्तर पर भी सटीक जानकारी मिलती है, ताकि सरकारी योजनाओं को सही जगह तक पहुंचाया जा सकता है।

नीति निर्माण को मजबूत बनाएगी जनगणना

जनगणना किसी देश के नागरिकों की जनसंख्या, सामाजिक, सांस्कृतिक व आर्थिक आंकड़ों के संकलन की प्रक्रिया होती है। जनगणना देश के बहुआयामी विकास के लक्ष्यों को पूरा करने के लिए आवश्यक है। देश में हो रही जनगणना दुनिया की सबसे बड़ी जनगणना होगी और डिजिटल तकनीक, मजबूत डेटा सुरक्षा और आसान प्रक्रियाओं के साथ यह डेटा-आधारित नीति निर्माण को और मजबूत बनाएगी।
 

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