नई दिल्ली: केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को आगामी अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा, व्यवस्थाओं और श्रद्धालुओं की सुविधाओं को लेकर एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में यात्रा को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित बनाने के लिए व्यापक सुरक्षा प्रबंधों और प्रशासनिक तैयारियों पर विस्तार से चर्चा की गई। गृह मंत्री ने संबंधित सभी एजेंसियों को बेहतर समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश देते हुए कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
बैठक के दौरान अमित शाह ने कहा कि केंद्र सरकार अमरनाथ यात्रा पर आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने सुरक्षा एजेंसियों, प्रशासनिक अधिकारियों और अन्य संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए और सभी व्यवस्थाएं समय रहते पूरी कर ली जाएं।
समीक्षा बैठक में यह निर्णय लिया गया कि अमरनाथ यात्रा मार्ग पर केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों, जम्मू-कश्मीर पुलिस तथा अन्य सुरक्षा एजेंसियों के सहयोग से बहुस्तरीय और अभेद्य सुरक्षा ग्रिड तैयार किया जाएगा। सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए आधुनिक तकनीकों का व्यापक उपयोग किया जाएगा। इसके तहत ड्रोन निगरानी, सीसीटीवी कैमरे, अत्याधुनिक सर्विलांस सिस्टम और अन्य तकनीकी संसाधनों को सुरक्षा ढांचे में शामिल किया जाएगा। साथ ही पारंपरिक सुरक्षा तंत्र को भी और मजबूत किया जाएगा ताकि किसी भी संभावित खतरे का समय रहते मुकाबला किया जा सके।
गृह मंत्री ने निर्देश दिया कि यात्रा के दौरान केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों और जम्मू-कश्मीर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी विभिन्न आधार शिविरों और प्रमुख पड़ावों पर मौजूद रहकर सुरक्षा व्यवस्था की लगातार निगरानी करें। उन्होंने यह भी कहा कि यात्रा से जुड़े सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखा जाए, जिससे किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई की जा सके।
बैठक में श्रद्धालुओं की सुविधाओं पर भी विशेष ध्यान दिया गया। अमित शाह ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि पंजीकरण, आवास, स्वास्थ्य सेवाओं, चिकित्सा सहायता, पेयजल, स्वच्छता और आपदा प्रबंधन से संबंधित सभी व्यवस्थाएं पर्याप्त स्तर पर उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने कहा कि यात्रा के दौरान किसी भी श्रद्धालु को आवश्यक सुविधाओं के लिए परेशानी का सामना नहीं करना चाहिए।
सुरक्षा और प्रबंधन को और अधिक व्यवस्थित बनाने के लिए यात्रा से जुड़े स्थानीय लोगों तथा यात्रा में उपयोग होने वाले पशुओं का भी पंजीकरण किया जाएगा। सभी पंजीकृत व्यक्तियों और पशुओं के लिए क्यूआर कोड आधारित पहचान पत्र जारी किए जाएंगे। इसके अलावा पशुओं के स्वास्थ्य परीक्षण के लिए विशेष चिकित्सा शिविर लगाए जाएंगे, ताकि यात्रा के दौरान किसी प्रकार की समस्या उत्पन्न न हो।
मौसम की संवेदनशीलता को देखते हुए यात्रा प्रबंधन के लिए विशेष व्यवस्था की जाएगी। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि मौसम की स्थिति और मौसम विभाग के पूर्वानुमान के आधार पर ही श्रद्धालुओं के जत्थों को आगे बढ़ने की अनुमति दी जाए। खराब मौसम की स्थिति में यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
उल्लेखनीय है कि इस वर्ष अमरनाथ यात्रा 3 जुलाई से शुरू होकर 9 अगस्त, रक्षाबंधन के दिन संपन्न होगी। यात्रा में शामिल होने के लिए पंजीकरण अनिवार्य किया गया है। श्रद्धालु श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड और अधिकृत बैंकों के माध्यम से अपना पंजीकरण करा सकते हैं। प्रशासन को उम्मीद है कि इस वर्ष भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए यात्रा में शामिल होंगे।
यह भी पढे़ंः-भारत की नारीशक्ति बनी विकास की धुरी: पीएम मोदी
अन्य प्रमुख खबरें
मीनाक्षी नटराजन को सुप्रीम कोर्ट से झटका, नामांकन रद्द करने के खिलाफ याचिका खारिज
2026-06-12
2026-06-12
2026-06-12
भारत की नारीशक्ति बनी विकास की धुरी: पीएम मोदी
2026-06-12
2026-06-11
2026-06-11
2026-06-11
सुप्रीम कोर्ट ने गृहिणियों को बताया 'राष्ट्र निर्माता', सड़क हादसों में मुआवजे के लिए बनाया नया नियम
2026-06-11
2026-06-11
2026-06-11
राम मंदिर दानपात्र मामलाः महंत कमल नयन दास बोले- सामने आनी चाहिए सच्चाई
2026-06-11
साइबर ठगी पर गृह मंत्रालय की चेतावनी, डीपफेक सहित इन चीजों से सावधान रहने की सलाह
2026-06-11
2026-06-10
PM Modi ने तोड़ा नेहरू का रिकॉर्ड ! मेलोनी ने दी खास बधाई, दुनिया भर से आ रहे संदेश
2026-06-10
जम्मू-कश्मीर: उरी में LOC के पास जोरदार धमाका, दो जवान शहीद
2026-06-10