बाजार में अप्रत्याशित उतार-चढ़ाव, सेंसेक्स-निफ्टी ने मिनटों में गंवाई बढ़त; अहम रेजिस्टेंस पर निवेशकों की नजर
खबर सार :-
वैश्विक संकेतों से बाजार को शुरुआती मजबूती जरूर मिली, लेकिन आईटी समेत कुछ प्रमुख सेक्टरों में बिकवाली ने तेजी को टिकने नहीं दिया। फिलहाल बाजार तकनीकी रूप से निर्णायक मोड़ पर है, जहां 24,100-24,200 का रेजिस्टेंस और 23,800 का सपोर्ट निवेशकों की रणनीति तय करेगा। आने वाले कारोबारी सत्रों में वैश्विक घटनाक्रम और घरेलू निवेशकों की धारणा बाजार की दिशा निर्धारित करेंगे।
खबर विस्तार : -
Share Market updates: वैश्विक बाजारों से मिले सकारात्मक संकेतों के बीच सप्ताह के दूसरे कारोबारी दिन मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार ने मजबूत शुरुआत की, लेकिन शुरुआती बढ़त ज्यादा देर तक कायम नहीं रह सकी। कारोबार के शुरुआती मिनटों में सेंसेक्स और निफ्टी दोनों 0.30 प्रतिशत से अधिक की बढ़त के साथ हरे निशान में खुले, हालांकि बाद में बिकवाली का दबाव बढ़ने से दोनों प्रमुख सूचकांक लाल निशान में फिसल गए। बाजार की इस चाल ने निवेशकों को यह संकेत दिया कि फिलहाल बाजार में उतार-चढ़ाव का दौर जारी रह सकता है।
बीएससी सेंसेक्स में 0.36 प्रतिशत की तेजी
बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स अपने पिछले बंद 76,728.37 अंक के मुकाबले 277.14 अंक यानी 0.36 प्रतिशत की तेजी के साथ 77,005.51 अंक पर खुला। वहीं, एनएसई निफ्टी-50 भी 85.79 अंक यानी 0.35 प्रतिशत की बढ़त के साथ 24,032.05 अंक पर पहुंच गया। हालांकि कारोबार आगे बढ़ने के साथ मुनाफावसूली और चुनिंदा शेयरों में बिकवाली के चलते बाजार की दिशा बदल गई।
स्मॉलकैप शेयरों में अपेक्षाकृत मजबूती
खबर लिखे जाने तक सेंसेक्स 134.69 अंक यानी 0.18 प्रतिशत की गिरावट के साथ 76,593.68 अंक पर कारोबार कर रहा था। वहीं निफ्टी 75.45 अंक यानी 0.32 प्रतिशत टूटकर 23,870.80 अंक पर पहुंच गया। इससे साफ संकेत मिला कि शुरुआती उत्साह के बावजूद निवेशक अभी सतर्क रुख अपनाए हुए हैं। व्यापक बाजार की बात करें तो स्मॉलकैप शेयरों में अपेक्षाकृत मजबूती देखने को मिली। निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स 0.24 प्रतिशत की बढ़त के साथ कारोबार करता दिखा, जबकि निफ्टी मिडकैप इंडेक्स 0.19 प्रतिशत की गिरावट में रहा। इससे संकेत मिलता है कि बड़े शेयरों की तुलना में छोटे शेयरों में निवेशकों की रुचि बनी हुई है।
शेयर बाजार में सेक्टरवार प्रदर्शन
सेक्टरवार प्रदर्शन पर नजर डालें तो आईटी सेक्टर सबसे कमजोर रहा। निफ्टी आईटी इंडेक्स में करीब 2 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। इसके अलावा ऑटो और मेटल सेक्टर के शेयरों में भी दबाव देखने को मिला। दूसरी ओर, केमिकल, रियल्टी और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स सेक्टर ने बेहतर प्रदर्शन किया और इन क्षेत्रों में खरीदारी का माहौल बना रहा। निफ्टी के प्रमुख बढ़त वाले शेयरों में मारुति सुजुकी, एक्सिस बैंक, भारती एयरटेल, नेस्ले इंडिया, अदाणी एंटरप्राइजेज, पावरग्रिड, इंडिगो और टाइटन शामिल रहे। वहीं, सबसे ज्यादा नुकसान उठाने वाले शेयरों में आइशर मोटर्स, टाटा कंज्यूमर, हिंडाल्को, इंफोसिस, टीसीएस, डॉ. रेड्डीज लैब्स और विप्रो रहे। विशेष रूप से आईटी कंपनियों में आई कमजोरी ने बाजार पर दबाव बढ़ाने का काम किया।
निफ्टी में स्थिरता बरकरार
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि पिछले कारोबारी सत्र की गिरावट के बावजूद निफ्टी अभी भी अपने शॉर्ट और मीडियम टर्म मूविंग एवरेज से ऊपर बना हुआ है, जो दीर्घकालिक तेजी के संकेत देता है। हालांकि सूचकांक 100-दिवसीय एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (ईएमए) को पार करने में सफल नहीं हुआ और अप्रैल की तेजी के 23.6 प्रतिशत फिबोनाची रिट्रेसमेंट स्तर के नीचे फिसल गया। तकनीकी संकेतकों पर नजर डालें तो रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (आरएसआई) घटकर 53.89 पर पहुंच गया है और अपनी सिग्नल लाइन के करीब है। वहीं, एमएसीडी अभी भी सिग्नल लाइन और जीरो लाइन के ऊपर बना हुआ है, लेकिन लगातार छठे सत्र में इसका हरा हिस्टोग्राम छोटा हुआ है। यह संकेत देता है कि बाजार में तेजी की रफ्तार कमजोर पड़ रही है और निकट भविष्य में कंसोलिडेशन की संभावना बनी हुई है।
एक्सपर्ट्स की राय
विशेषज्ञों के अनुसार निफ्टी के लिए 24,100 से 24,200 अंक का दायरा फिलहाल सबसे अहम रेजिस्टेंस जोन है। यदि सूचकांक इस स्तर के ऊपर मजबूती से टिकने में सफल रहता है तो बाजार में नई तेजी देखने को मिल सकती है और निफ्टी 24,500 से 24,600 अंक तक पहुंच सकता है। दूसरी ओर, 23,800 अंक का स्तर मजबूत सपोर्ट माना जा रहा है। यदि यह स्तर टूटता है तो बाजार में बिकवाली तेज हो सकती है और गिरावट और गहरी होने की आशंका बढ़ जाएगी।
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