Gold Silver Rate Today: मुंबई में सोमवार को सोने और चांदी की कीमतों की शुरुआत कमजोर रही, लेकिन कुछ ही देर के कारोबार में दोनों धातुओं ने तेजी पकड़ ली। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर सोने और चांदी के वायदा भाव में उतार-चढ़ाव देखने को मिला। वैश्विक बाजारों में दबाव के बावजूद घरेलू बाजार में निवेशकों की खरीदारी से कीमतों को सहारा मिला। सोने का 5 जून 2026 का कॉन्ट्रैक्ट पिछली क्लोजिंग 1,58,547 रुपए के मुकाबले 471 रुपए यानी 0.29 प्रतिशत की गिरावट के साथ 1,58,076 रुपए पर खुला। हालांकि, बाजार खुलने के कुछ ही समय बाद इसमें रिकवरी देखने को मिली। आज सुबह 9:15 बजे सोना 133 रुपए यानी 0.08 प्रतिशत की बढ़त के साथ 1,58,680 रुपए पर कारोबार करता नजर आया।
कारोबार के दौरान सोने ने 1,57,547 रुपए का न्यूनतम स्तर और 1,58,547 रुपए का उच्चतम स्तर छुआ। विशेषज्ञों का कहना है कि घरेलू बाजार में सुरक्षित निवेश की मांग अभी भी बनी हुई है, जिसके चलते गिरावट के बाद खरीदारी बढ़ जाती है। बाजार विश्लेषकों के अनुसार, वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं और डॉलर इंडेक्स (Dollar Index) में मजबूती के बावजूद भारतीय निवेशकों का भरोसा सोने पर कायम है। शादी-विवाह और त्योहारों के सीजन की तैयारी भी घरेलू मांग को समर्थन दे रही है।

चांदी की कीमतों में भी सोमवार को तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिला। MCX पर 3 जुलाई 2026 के चांदी कॉन्ट्रैक्ट की शुरुआत कमजोरी के साथ हुई। यह पिछली क्लोजिंग 2,71,886 रुपए के मुकाबले 4,486 रुपए यानी 1.64 प्रतिशत टूटकर 2,67,400 रुपए पर खुला। हालांकि, शुरुआती कारोबार में ही चांदी ने तेजी पकड़ ली। खबर लिखे जाने तक चांदी 764 रुपए यानी 0.28 प्रतिशत की मजबूती के साथ 2,72,650 रुपए पर पहुंच गई थी। कारोबार के दौरान चांदी ने 2,64,949 रुपए का निचला स्तर और 2,74,145 रुपए का ऊपरी स्तर छुआ। विशेषज्ञों का मानना है कि औद्योगिक मांग और निवेशकों की खरीदारी के कारण चांदी में तेजी बनी हुई है। बीते कुछ महीनों में चांदी ने निवेशकों को जबरदस्त रिटर्न दिया है, जिसके कारण इसमें रुचि लगातार बढ़ रही है।
वहीं दूसरी ओर अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने और चांदी दोनों पर दबाव बना हुआ है। कॉमेक्स पर सोना 0.39 प्रतिशत की गिरावट के साथ 4,543 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर कारोबार करता दिखा, जबकि चांदी 2.28 प्रतिशत टूटकर 75.778 डॉलर प्रति बैरल पर रही। जानकारों के मुताबिक, अमेरिकी 10 वर्षीय बॉन्ड यील्ड के 4.65 प्रतिशत तक पहुंचने से डॉलर मजबूत हुआ है। डॉलर में मजबूती आने पर सोने और चांदी जैसी कीमती धातुएं महंगी हो जाती हैं, जिससे वैश्विक मांग प्रभावित होती है। यही वजह है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में इन धातुओं पर दबाव देखा जा रहा है। इसके बावजूद लंबी अवधि में दोनों धातुओं ने निवेशकों को शानदार रिटर्न दिया है। पिछले एक साल में डॉलर के लिहाज से सोने ने 40 प्रतिशत से अधिक और चांदी ने 131 प्रतिशत से ज्यादा का रिटर्न दिया है। इससे यह साफ है कि बाजार की अस्थिरता के बीच भी निवेशकों का भरोसा कीमती धातुओं पर बना हुआ है।
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