PM Modi Norway Visit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नॉर्वे पहुंच गए हैं, जो उनके पांच देशों के यूरोपीय दौरे का चौथा पड़ाव है। जहां राजधानी ओस्लो एयरपोर्ट नॉर्वे के प्रधानमंत्री जोनास गहर स्टोर (PM Jonas Gahr Støre) ने खुद प्रोटोकॉल तोड़ कर पीएम मोदी का गर्मजोशी से स्वागत किया। इस अवसर पर भारत और नॉर्वे, दोनों देशों के कई अधिकारी मौजूद रहे। पीएम मोदी अपने दौरे के दौरान इंडिया-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन (India-Nordic Summit 2026) और इंडिया-नॉर्वे व्यापार और अनुसंधान शिखर सम्मेलन भी शामिल होंगे। पीएम मोदी की यह यात्रा चार दशकों से भी अधिक समय में किसी भारतीय प्रधानमंत्री की नॉर्वे की पहली द्विपक्षीय यात्रा है। नॉर्वे को दुनिया के अग्रणी तेल और गैस निर्यातकों में से एक के रूप में जाना जाता है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से अपने गर्मजोशी भरे स्वागत के लिए आभार व्यक्त किया। 'X' पर लिखते हुए, पीएम मोदी ने कहा: "ओस्लो पहुंच गया हूं। एयरपोर्ट पर गर्मजोशी से स्वागत के लिए प्रधानमंत्री जोनास गहर स्टोर का आभारी हूं। यह चार दशकों से भी अधिक समय में नॉर्वे की पहली प्रधानमंत्री-स्तरीय यात्रा है। मुझे विश्वास है कि यह यात्रा भारत-नॉर्वे मित्रता में नई ऊर्जा का संचार करेगी। मैं महामहिम राजा हेराल्ड पंचम और रानी सोन्या से मिलने, साथ ही प्रधानमंत्री स्टोर (PM Jonas Gahr Støre) के साथ द्विपक्षीय वार्ता करने के लिए उत्सुक हूं।"
दरअसल पीएम मोदी अपनी यात्रा के दौरान नॉर्वे के प्रधानमंत्री जोनास गहर स्टोर के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश और तकनीकी सहयोग के संबंध में महत्वपूर्ण चर्चा होने की उम्मीद है। दोनों प्रधानमंत्री भारत-नॉर्वे बिजनेस एंड रिसर्च समिट (Business and Research Summit) को संबोधित करेंगे, जहां आर्थिक और अनुसंधान सहयोग पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। प्रधानमंत्री मोदी नॉर्वे के महामहिम राजा हेराल्ड पंचम और रानी सोन्या से भी मुलाकात करेंगे।
बता दें कि यह 43 वर्षों में किसी भारतीय प्रधानमंत्री की नॉर्वे की पहली यात्रा है। इसके अलावा, यह PM Modi की नॉर्वे की अब तक की पहली यात्रा है। वास्तव में, नॉर्वे भारत के लिए एक प्रमुख भागीदार देश है। प्रधानमंत्री मोदी आज द्विपक्षीय बैठकों में भाग लेंगे, जबकि मंगलवार (19 मई) को, वे तीसरे भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन (India-Nordic Summit) में शामिल होंगे। इस दौरे से भारत-नॉर्वे संबंधों में नई ऊर्जा और मज़बूती आने की उम्मीद है।
भारत और नॉर्वे (India-Norway) के बीच आर्थिक संबंध लगातार मजबूत हो रहे हैं। दोनों देशों के बीच व्यापार लगभग 2.73 बिलियन डॉलर तक पहुंच गया है। इसके अलावा, नॉर्वे के सॉवरेन वेल्थ फंड ने भारतीय बाज़ारों में लगभग 28 बिलियन डॉलर का निवेश किया है। भारत और पूरे नॉर्डिक क्षेत्र के बीच कुल व्यापार लगभग $19 बिलियन होने का अनुमान है।
नॉर्वे, डेनमार्क, फ़िनलैंड, आइसलैंड और स्वीडन के शीर्ष नेता भी नॉर्डिक शिखर सम्मेलन (India-Nordic Summit 2026) में हिस्सा लेंगे। भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन की शुरुआत 2018 में स्टॉकहोम में हुई थी, जबकि दूसरा शिखर सम्मेलन 2022 में कोपेनहेगन में हुआ था। आने वाली बैठक में हरित ऊर्जा, डिजिटलीकरण, रक्षा सहयोग, अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी, आर्कटिक नीति और सतत विकास जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है।
अन्य प्रमुख खबरें
सूडान में अकाल का खतरा! 1.95 करोड़ लोगों के सामने खाने का संकट, UN ने किया खुलासा
Trump China Visit: 'पहले से बेहतर होंगे अमेरिका-चीन के रिश्ते', जिनपिंग से वार्ता के बाद बोले ट्रंप
Trump China Visit: जिनपिंग ने किया ट्रंप का स्वागत, बैठक पर टिकीं पूरी दुनिया की निगाहें
Russia Ukraine War : यूएस प्रेसीडेंट का बड़ा दावा... खत्म होने की कगार पर है रूस और यूक्रेन का युद्ध
‘हमला हुआ तो यूरेनियम संवर्धन 90 प्रतिशत कर देंगे’, ईरान ने अमेरिका को दी कड़ी चेतावनी
चीनी वाहनों से डरा अमेरिका! राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बताया खतरनाक, बैन की तैयारी
Hanta Virus: एक अमेरिकी यात्री में हंता वायरस की पुष्टि, एक अन्य में हल्के लक्षण
India-Nepal border alert: भारत-नेपाल सीमा पर सुरक्षा सख्त, बिना आईडी दिखाए नहीं कर सकेंगे प्रवेश
Strait of Hormuz: दक्षिण कोरिया के जहाज में आग लगने का मामला, सात सदस्यीय टीम कर रही जांच