CloudFlayer Down: क्लाउडफ्लेयर फिर हुआ डाउन ! 3 हफ्ते में दूसरी बार ठप हुई दुनियाभर की हजारों वेबसाइटें
खबर सार :-
CloudFlayer Down: क्लाउडफ्लेयर में एक टेक्निकल आउटेज से दुनिया भर में कई वेबसाइट्स पर असर पड़ा, जिसमें Canva और DownDetector जैसे प्लेटफॉर्म शामिल हैं। इसका असर भारत में भी महसूस किया गया, जहां Zerodha और Groww जैसे बिज़नेस प्लेटफॉर्म्स की सर्विसेज़ कुछ समय के लिए रुक गईं। Cloudflare ने बाद में डैशबोर्ड से जुड़ी API समस्या को ठीक करने के लिए एक स्टेटमेंट जारी किया।
खबर विस्तार : -
CloudFlayer Down : 5 दिसंबर 2025 को दुनिया भर के इंटरनेट यूजर्स को उस वक्त एक बड़ा झटका लगा जब क्लाउडफ्लेयर सिस्टम ने अचानक काम करना बंद कर दिया। CloudFlayer सर्वर टाउन होने से कई वेबसाइट फिर से डाउन हो गईं। यह तीन हफ्तों में दूसरी बार है जब वेबसाइट पर असर पड़ा है। जिसके चलते सोशल मीडिया पर शिकायतों की बाढ़ आ गई है। बताया जा रहा है कि यूजर्स बुक माय शो (BookMyShow),ग्रो (Groww), कैनवा (Canva), लिंक्डइन (LinkedIn) और कॉइनबेस (Coinbase) जैसी वेबसाइट एक्सेस नहीं कर पा रहे हैं। इससे पहले, 18 नवंबर को CloudFlayer आउटेज हुआ था, जिससे भारत में कई AI प्लेटफॉर्म डाउन हो गए थे। हालांकि, OpenAI और ChatGPT अभी भी भारत में काम कर रहे हैं।
CloudFlayer Down : ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म पर पड़ा असर
एक रिपोर्ट के मुताबिक, CloudFlare सर्वर पर होस्ट किए गए Groww और Zerodha जैसे ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म पर भी असर पड़ा। Zerodha की ओर से बताया गया है कि उनकी Kite सर्विस को पूरी तरह से ठीक कर दिया गया है। खबर लिखे जाने तक Cloudflare का ग्लोबल आउटेज सही हो जाने की बात सामने आ रही थी।
CloudFlayer: क्या कहना है क्लाउडफ्लेयर
दरअसल क्लाउडफ्लेयर का कहना है कि डैशबोर्ड से जुड़े एप्लिकेशन प्रोग्रामिंग इंटरफेस (APIs) की एक समस्या को ठीक कर दिया है। शुक्रवार को कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर आउटेज का असर पड़ा। तीन हफ्तों में यह दूसरी बार है जब क्लाउडफ्लेयर से जुड़ी सर्विसेज पर असर पड़ा है। पिछला आउटेज ज़्यादा गंभीर था और इसने चैटजीपीटी से लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, ट्रुथ तक सब पर असर डाला था।
CloudFlayer Down : क्या है क्लाउडफ्लेयर
बता दें कि क्लाउडफ्लेयर एक कंपनी, जो इंटरनेट की दुनिया की सबसे जरूरी कंपनियों में से एक है। यह वेबसाइट लोड होने की रफ़्तार बढ़ाने और साइबर अटैक से बचाने का काम करती है। क्लाउडफ्लेयर आज के इंटरनेट का एक अहम हिस्सा है। यह वेबसाइटों को कंटेंट बांटने, सिक्योरिटी देने और ट्रैफिक स्पाइक्स या साइबर अटैक के दौरान उन्हें ऑनलाइन रखने में मदद करता है। क्लाउडफ्लेयर पर आउटेज का असर सीधे उसके सर्वर से जुड़ी सभी वेबसाइटों पर पड़ता है। हालांकि यह आम नहीं है, लेकिन यह समस्या तीन हफ्तों में दो बार हुई है।
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