सिलिकोसिस मरीजों से मिले अशोक गहलोत, सहायता में देरी पर उठाए सवाल
खबर सार :-
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने शुक्रवार को खेराठाकुर गांव का दौरा किया और सिलिकोसिस से पीड़ित किसानों से मुलाकात की। किसानों की दुर्दशा और वित्तीय सहायता के अभाव के बारे में जानने पर गहलोत ने चिंता व्यक्त की।
खबर विस्तार : -
भरतपुरः रुदावल क्षेत्र के गांव खेड़ाठाकुर में शुक्रवार को राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सिलिकोसिस से पीड़ित मरीजों से मुलाकात कर उनकी स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान मरीजों और उनके परिजनों की दयनीय हालत देखकर उन्होंने गहरी चिंता व्यक्त की और राज्य की वर्तमान सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।
सिलिकोसिस नीति के बारे में लोगों को बताया
दौरे के दौरान गहलोत ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने हमेशा सिलिकोसिस जैसी जानलेवा बीमारी को मानवीय दृष्टिकोण से देखा है और पीड़ितों को राहत पहुंचाने के लिए ठोस कदम उठाए हैं। उन्होंने बताया कि वर्ष 2013 में उनकी सरकार ने पहली बार राज्य में सिलिकोसिस नीति लागू की थी, जिसके तहत बीमारी की पुष्टि होने पर 1 लाख रुपये और मृत्यु पर 3 लाख रुपये की सहायता राशि देने का प्रावधान किया गया था।
इसके बाद वर्ष 2019 में इस नीति को और मजबूत करते हुए सहायता राशि बढ़ाकर कुल 5 लाख रुपये कर दी गई। नई व्यवस्था के तहत बीमारी का पता चलने पर 3 लाख रुपये और मृत्यु की स्थिति में 2 लाख रुपये की आर्थिक सहायता सुनिश्चित की गई। साथ ही मरीजों के लिए 1500 रुपये मासिक पेंशन और पालनहार योजना जैसी सामाजिक सुरक्षा योजनाएं भी लागू की गईं, जिससे प्रभावित परिवारों को राहत मिल सके।
वर्तमान स्थिति पर जताई चिंता
हालांकि, गहलोत ने वर्तमान स्थिति को बेहद चिंताजनक बताते हुए कहा कि अब हालात काफी खराब हो चुके हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार द्वारा पोर्टल पर कार्ड तो जारी किए जा रहे हैं, लेकिन तय सहायता राशि महीनों से लंबित पड़ी है। उन्होंने कहा कि कई ऐसे मामले सामने आए हैं, जहां मरीजों की मृत्यु के बाद भी उनके परिवारों को आर्थिक सहायता के लिए भटकना पड़ रहा है।
उन्होंने यह भी कहा कि सिलिकोसिस के मरीजों को प्रतिदिन ऑक्सीजन और दवाइयों पर भारी खर्च उठाना पड़ता है। ऐसे में यदि सरकार समय पर सहायता राशि नहीं देती है, तो यह न केवल प्रशासनिक विफलता है बल्कि संवेदनहीनता का भी प्रतीक है।
इस अवसर पर टीका राम जूली, जिलाध्यक्ष दिनेश सूपा, पूर्व विधायक अमर सिंह, ब्लॉक अध्यक्ष रविन्द्र सिंह परमार, प्रधान प्रतिनिधि राजू गुर्जर, सरपंच प्रतिनिधि महेंद्र सिंह परमार, मदनमोहन भंडारी और युवराज बघेल सहित कई जनप्रतिनिधि और स्थानीय लोग मौजूद रहे।
गहलोत के इस दौरे ने एक बार फिर सिलिकोसिस पीड़ितों की समस्याओं को प्रमुखता से उजागर किया है और सरकार से शीघ्र समाधान की अपेक्षा जताई है।
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