Mumbai Rain Alert: महाराष्ट्र में रविवार को लगातार दूसरे दिन हुई मूसलाधार बारिश के कारण हालात बिगड़ गए है। इतना ही नहीं महाराष्ट्र के कई हिस्सों में अगले दो-तीन दिनों तक मूसलाधार बारिश का खतरा मंडरा रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 28 और 29 सितंबर के बीच महाराष्ट्र के मुंबई,कोंकण और विदर्भ समेत कई जिलों में भारी बारिश की भविष्यवाणी की है। इसे देखते हुए, राज्य सरकार ने जनता से सतर्क रहने और सावधानी बरतने की अपील की है।
आईएमडी ने छह जिलों में रेड अलर्ट और 10 जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र को एहतियाती कदम उठाने और सभी आवश्यक तैयारिया करने के निर्देश दिए गए हैं। मुंबई समेत कोंकण में आज भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। IMD ने बताया कि मुंबई और मराठवाड़ा के आसपास आज भी मूसलाधार बारिश जारी है। मुंबई में पिछले दो दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश के कारण शहर के कई हिस्सों में जलभराव हो गया, जिससे यातायात बाधित हुआ।
गोरेगांव पूर्व में वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे, विक्रोली-छेड़ा नगर और अमर महल-सायन के बीच ईस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे और दादर में तिलक ब्रिज सहित प्रमुख मार्गों पर यात्रियों को जाम का सामना करना पड़ा। अंधेरी सबवे, जो लगभग दो फीट पानी में डूबा हुआ था, सुबह के अधिकांश समय तक बंद रहा, लेकिन पानी कम होने के बाद इसे फिर से खोल दिया गया। पुलिस ने यात्रियों को जलभराव वाली सड़कों से बचने की सलाह दी है। वहीं मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस ने जिला कलेक्टरों के साथ मराठवाड़ा और सोलापुर में राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा की तथा उन्हें भोजन, आश्रय और अन्य आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
28 सितंबर: रेड अलर्ट- पुणे, मुंबई, ठाणे, पालघर, रायगढ़, नासिक। ऑरेंज अलर्ट- सिंधुदुर्ग, नासिक, रत्नागिरी, कोल्हापुर घाट क्षेत्र, छत्रपति संभाजीनगर, सतारा घाट क्षेत्र।
29 सितंबर: रेड अलर्ट- नासिक घाट क्षेत्र, पालघर । ऑरेंज अलर्ट- ठाणे, रायगढ़, मुंबई, पुणे घाट क्षेत्र
भारी बारिश के कारण प्रमुख बांधों से पानी छोड़ना शुरू हो गया है, जिससे कई ग्रामीण इलाकों में बाढ़ आ गई है। जलग्रहण क्षेत्रों में लगातार बारिश के कारण, जयकवाड़ी बांध से गोदावरी नदी में 1.25 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है, जबकि सिना नदी पर बने बांधों से 60,000-75,000 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। विदर्भ में, प्रशासन ने गोसीखुर्द बांध के 19 गेट खोल दिए हैं, जिससे नदी किनारे रहने वाले निवासियों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। इससे नदी का जलस्तर बढ़ गया है और नदी खतरे के निशान के करीब बह रही है। बढ़ते जलस्तर के कारण खेतों और घरों में पानी भर गया है, जिससे कई जगहों पर ग्रामीण फँस गए हैं। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और नौसेना की मदद से उन्हें बचाया जा रहा है।
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