नशामुक्त लद्दाख की ओर बड़ा कदम: ड्रग माफियाओं पर शिकंजा कसने की तैयारी, एलजी वी.के. सक्सेना ने दिए सख्त निर्देश

खबर सार :-
लद्दाख प्रशासन ने नशे के बढ़ते खतरे से निपटने के लिए व्यापक और बहुस्तरीय रणनीति तैयार करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। ड्रग तस्करों पर सख्त कार्रवाई, युवाओं की सुरक्षा, हेल्पलाइन सेवा और पुनर्वास कार्यक्रम इस अभियान की मुख्य कड़ी होंगे। प्रशासन का लक्ष्य केवल नशा तस्करी रोकना ही नहीं, बल्कि प्रभावित लोगों को नई जिंदगी देकर ‘नशामुक्त लद्दाख’ का सपना साकार करना भी है।
नशामुक्त लद्दाख की ओर बड़ा कदम: ड्रग माफियाओं पर शिकंजा कसने की तैयारी, एलजी वी.के. सक्सेना ने दिए सख्त निर्देश
खबर विस्तार : -

Ladakh anti drug campaign: केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख में बढ़ते नशे के मामलों को लेकर प्रशासन अब बड़े स्तर पर कार्रवाई की तैयारी में जुट गया है। उपराज्यपाल वी.के सक्सेना ने मंगलवार को एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए ड्रग नेटवर्क और तस्करी पर कड़ा प्रहार करने के निर्देश दिए। बैठक में वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों, स्वास्थ्य विशेषज्ञों, धार्मिक संगठनों, सामाजिक संस्थाओं और एनजीओ प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य लद्दाख में तेजी से फैल रही नशे की समस्या की गंभीरता का आकलन करना और उससे निपटने के लिए बहुस्तरीय रणनीति तैयार करना था। प्रशासन का मानना है कि नशे का बढ़ता प्रभाव विशेष रूप से युवाओं और छात्रों के भविष्य के लिए बड़ा खतरा बनता जा रहा है।

ड्रग कार्टेल्स के खिलाफ बड़े अभियान की तैयारी

एलजी ने साफ कहा कि नशे के कारोबार में शामिल ड्रग कार्टेल्स और तस्करी नेटवर्क को खत्म करने के लिए बड़े पैमाने पर अभियान चलाया जाएगा। इसके तहत सीमावर्ती और प्रवेश क्षेत्रों में निगरानी को और सख्त बनाया जाएगा। प्रशासन ने विशेष रूप से जोजिला और सरचू जैसे प्रमुख प्रवेश बिंदुओं पर सुरक्षा और जांच व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा, वाहनों की नियमित जांच और स्थानीय टैक्सी सेवाओं की निगरानी भी बढ़ाई जाएगी ताकि नशे की सप्लाई चेन को तोड़ा जा सके। सूत्रों के मुताबिक पुलिस, प्रशासन और खुफिया एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर नशा तस्करों पर संयुक्त कार्रवाई की योजना बनाई जा रही है।

स्कूलों और पर्यटन स्थलों पर विशेष निगरानी

बैठक में युवाओं को नशे के प्रभाव से बचाने के लिए स्कूलों, कॉलेजों और पर्यटन स्थलों को संवेदनशील क्षेत्र घोषित करने पर जोर दिया गया। एलजी ने निर्देश दिए कि इन क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखी जाए और जागरूकता अभियान चलाए जाएं। लद्दाख में पर्यटन गतिविधियों के बढ़ने के साथ बाहरी तत्वों की आवाजाही भी बढ़ी है। प्रशासन का मानना है कि कई मामलों में पर्यटक गतिविधियों की आड़ में नशे का कारोबार फैलाने की कोशिशें होती हैं। ऐसे में होटल, गेस्ट हाउस और टैक्सी नेटवर्क पर भी कड़ी नजर रखी जाएगी।

‘112’ हेल्पलाइन से मिलेगी त्वरित सहायता

नशे से प्रभावित लोगों और उनके परिवारों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराने के लिए प्रशासन ने एकीकृत हेल्पलाइन ‘112’ शुरू करने का फैसला लिया है। इस हेल्पलाइन के जरिए परामर्श, चिकित्सा सहायता, परिवहन और पुनर्वास सेवाओं का समन्वय किया जाएगा। इसके लिए एक विशेष टीम गठित की जाएगी, जो नशे के शिकार लोगों तक समय पर सहायता पहुंचाने का काम करेगी। अधिकारियों का कहना है कि कई परिवार सामाजिक बदनामी के डर से मदद नहीं मांगते, इसलिए हेल्पलाइन को गोपनीय और संवेदनशील तरीके से संचालित किया जाएगा।

पुनर्वास के लिए ध्यान और रिट्रीट आधारित उपचार

इस बैठक में पुनर्वास सेवाओं को मजबूत बनाने पर भी विशेष चर्चा हुई। प्रशासन महाबोधि करुणा चैरिटेबल अस्पताल के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) करने की योजना बना रहा है। इस पहल के तहत मनोचिकित्सकों की निगरानी में ध्यान, योग और रिट्रीट आधारित उपचार सत्र आयोजित किए जाएंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि मानसिक स्वास्थ्य और आध्यात्मिक चिकित्सा के संयोजन से नशे के आदी लोगों के पुनर्वास में बेहतर परिणाम मिल सकते हैं। एलजी ने कहा कि केवल कानूनी कार्रवाई से समस्या का समाधान संभव नहीं है। नशे के शिकार लोगों को समाज की मुख्यधारा में वापस लाने के लिए उपचार, काउंसलिंग और पुनर्वास पर भी समान रूप से ध्यान देना होगा।

सोनम वांगचुक से भी हुई मुलाकात

इससे पहले उपराज्यपाल वी.के. सक्सेना ने प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता और शिक्षा सुधारक सोनम वांगचुक (Sonam Wangchuk) से मुलाकात की। इस दौरान उनकी पत्नी गीतांजलि अंगमो भी मौजूद रहीं। एलजी कार्यालय के अनुसार दोनों पक्षों ने इस बात पर सहमति जताई कि विकास और राजनीतिक संवाद के लिए सकारात्मक माहौल बनाए रखना जरूरी है। एलजी ने कहा कि सार्वजनिक विमर्श में भ्रामक और भड़काऊ टिप्पणियों से बचना चाहिए। बताया गया कि सोनम वांगचुक ने लद्दाख की स्थिति की तुलना मणिपुर से करने वाली अपनी टिप्पणी को निर्णय संबंधी चूक माना।

अन्य प्रमुख खबरें