किन्नौर में नेशनल हाईवे पर गिरा लोहे का पुल, यातायात ठप, रेत से भरा टिप्पर गिरा
खबर सार :-
हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले में नेशनल हाईवे पर लोहे का पुल अचानक टूटकर गिर गया। पुल के ऊपर से गुजर रहा रेत से भरा टिप्पर इसकी चपेट में आ गया। हालांकि हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई है। पुल ध्वस्त होने से हिंदुस्तान-तिब्बत मार्ग पर यातायात ठप हो गया।
खबर विस्तार : -
शिमला: हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले में नेशनल हाईवे-5 पर चोलिंग के पास मंगलवार को अचानक एक लोहे का पुल गिर गया, जिससे हिंदुस्तान-तिब्बत रूट पर ट्रैफिक बुरी तरह प्रभावित हुआ। अच्छी बात यह रही कि इस घटना में किसी की जान नहीं गई।
पुल गिरने के समय रेत से भरा एक टिपर ट्रक पुल पार कर रहा था और मलबे में फंस गया; ड्राइवर अपनी जान बचाने में कामयाब रहा, हालांकि उसे मामूली चोटें आईं। पुल गिरने के तुरंत बाद दोनों तरफ गाड़ियों की लंबी कतारें लग गईं और यात्री फंस गए।
उरणी रूट पर भेजे जा रहे वाहन
सूचना मिलने पर प्रशासन, पुलिस और नेशनल हाईवे अथॉरिटी के अधिकारी स्थिति का जायजा लेने के लिए मौके पर पहुंचे। प्रशासन ने इस रूट पर ट्रैफिक को तुरंत प्रभाव से रोक दिया है और गाड़ियों को उरणी रूट पर डायवर्ट किया जा रहा है। NH-5 को सीमावर्ती जिले किन्नौर की जीवन रेखा माना जाता है; इसलिए, पुल गिरने से आने वाले दिनों में स्थानीय लोगों, व्यापारियों और यात्रियों को काफी परेशानी हो सकती है।
वैकल्पिक रास्तों के इस्तेमाल की सलाह
चोलिंग पुल पहले भी खतरे की जद में रहा है। अप्रैल 2021 में, पहाड़ियों से बड़े-बड़े पत्थर गिरने के कारण पुल को नुकसान पहुंचा था। उस समय, पुल की लोहे की प्लेटें क्षतिग्रस्त हो गई थीं, जिससे इसकी सुरक्षा को लेकर चिंताएं पैदा हो गई थीं। खतरे को देखते हुए जिला प्रशासन ने मरम्मत के लिए पुल को बंद कर दिया था। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह इलाका भूस्खलन और पत्थर गिरने की घटनाओं के लिए संवेदनशील है। प्रशासन ने पुल गिरने के कारणों की जांच शुरू कर दी है और तकनीकी टीमों को नुकसान का आकलन करने का निर्देश दिया है। फिलहाल, लोगों को वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है।
29 जून तक मौसम खराब रहने का अनुमान
इस बीच, पूरे राज्य में मौसम का मिजाज अस्थिर बना हुआ है। मौसम विभाग ने हिमाचल प्रदेश के कई हिस्सों में 29 जून तक खराब मौसम का अनुमान जताया है। मंगलवार को राज्य के ज्यादातर मैदानी इलाकों में मौसम साफ रहा और धूप खिली रही, जबकि कुछ पहाड़ी इलाकों में बादल छाए रहे। पिछले 24 घंटों में सबसे ज्यादा 22 मिमी बारिश 'जोत' में दर्ज की गई। इसके अलावा, सलापड़ में 14 मिमी, धौलाकुआं में 9 मिमी और भरमौर में 5 मिमी बारिश दर्ज की गई, साथ ही अन्य जगहों पर भी हल्की बारिश हुई।
25 जून के बाद राज्य में दस्तक देगा मानसून
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मॉनसून आमतौर पर 25 जून के आसपास हिमाचल प्रदेश पहुंचता है; हालांकि, इस साल इसकी धीमी गति के कारण इसके आने में देरी हुई है। फिर भी, अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से नमी बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं, जिससे आने वाले दिनों में बारिश की गतिविधियां तेज हो सकती हैं।
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