Bareilly Central Jail : बरेली सेंट्रल जेल में भारी सुरक्षा के बीच से कैसे उड़ गया पॉक्सो का खूंखार कैदी? सात सुरक्षाकर्मी सस्पेंड, महकमे में हड़कंप!

खबर सार :-
Bareilly Central Jail : उत्तर प्रदेश की बरेली सेंट्रल जेल (Bareilly Central Jail) से पॉक्सो एक्ट का सजायाफ्ता कैदी दिनेश सुरक्षाकर्मियों को चकमा देकर फरार हो गया। इस बड़ी लापरवाही पर जेलर और डिप्टी जेलर समेत सात कर्मचारियों को सस्पेंड कर दिया गया है, जबकि वरिष्ठ अधीक्षक पर कार्रवाई की तैयारी है। पुलिस की टीमें फरार बंदी की तलाश में जुटी हैं।
Bareilly Central Jail : बरेली सेंट्रल जेल में भारी सुरक्षा के बीच से कैसे उड़ गया पॉक्सो का खूंखार कैदी? सात सुरक्षाकर्मी सस्पेंड, महकमे में हड़कंप!
खबर विस्तार : -

Bareilly Central Jail : उत्तर प्रदेश की बेहद सुरक्षित मानी जाने वाली बरेली सेंट्रल जेल (Bareilly Central Jail) से एक ऐसी सनसनीखेज घटना सामने आई, जिसने पूरे सूबे के कारागार महकमे को हिलाकर रख दिया है। यहाँ उम्रकैद की सजा काट रहा एक शातिर कैदी जेल प्रशासन की आंखों में धूल झोंककर रफूचक्कर हो गया। इस दुस्साहसिक घटना के बाद जेल परिसर से लेकर पुलिस मुख्यालय तक हड़कंप मच गया है।   मामले की गंभीरता को देखते हुए उच्च स्तरीय अधिकारियों ने कड़ा रुख अपनाया और डयूटी पर तैनात सात कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इसके साथ ही जेल के वरिष्ठ अधीक्षक के खिलाफ भी कार्रवाई की तलवार लटक गई है।

चाक-चौबंद सुरक्षा को धता बताकर हुआ फरार 

यह पूरी घटना उस समय घटित हुई जब जेल के भीतर रोजाना की तरह कैदियों को काम पर ले जाने की प्रक्रिया चल रही थी। अमरोहा जिले के थाना डिडौली के नन्हेड़ा राजपूत गांव का रहने वाला दिनेश पुत्र अरविंद, बिजनौर के एक पॉक्सो एक्ट (POCSO Act) मामले में उम्रकैद की सजा भुगत रहा था। वह पिछले छह सालों से इसी जेल की सलाखों के पीछे था। सोमवार को उसे एक विशेष पर्ची के आधार पर अन्य कैदियों के साथ बाहर निकाला गया था। बैरक से कुल 12 बंदियों का जत्था काम के लिए आगे बढ़ रहा था, तभी दिनेश ने चौकन्ने सुरक्षाकर्मियों की मामूली सी लापरवाही का फायदा उठाया और चकमा देकर पलक झपकते ही वहां से भाग निकला। जब तक प्रहरियों को भनक लगती, कैदी उनकी पहुंच से काफी दूर जा चुका था।

प्रशासनिक अमले में मची खलबली, बड़े अफसरों ने डाला डेरा 

जेल के भीतर से कैदी के गायब होने की खबर दावानल की तरह फैली। सूचना मिलते ही जिले के जिलाधिकारी (DM) और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) भारी पुलिस बल के साथ फौरन बरेली सेंट्रल जेल (Bareilly Central Jail) पहुंचे। आला अफसरों ने घटनास्थल का बारीकी से मुआयना किया और जेल के प्रहरियों से तीखे सवाल-जवाब किए। जेल के मुख्य द्वारों और संभावित रास्तों की सघन जांच की गई। कैदी की इस तरह फरारी ने जेल की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी तंत्र की पोल खोलकर रख दी है, जिसके चलते प्रशासनिक गलियारों में तीखी नाराजगी देखी जा रही है।

गाज गिरी: सात कर्मचारी निलंबित, वरिष्ठ अधीक्षक नपे

इस मामले में पुलिस उपमहानिरीक्षक (कारागार) बरेली परिक्षेत्र ने तुरंत अपनी प्रारंभिक जांच रिपोर्ट सौंपी। जांच आख्या में लापरवाही उजागर होने के बाद शासन के निर्देश पर कार्रवाई की बड़ी गाज गिरी है। जेलर नीरज कुमार और डिप्टी जेलर श्रीमती वंदना सिंह चौधरी को सस्पेंड कर दिया गया है। इनके अलावा हेड जेल वार्डर विशंभर सिंह, अर्जुन प्रसाद, गेंदालाल तथा जेल वार्डर मुकेश सिंह और मोहित कुमार को भी तत्काल प्रभाव से निलंबित कर उनके खिलाफ विभागीय जांच शुरू कर दी गई है। वहीं, बरेली सेंट्रल जेल (Bareilly Central Jail) के वरिष्ठ अधीक्षक अविनाश गौतम के स्तर पर भी बड़ी चूक मानते हुए उनके विरुद्ध दंडात्मक विभागीय कार्रवाई की संस्तुति शासन को भेज दी गई है।

 तलाश में जुटीं पुलिस टीमें, सीमाएं सील

फरार कैदी दिनेश को दोबारा सलाखों के पीछे लाने के लिए बरेली पुलिस पूरी ताकत झोंक रही है। स्थानीय थाने में उसके खिलाफ नामजद प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली गई है। पुलिस कप्तान के निर्देश पर पुलिस और क्राइम ब्रांच की कई टीमें गठित की गई हैं, जो अमरोहा और बिजनौर सहित उसके तमाम संभावित ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी कर रही हैं। जिले की सीमाओं पर चेकिंग अभियान तेज कर दिया गया है। अधिकारियों का दावा है कि तकनीकी सर्विलांस की मदद भी ली जा रही है और जल्द ही फरार कैदी को दोबारा दबोच लिया जाएगा।

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