इंदौर में पुलिसकर्मियों पर गिरी गाज, थाना प्रभारी समेत छह निलंबित, थाने के बाहर हुआ था हंगामा

खबर सार :-

इंदौर के एरोड्रम थाने में दो लोगों से कथित मारपीट और दुर्व्यवहार के मामले में थाना प्रभारी समेत छह पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया। विभागीय जांच जारी है।
इंदौर में दो लोगों से कथित मारपीट का मामला, छह पुलिसकर्मी निलंबित

खबर विस्तार : -

इंदौर: मध्य प्रदेश के इंदौर में दो लोगों के साथ कथित मारपीट और दुर्व्यवहार के मामले में पुलिस प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। एरोड्रम थाने में हुई घटना को लेकर थाना प्रभारी समेत छह पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई शुक्रवार रात थाने के बाहर भाजपा कार्यकर्ताओं और स्थानीय विधायक गोलू शुक्ला के समर्थकों के हंगामे के बाद की गई। प्रदर्शनकारियों ने आरोपित पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई करने और पूरे मामले में जवाबदेही तय करने की मांग की थी।

अधिकारियों के अनुसार, मामले की प्रारंभिक जांच के बाद अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त सुमित केरकट्टा ने छह पुलिसकर्मियों के निलंबन की घोषणा की। निलंबित किए गए पुलिसकर्मियों में एरोड्रम थाने के प्रभारी वीरेंद्र सिंह कुशवाहा, एक उपनिरीक्षक और चार अन्य पुलिसकर्मी शामिल हैं। पुलिस प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित कर्मचारियों की भूमिका की जांच शुरू कर दी है।

पड़ोसियों से विवाद के बाद थाने पहुंचे थे जयदीप दुबे

जानकारी के मुताबिक, पंडित जयदीप दुबे का किसी बात को लेकर अपने पड़ोसियों से विवाद हो गया था। इसके बाद उन्होंने स्थानीय विधायक गोलू शुक्ला से संपर्क कर मदद मांगी। बताया जा रहा है कि विधायक ने इस संबंध में एरोड्रम थाने के प्रभारी वीरेंद्र सिंह कुशवाहा से फोन पर बात की थी। आरोप है कि थाना प्रभारी ने जयदीप दुबे को थाने आने के लिए कहा और मामले को देखने का आश्वासन दिया। इसके बाद जयदीप दुबे भाजपा कार्यकर्ता पंकज चौबे के साथ एरोड्रम थाने पहुंचे। वहां किसी बात को लेकर उनकी पुलिसकर्मियों से बहस हो गई। आरोप लगाया गया कि बहस के दौरान पुलिसकर्मियों ने दोनों के साथ मारपीट की और बाद में उन्हें थाने के अंदर बैठा दिया। हालांकि, घटना के दौरान वास्तव में क्या हुआ और विवाद किस वजह से बढ़ा, इसका पूरा विवरण विभागीय जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

रात 11 बजे थाने के बाहर जुटे सैकड़ों कार्यकर्ता

कथित मारपीट की जानकारी सामने आने के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं और विधायक गोलू शुक्ला के समर्थकों में नाराजगी फैल गई। शुक्रवार रात करीब 11 बजे सैकड़ों कार्यकर्ता एरोड्रम थाने के बाहर एकत्र हो गए। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की और मामले में शामिल बताए जा रहे पुलिसकर्मियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग की। भीड़ जुटने के बाद थाने के बाहर तनावपूर्ण स्थिति बन गई। प्रदर्शनकारियों ने दोनों लोगों के साथ कथित दुर्व्यवहार पर नाराजगी जताते हुए पुलिस प्रशासन से जवाब मांगा। उनका कहना था कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषी पाए जाने वाले कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर मामले में उचित कार्रवाई का भरोसा दिया। इसके बाद पुलिस प्रशासन ने प्रारंभिक जांच के आधार पर संबंधित छह पुलिसकर्मियों को निलंबित करने का फैसला किया।

विभागीय जांच जारी, आगे भी हो सकती है कार्रवाई

पुलिसकर्मियों का निलंबन मामले में प्रारंभिक कार्रवाई है। पुलिस प्रशासन अब घटना के पूरे क्रम, थाने में मौजूद कर्मचारियों की भूमिका और दोनों पक्षों के बीच हुए विवाद की परिस्थितियों की जांच कर रहा है। विभागीय जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस घटना ने एक बार फिर पुलिस थानों में आम नागरिकों के साथ व्यवहार और पुलिसकर्मियों की जवाबदेही को लेकर सवाल खड़े किए हैं। हालांकि, मामले में लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच के निष्कर्षों के बाद ही होगी। फिलहाल, एरोड्रम थाने में हुई कथित मारपीट के मामले में थाना प्रभारी समेत छह पुलिसकर्मियों का निलंबन पुलिस प्रशासन की ओर से उठाया गया शुरुआती कदम है। अब विभागीय जांच की रिपोर्ट पर नजर रहेगी, जिससे घटना की वास्तविक परिस्थितियों और संबंधित पुलिसकर्मियों की भूमिका को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

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