मुज़फ्फरनगर : जिले में साइबर अपराधों के बढ़ते मामलों के बीच, मुज़फ्फरनगर साइबर क्राइम पुलिस ने एक बड़े साइबर धोखाधड़ी मामले का खुलासा करते हुए एक शातिर अभियुक्त को गिरफ्तार किया है। आरोपी के खिलाफ वादी सचिन कुमार की तहरीर पर 3.09 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी करने के आरोप में मामला दर्ज किया गया था। पुलिस द्वारा की गई कड़ी कार्रवाई में अब तक तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इस गिरोह का सरगना खालिद नामक अभियुक्त है, जो बाराबंकी का निवासी है। खालिद और उसके साथियों ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स, विशेष रूप से फेसबुक के माध्यम से लोगों से दोस्ती कर निवेश के नाम पर उनसे धन एकत्रित किया। इस धोखाधड़ी में आरोपी ने वादी को अधिक लाभ का झांसा देकर करीब 3.09 करोड़ रुपये ठग लिए।
इस मामले की जांच मुज़फ्फरनगर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा और पुलिस अधीक्षक अपराध इन्दु सिद्धार्थ के निर्देशन में की गई। थाना साइबर क्राइम के प्रभारी सुल्तान सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 7 दिसंबर 2025 को दो अभियुक्तों, मौहम्मद माज और अम्बरीश मिश्रा को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। इसके बाद, 23 दिसंबर को खालिद को भी गिरफ्तार कर लिया गया।
गिरफ्तार अभियुक्त के पास से दो मोबाइल फोन, एक लैपटॉप और एक वाईफाई राऊटर बरामद किया गया है। खालिद ने पूछताछ में बताया कि उसने बाबू बनारसीदास यूनिवर्सिटी से BHMCT की डिग्री प्राप्त की थी और नौकरी की तलाश में था। इसी दौरान उसकी मुलाकात बाराबंकी निवासी सार्थक से हुई, जिसने उसे निवेश के नाम पर पैसे इकट्ठा करने का तरीका बताया। खालिद ने इस धंधे में शामिल होकर कई बैंक खातों का उपयोग किया और अब तक लाखों रुपये की धोखाधड़ी की है।
खालिद ने बताया कि वह विभिन्न देशों में मौजूद अन्य साइबर अपराधियों के संपर्क में था, जिनका नेटवर्क भारत में साइबर धोखाधड़ी कर रहा था। उसने बताया कि इस नेटवर्क में शामिल अन्य अपराधियों से उसने ऑनलाइन धोखाधड़ी के तरीके सीखे और फिर भारत में कई लोगों के खातों से पैसे निकाले। अब तक करीब 50 बैंक खातों का इस्तेमाल कर खालिद और उसके साथियों ने कई करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की है।
मुज़फ्फरनगर पुलिस की साइबर क्राइम यूनिट ने इस मामले में अब तक करीब 50 लाख रुपये की रकम फ्रीज कर पीड़ितों के खातों में वापस करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। पुलिस ने बताया कि इस गिरोह का नेटवर्क केवल मुज़फ्फरनगर ही नहीं, बल्कि देश के विभिन्न हिस्सों में फैल चुका था। तमिलनाडू, दिल्ली, महाराष्ट्र और अन्य राज्यों से भी साइबर धोखाधड़ी के मामलों में शिकायतें दर्ज की गई हैं। मुज़फ्फरनगर पुलिस की यह सफलता इस बात का सबूत है कि साइबर अपराधों के प्रति उनकी सजगता और सक्रियता लगातार बढ़ रही है। इस मामले में अभी और अभियुक्तों की गिरफ्तारी की संभावना है और पुलिस द्वारा मामले की जांच जारी है।
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