श्रीगंगानगरः मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों, स्ट्रीट वेंडर्स और लोक कलाकारों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए प्रयासरत है। इन्हीं प्रयासों की श्रृंखला में राज्य सरकार ने एक महत्वाकांक्षी योजना मुख्यमंत्री विश्वकर्मा पेंशन योजना-2024 लागू की है। यह योजना उन लोगों के भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में एक ठोस कदम है जो श्रम और कला के माध्यम से अपने जीवन का एक बड़ा हिस्सा समाज को देते हैं लेकिन वृद्धावस्था में असुरक्षा का सामना करते हैं।
यह योजना एक स्वैच्छिक और अंशदायी पेंशन योजना है। इसमें 18 वर्ष या उससे अधिक आयु के असंगठित क्षेत्र के श्रमिक, स्ट्रीट वेंडर्स और लोक कलाकार 45 वर्ष की आयु तक अपने आयु वर्ग के अनुसार मासिक अंशदान करेंगे। राज्य सरकार भी उनके बराबर अंशदान करेगी। 60 वर्ष की आयु पूरी होने पर प्रत्येक पात्र लाभार्थी को 3000 रुपये मासिक पेंशन अवश्य दी जाएगी। यह पेंशन मुख्यमंत्री वृद्धावस्था सम्मान पेंशन के अतिरिक्त होगी, अर्थात वृद्धावस्था में दोगुनी सहायता का लाभ मिलेगा। राजस्थान का मूल निवासी, जिसकी आयु 18 से 45 वर्ष के बीच हो और जिसकी मासिक आय 15,000 रुपये से अधिक न हो, केंद्र सरकार के ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकरण कराएगा।
पंजीकरण के समय, व्यक्ति को अपना आधार नंबर और बैंक खाता भी दर्ज कराना होगा। वह प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन जैसी किसी अन्य अंशदायी पेंशन योजना में शामिल न हो और आयकरदाता न हो। इस योजना के लिए एक विशेष राज्य पेंशन कोष बनाया गया है, जिसमें श्रमिकों और कलाकारों का अंशदान और राज्य सरकार का अंशदान जमा किया जाएगा। यह राशि पेंशन कोष के रूप में निवेशित और संरक्षित रहेगी। यदि कोई सदस्य बीच में ही योजना छोड़ना चाहता है या अंशदान करना बंद कर देता है, तो उसका अंशदान ब्याज सहित वापस किया जाएगा। जिस सदस्य ने 10 वर्ष से अधिक समय तक अंशदान किया है, उसे बैंक ब्याज दर या अर्जित वास्तविक ब्याज, जो भी अधिक हो, पर राशि वापस की जाएगी।
यदि पेंशन प्राप्त करते समय लाभार्थी की मृत्यु हो जाती है, तो पेंशन का 50 प्रतिशत उसके जीवनसाथी को पारिवारिक पेंशन के रूप में दिया जाएगा। यदि कोई सदस्य 60 वर्ष की आयु से पहले स्थायी रूप से विकलांग हो जाता है, तो उसका/उसकी जीवनसाथी इस योजना में बने रह सकते हैं या ब्याज सहित अंशदान का कुछ हिस्सा प्राप्त कर सकते हैं। इस योजना का नोडल विभाग राज्य बीमा एवं प्रावधायी निधि विभाग होगा और सहायक विभाग श्रम विभाग, स्थानीय निकाय, कला एवं संस्कृति विभाग होंगे।
मुख्यमंत्री विश्वकर्मा पेंशन योजना का सबसे बड़ा उद्देश्य श्रमिकों और कलाकारों को वृद्धावस्था में आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना, रेहड़ी-पटरी वालों और असंगठित श्रमिकों को समाज की मुख्यधारा में लाना और उनके परिवारों को सहारा और सुरक्षित भविष्य प्रदान करना है। यह योजना न केवल सामाजिक सुरक्षा की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी, बल्कि राजस्थान के श्रमिकों और लोक कलाकारों को यह विश्वास भी दिलाएगी कि राज्य सरकार उनके साथ खड़ी है। योजना में पंजीकरण और अधिक जानकारी के लिए राज्य बीमा एवं प्रावधायी निधि विभाग के किसी भी कार्यालय से संपर्क किया जा सकता है।
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