बांदा: कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के कृषि मौसम विज्ञान विभाग के वैज्ञानिक डॉ. दिनेश शाह के अनुसार, अधिकतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 6.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हैरानी की बात है कि पिछले साल 28 दिसंबर को भी न्यूनतम तापमान 6.5 डिग्री सेल्सियस ही दर्ज किया गया था। फिलहाल, पिछले दो दिनों में न्यूनतम तापमान में दो डिग्री की गिरावट आई है, जिससे कड़ाके की ठंड पड़ रही है। इस भीषण ठंड के कारण लोग घरों में रहने को मजबूर हैं।
न्यूनतम तापमान में दो डिग्री की गिरावट के कारण कड़ाके की ठंड से लोग घरों में रहने को मजबूर हैं। बस स्टेशन से बसें तो चलीं, लेकिन यात्रियों की संख्या न के बराबर थी। इसी तरह, लंबी दूरी की ट्रेनें भी बांदा में नौ से ग्यारह घंटे देरी से पहुंचीं। रविवार दोपहर को शहर में कोहरा भी छाया रहा। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, अगर कोहरा लगातार चार से पांच दिनों तक बना रहता है, तो दलहन और तिलहन फसलों को नुकसान होने की पूरी संभावना है। न्यूनतम तापमान 6.5 डिग्री सेल्सियस बना हुआ है। यह मौसम गेहूं की फसल के लिए फायदेमंद माना जाता है। पिछले सालों की तुलना में मौसम सामान्य के करीब है।
रविवार सुबह बस स्टेशन से बसें तो चलीं, लेकिन यात्रियों की संख्या न के बराबर थी। बांदा से कानपुर, बांदा से फतेहपुर लखनऊ, बांदा से मथुरा, बांदा से गोरखपुर, बांदा से फतेहपुर होते हुए लखनऊ जाने वाली जनरथ बसें और बांदा से ओरई जाने वाली बसें अपने तय समय पर चलीं। हालांकि, यात्रियों की संख्या बहुत कम थी। पूरे दिन बसें बस स्टेशन पर यात्रियों का इंतजार करती दिखीं।
इस बीच, जिले में मौसम पिछले सालों की तरह सामान्य है। पिछले दो दिनों में न्यूनतम तापमान में दो डिग्री की गिरावट के कारण ठंड बढ़ गई है। कोहरा छाने की संभावना है। हालांकि, पाला पड़ने की कोई संभावना नहीं है। अगर कोहरा लगातार चार से पांच दिनों तक बना रहता है, तो दलहन और तिलहन फसलों (मसूर, चना, मटर, अलसी, सरसों) को नुकसान हो सकता है। इन फसलों में फूल गिरने और विकास रुकने की समस्या हो सकती है।
कड़ाके की ठंड और गलन का रेल परिवहन पर काफी असर पड़ रहा है। लंबी दूरी की ट्रेनें नौ से दस घंटे देरी से पहुंच रही हैं। स्टेशन मैनेजर मनोज शिवहरे ने बताया कि मुंबई लोकमान्य तिलक टर्मिनस से सूबेदारगंज जाने वाली ट्रेन, जिसे शनिवार रात 11:50 बजे बांदा पहुंचना था, वह रविवार सुबह 10:34 बजे पहुंची, यानी 10 घंटे 34 मिनट की देरी हुई। इसी तरह, अंबेडकर नगर से प्रयागराज जाने वाली अंबेडकर नगर एक्सप्रेस, जिसे 1:30 बजे बांदा पहुंचना था, वह रविवार सुबह 6:50 बजे पहुंची, यानी 5 घंटे 20 मिनट की देरी हुई। बनारस से ग्वालियर जाने वाली ट्रेन, जिसका समय 1:00 बजे था, वह बांदा में 3:00 बजे पहुंची, यानी दो घंटे लेट।
अहमदाबाद से बरौनी जाने वाली एक्सप्रेस ट्रेन, जिसका समय 2:50 बजे था, वह बांदा में 5:46 बजे पहुंची, यानी तीन घंटे लेट। इसी तरह, आसनसोल से अहमदाबाद जाने वाली एक्सप्रेस ट्रेन, जिसका समय 10:25 बजे था, वह बांदा में 11:34 बजे पहुंची, यानी लगभग एक घंटा लेट। प्रयागराज से ग्वालियर जाने वाली एक्सप्रेस ट्रेन, जिसका समय 12:30 बजे था, वह बांदा में 2:45 बजे पहुंची, यानी लगभग दो घंटे 15 मिनट लेट। जबलपुर से हजरत निजामुद्दीन, दिल्ली जाने वाली ट्रेन बांदा में एक घंटा लेट पहुंची। निजामुद्दीन से मानिकपुर जाने वाली उत्तर प्रदेश संपर्क क्रांति, जिसका समय 5:00 बजे था, वह बांदा में लगभग डेढ़ घंटा लेट पहुंची।
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