युवाओं में तेजी से पैर पसार रहा गठिया, बुंदेलखंड आयुर्वेद कॉलेज में लगेगा शिविर

खबर सार :-

कम उम्र में युवाओं में गठिया और जोड़ों के दर्द का खतरा बढ़ रहा है। झांसी के आयुर्वेदिक कॉलेज में विश्व गठिया दिवस पर लगेगा निशुल्क चिकित्सा शिविर।
कम उम्र में बढ़ रहा गठिया का खतरा, अलग विभाग से मिलेगी राहत

खबर विस्तार : -

झांसी: बदलते खानपान और अनियमित दिनचर्या के कारण अब युवाओं में भी गठिया और जोड़ों के दर्द की समस्या तेजी से बढ़ रही है। अस्पतालों में इस तरह की शिकायत लेकर पहुंचने वाले युवाओं की संख्या अब लगभग 40 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है। विशेषज्ञों का कहना है कि सुबह उठने पर जोड़ों में अकड़न, सूजन और लगातार दर्द बने रहने जैसे शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। समय पर जांच और उपचार से इस बीमारी को नियंत्रित किया जा सकता है।

बढ़ते मामलों को देखते हुए अलग विभाग का गठन

मरीजों की बढ़ती संख्या और खराब खानपान के कारण गठिया से ग्रसित लोगों को राहत देने के लिए स्वास्थ्य विभाग के निर्देश पर आयुर्वेदिक और मेडिकल कॉलेजों में एक अलग गठिया विभाग का गठन किया गया है। इस विभाग में मरीजों को फिजियोथैरेपी के साथ-साथ विशेष व्यायाम भी कराए जा रहे हैं, जिससे मरीजों को जल्द आराम मिल रहा है। जिला अस्पताल, मेडिकल कॉलेज और आयुर्वेदिक कॉलेज की ओपीडी में प्रतिदिन 50 से 60 मरीज गठिया की परेशानी लेकर पहुंचते हैं, जिनमें से 15 से 20 मरीज 25 से 40 वर्ष की आयु के होते हैं।

विशेषज्ञों की राय और प्रमुख लक्षण

डॉक्टरों के अनुसार युवाओं में रूमेटाइड अर्थराइटिस, ऐंकिलॉजिंग स्पॉन्डिलाइटिस और गाउट जैसी समस्याएं अधिक बढ़ रही हैं। जिला अस्पताल के फिजिशियन डॉ. दयासागर गुप्ता का कहना है कि युवाओं में इस समस्या के पीछे आनुवंशिक कारण, प्रतिरक्षा प्रणाली में गड़बड़ी और जीवनशैली से जुड़े कारक हो सकते हैं। वहीं, मेडिकल कॉलेज झांसी के हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. अमित सहगल ने बताया कि लगातार दर्द, सूजन और अकड़न होने पर डॉक्टर से तुरंत परामर्श लेना जरूरी है। आयुर्वेदिक कॉलेज झांसी की फिजिशियन डॉ. प्रीति सागर ने बताया कि पहले 100 में से एक या दो युवा में यह परेशानी सामने आती थी, लेकिन अब प्रतिदिन 5 से 8 युवा मरीज ओपीडी में पहुंच रहे हैं। बुजुर्गों में सबसे अधिक ओस्टियोआर्थराइटिस की समस्या देखी जा रही है, जिसमें जोड़ों में दर्द और चलने-फिरने में परेशानी होती है।

विश्व गठिया दिवस का आयोजन

गठिया को पहले केवल बुजुर्गों की बीमारी माना जाता था, लेकिन आधुनिक जीवनशैली के कारण यह सभी उम्र के लोगों को प्रभावित कर रही है। विश्व गठिया दिवस के अवसर पर 12 अक्टूबर को बुंदेलखंड राजकीय आयुर्वेदिक कॉलेज में निशुल्क चिकित्सा शिविर आयोजित किया जा रहा है, जहां मरीजों की जांच और दवाएं पूरी तरह निशुल्क उपलब्ध रहेंगी।

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