नीलकंठ और आसपास क्षेत्र के विद्यालय 30 जुलाई से 11 अगस्त तक बंद

खबर सार :-

उत्तराखंड पौड़ी गढ़वाल में इन दिनों कावड़ मेला को लेकर तैयारियां चल रही हैं। यहां पर नीलकंठ महादेव कांवड़ मेला के दौरान कई जिलों में बड़ा उत्साह रहता है। इस अवसर पर सडकों पर वाहनों का दबाव बढ जाता है।
नीलकंठ और आसपास क्षेत्र के विद्यालय 30 जुलाई से 11 अगस्त तक बंद

खबर विस्तार : -

पौड़ी गढ़वाल; उत्तराखंड पौड़ी गढ़वाल में इन दिनों कावड़ मेला को लेकर तैयारियां चल रही हैं। यहां पर नीलकंठ महादेव कांवड़ मेला के दौरान कई जिलों में बड़ा उत्साह रहता है। इस अवसर पर सडकों पर वाहनों का दबाव बढ जाता है। बडी संख्या में श्रद्धालुओं के आने-जाने से स्कूली बच्चों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। यह ऐसे रूट हैं, उन पर कई स्कूल हैं। इसलिए जिलाधिकारी स्वामी एस भदोरिया ने नीलकंठ यात्रा मार्ग और आसपास स्थित 18 शिक्षण संस्थानों में निर्धारित अवधि के लिए छुट्टियां घोषित कर दी हैं। विद्यार्थियों को यहां यातायात में असुविधा न हो इसलिए प्रशासन में ऐसा निर्णय लिया है। सुरक्षा के लिहाज से यात्रा के दौरान करीब 1200 सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की जाएगी। इनको प्रशिक्षित भी किया जा रहा है।

छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित रहेगी

कावड़ मेले के दौरान जिलाधिकारी ने नीलकंठ मार्ग पर लाखों श्रद्धालुओं की आवाजाही को ध्यान रखते हुए कई अहम फैसले लियें हैै। ऐसे मार्ग जो सुरक्षित नहीं हैं और इनमें आवागमन ज्यादा रहता है, वहां पर यात्रा को सुचारू रखने के लिए ज्यादा पुलिस बल तैनात किया जाएगा। साथ ही स्कूलों की छुट्टियां घोषित करने से भी काफी सुविधा मिलेगी। उन्होंने सभी विभागों और विद्यालय प्रबंधन को इस आदेश का पालन करने के लिए कहा है। प्रशासन का आदेश है कि नीलकंठ और आसपास  क्षेत्र के चार विद्यालयों में 30 जुलाई से 11 अगस्त तक, लक्ष्मण झूला आश्रम गट्टू , गंगा भोगपुर और नीलकंठ क्षेत्र के 14 अन्य शिक्षण संस्थान 5 अगस्त से 11 अगस्त तक बंद रहेंगे। इस निर्णय से छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित रहेगी।

पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट

दूसरी ओर कावड़ यात्रा के दौरान यातायात पर भी काफी असर पड़ेगा, प्रशासन का मानना है कि आवागमन सुलभ रहेगा। अभिभावको और विद्यालय प्रबंधन से सहयोग की अपील के लिए रोज बैठक की जा रही हैं। प्रशासन का कहना है कि निर्धारित निर्देशों का पालन न करने वाले के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। मेला के दौरान शांतिपूर्ण और सुरक्षित वातावरण तेैयार करना हमारी जिम्मेदारी है। वहीं दूसरी ओर पौड़ी गढ़वाल क्षेत्र में ही सावन के पावन माह में भी भक्तों की संख्या काफी रहती है। सबसे बड़े आयोजन नीलकंठ श्रवण मेला को लेकर पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है।

किसी प्रकार की लापरवाही ना हो

यहां पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा और यात्रा को सुगम बनाने के लिए अभी से तैयारी चल रही है। कुछ रूटों में डायवर्सन लागू किया जाएगा। तथा कुछ ऐसे स्थान हैं, जहां भीड़ ज्यादा रहती है। वहां पुलिस संख्या बढ़ाई जाएगी। पूरे मेला क्षेत्र में करीब 1200 पुलिस, होमगार्ड और पीआरडी जवानों की तैनाती की जाएगी। मेला शुरू होने से पहले पुलिस अधीक्षक सर्विस पवार ने जिम्मेदारी बांट दी है। सभी अधिकारियों और जवानों की वह लगातार ब्रीफिंग कर रहे हैं। श्रद्धालुओं के साथ विनम्र और सहयोग करने के लिए वह रोज निर्देश जारी कर रहे हैं। उनका कहना है की सुरक्षा यातायात और प्रबंधन में किसी प्रकार की लापरवाही ना हो।

24 घंटे निगरानी रखी जाएगी

उन्होंने कहा कि कांवरियों की सुरक्षा को लेकर सरकार के भी निर्देश हैं कि किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए टीमों को जिम्मेदारी दी गई है। पुलिस ने इस बार सुरक्षा व्यवस्था को हाईटेक बनाने की कोशिश की है। अलग-अलग स्थान पर करीब 70 सीसीटीवी कैमरे और द्रोन के जरिए पूरा मेला क्षेत्र पर 24 घंटे निगरानी रखी जाएगी। इसके अलावा मेला परिसर में कंट्रोल रूम बनाया गया है, जहां पर अत्यधिक संचार व्यवस्था रहेगी। हर गतिविधि की नजर रखने के लिए यहां जिम्मेदार लोग तैनात किए गए हैं।

सुरक्षा और सूचना के लिए तत्काल कार्रवाई की जाएगी । यातायात मार्ग को सुचारू रखने के लिए 23 मोबाइल पुलिस पार्टियों और दो इंटरसेप्टर वाहन गस्त करते नजर आएंगे। इसके अलावा श्रद्धालुओं की सहायता के लिए पांच अस्थाई पुलिस चैकियां, आठ खोया पाया केंद्र बनाए जाएंगे। वह हर प्रकार की सूचना देते रहेंगे। मेला में सुरक्षा मार्गदर्शन, आवश्यक सहायता केंद्र भी बनाए जाएंगे। पुलिस वेलफेयर टीम की मौजूदगी होगी। इसके अलावा महिला श्रद्धालुओं की सुरक्षा उनकी बात सुनने के लिए महिला कर्मचारियों की तैनाती की जा रही है। 

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