बागेश्वर धाम से शुरू हुई 500 किमी की सनातन हिंदू एकता रथयात्रा: 5 जिलों से गुजरेगा धीरेन्द्र शास्त्री का काफिला

खबर सार :-

पंडित धीरेंद्र शास्त्री के साथ उनका काफिला करीब 5 हजार लोगों के साथ चल रहा है। इस काफिले में करीब 300 वाहनों के होने का अनुमान हैैं। धीरेंद्र शास्त्री ने यात्रा के शुरू होते ही कहा कि देश को एकजुट रखने की कोशिश की जा रही है। इसे बांटने की साजिश भी चल रही है। देश की एकता की चिंता सता रही है।
सनातन हिंदू एकता रथयात्रा पर निकले पंडित धीरेन्द्र शास्त्री, बोले- गृहयुद्ध की ओर बढ़ रहा देश

खबर विस्तार : -

छतरपुर, बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री अपनी रथ यात्रा पर निकल चुके हैं। यह यात्रा सनातनी है। देश के लोगों को एक करने के लिहाज से शास्त्री ने यह रास्ता चुना है। अचानक नहीं ऐसा किया, इसस पहले वह कई बार ऐसे आयोजन कर चुके हैं। इस बार की जानकारी वह मीडिया के जरिए दे दिया था। वह कह रहे हैं के चाहे जितने विरोधी आ जाएं, प्राण चले जाएं तो भी धर्म नहीं छोड़ना है। अगर हम सब एक न हुए तो आने वाले 20 साल में हमारी स्थिति खराब होगी। देश गृहयुद्ध की ओर बढ़ रहा है। इसे गृहयुद्ध से बचाना है।

ये भी पढ़ें :जम्मू-कश्मीर के सोपोर में हथियारों और विस्फोटकों का बड़ा जखीरा बरामद, 3 IED और 11 हैंड ग्रेनेड जब्त

15 अक्टूबर को टीकमगढ़ में किया जाएगा समापन

पंडित धीरेन्द्र शास्त्री ने सनातन हिंदू रथयात्रा में शामिल श्रद्धालुओं को यात्रा के दौरान ही संबांधित किया। उन्होंने कहा कि हम हमारे धर्म के लोगों को एक करने की बात कर रहे हैैं। यात्रा जिधर से निकल रही है, हजारों की संख्या में उस रास्ते पर यात्रा देखने और प्रणाम करने पहुंच रहे हैं। रथयात्रा रविवार को छतरपुर जिले के गढ़ा स्थित बागेश्वर धाम से शुरू हुई। करीब 500 किलोमीटर लंबी यह यात्रा बुंदेलखंड के पांच जिलों से होकर गुजरेगी। इसका समापन 15 अक्टूबर को टीकमगढ़ में किया जाएगा।

यात्रा की खासियत है कि वह मध्यम गति से चलेगी। इसे पैदल नहीं चलाया जा रहा है। वाहनों की संख्या भी काफी है। यह रथयात्रा सनातन हिंदू एकता रथयात्रा के नाम से जानी जा रही है। इसकी शुरुआत हनुमान चालीसा के पाठ से की गई। इसके बाद राष्ट्रगान गाया गया। बड़ी संख्या में इसमें लोगों ने भाग लिया। यह रथयात्रा वहीं रूक रही है, जहां पर लोग शास्त्री का स्वागत करने के लिए खड़े रहते हैं। रथ आगे बढ़ते हुए मंडला पहुंचा और यहां से पन्ना जिले की सीमा में प्रवेश किया।

विधायक ब्रजेंद्र प्रताप सिंह ने यात्रा का स्वागत किया

छतरपुर और पन्ना को जोड़ने वाले मंडला पुल पर विधायक ब्रजेंद्र प्रताप सिंह ने यात्रा का स्वागत किया। यहां का माहौल बड़ा ही धार्मिक और मनोहारी बना रहा। बड़ी संख्या में  महिलाएं सिर पर कलश रखकर यात्रा का इंतजार कर रही थीं। स्वागत के लिए खड़ी महिलाओं ने बागेश्वर बाबा के पहुंचने पर उनका स्वागत किया। मंडला से यात्रा कच्चे रास्ते से हरसा और बघोआ होते हुए रथयात्रा पन्ना जिले के अजयगढ़ पहुंची। यात्रा को पहले दिन करीब 120 किलोमीटर तय किाया गया था।

इसके बाद वह पन्ना पहुंची, जहां रात्रि विश्राम की व्यवस्था की गई है। सामान्य यात्रा में एक घंटे में 120 किलोमीटर करीब ढाई घंटे में तय किया जाता है। यह सुरक्ष के लिहाज से लांग रूट मेें सही है। बाबा को लोगों से भी स्वागत के दौरान मिलना रहता है। यानी यात्रा काफी स्लो चल रही है। जहां भी यात्रा पहुंचती है, वहां जयकारे लगाए जाते हैं। यात्रा में सबसे आगे बालाजी, फिर शास्त्री का रथ और पीछे समर्थकों के वाहनों का लंबा काफिला चल रहा।

बुलडोजर और जेसीबी पर खड़े होकर फूल बरसाए

बाबा को रथ पर होने के कारण श्रद्धालुओं भी बुलडोजर और जेसीबी ले आए। इसी पर खड़े होकर फूल बरसाए। यात्रा के दौरान शास्त्री की एक एम्बुलेंस भी चल रही हैं। यह भी सनातनी लग रही थी।इसका रंग भगवा था। दिनभर करीब 18 घंटे की यात्रा के बाद शास्त्री ने अजयगढ़ में आशीर्वचन दिए। पन्ना में पंडित धीरेन्द्र शास्त्री ने मन की बात बताई। कमईठा, चंदनगर, मड़ला का नाम भी लिया। उन्होंने कहा कि सनातनियों में यह जागृति देखकर हृदय बहुत द्रवीभूत हुआ। उन्होंने एक बड़ी बात कही, कि कई स्थानों पर रास्ता खराब था। लेकिन मन खराब नहीं हुआ। 

जयकारों की चारोंओर गूंज उठ रही है। भले ही यात्रा कम दूरी की है, लेकिन उत्साह हजारों किमी वाला है। धीरेंद्र शास्त्री भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने की मांग की है। यह उनकी पहली मांग है। सालोें से वह इसे उठा रहे हैं। इसके साथ ही जातिवाद और छुआछूत समाप्त करने की मांग की गई है। 

ये भी पढ़ें : बाबा विश्वनाथ की नगरी में शक्ति आराधना की तैयारी, आधी रात के बाद से शैलपुत्री के दरबार में शुरू हुआ दर्शन-पूजन

अन्य प्रमुख खबरें