गणेश जी को समर्पित: गंगा किनारे अमृतराव पेशवा ने कराया था गणेश घाट का निर्माण
खबर सार :-
गणेश जी को समर्पित:काशी में गंगा तट के साथ ही भगवान शिव-पार्वती के परिवार की भी प्रमुखता से मान्यता है। इसी कारण से प्रथम पूज्य गणेश को भी समर्पित एक घाट 84 प्रमुख घाटों में अपना स्थान रखता है।
खबर विस्तार : -
वाराणसी। धर्म नगरी काशी में मां गंगा नदी के किनारे बने 84 घाटों की श्रृंखला में एक घाट गणेश घाट प्रथम पूज्य भगवान गणेश को समर्पित है। गणेश घाट पर नमामि गंगे के सदस्यों ने बुधवार को स्वच्छता अभियान चलाने के बाद घाट पर मौजूद लोगों को स्वच्छता के लिए प्रेरित किया।
भगवान शिव-पार्वती के परिवार की भी प्रमुखता से मान्यता
नमामि गंगे के काशी क्षेत्र संयोजक राजेश शुक्ला ने बताया कि काशी में गंगा तट के साथ ही भगवान शिव-पार्वती के परिवार की भी प्रमुखता से मान्यता है। इसी कारण से प्रथम पूज्य गणेश को भी समर्पित एक घाट 84 प्रमुख घाटों में अपना स्थान रखता है। गंगा की अनंत और अनगिन कथाओं के पात्रों की जीवंतता इसके घाटों पर भी नजर आती हैं। वाराणसी इस मामले में काफी अनोखा है, क्योंकि यहां 84 प्रमुख घाटों के क्रम में कई प्रमुख पात्रों को सम्मान ही नहीं विशिष्ट पहचान भी दी गई है।
कार्तिक पूर्णिमा के साथ-साथ गणेश चतुर्थी पर यहां होता है पवित्र स्नान
उन्होंने बताया कि घाट पर भगवान गणेश की मूर्ति और उनका आसन एक दुर्लभ संगमरमर से बना है। मूर्ति के अद्भुत रंग के कारण ही वाराणसी और आसपास के इलाकों के लोगों का मानना था कि मूर्ति मूंगा से बनी है। तब से मूर्ति को 'मूंगा गणेश' के नाम से जाना जाता है। वैसे स्थापित गणेश जी का नाम अमृत विनायक रखा गया था। 18वीं सदी के पूवार्द्ध में पूणे के अमृतराव पेशवा ने तब कच्चे और अग्निश्वर और रामघाट के एक हिस्से का पक्का निर्माण कराया और इसे नई पहचान दी। उनकी ओर से ही यहां अमृत विनायक मंदिर सहित कई अन्य वैभवशाली निर्माण कराए गए। घाट पर ही गणेश जी का प्राचीन मंदिर स्थापित होने की वजह से ही कालांतर में घाट का नाम गणेश घाट ही पड़ गया। गणेश घाट का धार्मिक महत्व बहुत अधिक है, खास तौर पर शुभ अवसरों पर स्नान के लिए। ऐसा माना जाता है कि गंगा दशहरा, भाद्र मास की शुक्ल चतुर्थी और कार्तिक पूर्णिमा के साथ-साथ गणेश चतुर्थी पर यहां पवित्र स्नान करने से विशेष आशीर्वाद मिलता है। इन शुद्धिकरण अनुष्ठानों के बाद, भक्तगण गणेश मंदिर में दर्शन और प्रार्थना के लिए जाना बहुत पुण्यदायी मानते हैं।
गणेश घाट पर गणेश मंदिर बना हुआ है आस्था का केन्द्र
गणेश घाट की प्रमुखता भगवान गणेश के देवताओं में सबसे प्रमुख माने जाने से उपजी है। नतीजतन, गंगा और भगवान गणेश दोनों से संबंधित सभी प्रमुख समारोह और कार्यक्रम इस घाट और इसके मंदिर में बड़े उत्साह के साथ मनाए जाते हैं। इसके अतिरिक्त, घाट और मंदिर महाराष्ट्र के लोगों के दिलों में एक विशेष स्थान रखते हैं, जिनकी इस पवित्र स्थल के प्रति गहरी श्रद्धा है।
गणेश घाट की गुलेरिया कोठी पेशवाओं की शान का भी आभास कराती है। तमाम विपरीत परिस्थितियों के बावजूद आज गणेश घाट पर गणेश मंदिर अपनी आस्था का केन्द्र बना हुआ है। पूर्वजों की ओर से घाटों पर निर्धारित रीति-रिवाजों का आज भी पालन किया जा रहा है।
अन्य प्रमुख खबरें
-
Panchang 24 October 2026: शनिवार 24 अक्टूबर 2026 का पंचांग
2026-10-23
-
Aaj Ka Rashifal 24 October 2026 : इन राशियों को आज होगा आर्थिक लाभ
2026-10-23
-
Panchang 23 October 2026: शुक्रवार 23 अक्टूबर 2026 का पंचांग
2026-10-22
-
Aaj Ka Rashifal 23 October 2026 : इन राशियों को आज होगा आर्थिक लाभ
2026-10-22
-
मऊ में सांप्रदायिक सद्भाव की मिसाल, अजान की गूंज के बीच हुआ भरत-मिलाप
2026-10-22
-
Panchang 22 October 2026: गुरुवार 22 अक्टूबर 2026 का पंचांग
2026-10-21
-
Aaj Ka Rashifal 22 October 2026 : इन राशियों को आज होगा आर्थिक लाभ
2026-10-21
-
Panchang 21 October 2026: बुधवार 21 अक्टूबर 2026 का पंचांग
2026-10-21
-
Aaj Ka Rashifal 21 October 2026 : इन राशियों को आज होगा आर्थिक लाभ
2026-10-21
-
झारखंड के देवघर का प्राचीन मंदिर, जहां 160 सालों से हो रही दुर्गा पूजा
2026-10-20
-
Tamil Nadu: आस्था के चलते आते हैं कई गांवों के लोग, भीड़ के कारण बनाए गए 50 पुलिस सहायता केंद्र
2026-10-20
-
राजगढ़ के भाटखेड़ी में दशहरा पर होता है भंडारा, एमपी में रावण और कुंभकर्ण से मांगते हैं मन्नत
2026-10-20
-
देवघर में नहीं होता रावण दहन, भक्तों की आस्था से जुड़ा है महत्व
2026-10-20
-
Panchang 20 October 2026: मंगलवार 20 अक्टूबर 2026 का पंचांग
2026-10-19
-
Aaj Ka Rashifal 20 October 2026 : इन राशियों को आज होगा आर्थिक लाभ
2026-10-19