World Breastfeeding Week 2025 : हर साल अगस्त के पहले सप्ताह (1 से 7 अगस्त) में मनाया जाने वाला विश्व स्तनपान सप्ताह सिर्फ एक उत्सव नहीं, बल्कि एक पहल है जिसका उद्देश्य नवजात शिशुओं के शारीरिक व मानसिक विकास के साथ साथ कुपोषण से बचाना है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और यूनिसेफ के संयुक्त प्रयासों से यह अभियान, मां के दूध के महत्व, जन-जन तक पहुंचाता है। मां के दूध को बच्चे के जीवन के लिए बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है।
विश्व स्तनपान सप्ताह 2025 की थीम स्तनपान को प्राथमिकता दें, स्थायी सहायता प्रणालियां बनाएं रखी गई है। यह थीम का उद्देश्य माताओं और शिशुओं के बेहतर स्वास्थ्य पर केंद्रित है। इसका उद्देश्य स्तनपान के लिए प्रोत्साहित करना है। दिलचस्प बात यह है कि यह थीम पर्यावरणीय स्थिरता को भी स्तनपान से जोड़ती है, जो इसे एक टिकाऊ और पर्यावरण के अनुकूल विकल्प के रूप में प्रस्तुत करती है।
WHO और यूनिसेफ के अनुसार, स्तनपान नवजात शिशुओं को स्वस्थ रखता है। यह शिशुओं को आवश्यक पोषण देकर रोगों से लड़ने की शक्ति देता है। स्तनपान से बच्चों में दस्त और निमोनिया जैसी बीमारियों का खतरा कम हो जाता है। वहीं, माताओं के लिए भी इसके कई लाभ हैं, जिनमें स्तन कैंसर, डिम्बग्रंथि कैंसर और टाइप-2 मधुमेह के जोखिम में कमी शामिल है।
वैश्विक स्तर पर, 6 महीने से कम उम्र के केवल 48% शिशुओं को ही विशेष रूप से स्तनपान कराया जाता है। माँ के दूध में मौजूद एंटीबॉडी शिशुओं को बीमारी और मृत्यु से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, खासकर उनके शुरुआती वृद्धि और विकास के महत्वपूर्ण चरण में।
इस अभियान का लक्ष्य समाज, कार्यस्थलों और सरकारी नीतियों में ऐसी व्यवस्थाएं स्थापित करना है जो माताओं को स्तनपान के लिए आवश्यक समर्थन प्रदान करें। इसमें बोतल में दूध के संभावित नुकसानों के बारे में जागरूकता फैलाना और कार्यस्थलों पर स्तनपान के अनुकूल माहौल बनाना शामिल है। जब माताओं को उनके शिशुओं को स्तनपान कराने के लिए सही समर्थन मिलता है, तो इसका लाभ पूरे समाज को मिलता है।
भारत में, इस पूरे सप्ताह आंगनबाड़ी कार्यकर्ताएं, आशा कार्यकर्ताएं और स्वास्थ्य कर्मी माताओं को स्तनपान के फायदों के बारे में जागरूक करती हैं। यह सप्ताह न केवल शिशुओं और माताओं के स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि यह पर्यावरण और समाज के समग्र विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। स्तनपान एक प्राकृतिक क्रिया है, लेकिन इसे सफल बनाने के लिए समुदाय, परिवार और सरकार के सहयोग की आवश्यकता होती है।
विश्व स्तनपान सप्ताह हमें याद दिलाता है कि स्तनपान केवल एक व्यक्तिगत पसंद नहीं है, बल्कि यह सार्वजनिक स्वास्थ्य और विकास का एक महत्वपूर्ण स्तंभ है। स्थायी सहायता प्रणालियों का निर्माण करके, हम न केवल वर्तमान पीढ़ी के बच्चों के स्वास्थ्य को सुरक्षित कर सकते हैं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए एक स्वस्थ भविष्य की नींव भी रख सकते हैं।
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