TRB Polytechnic Lecturer Recruitment Scam: ईडी ने तमिलनाडु में 18 ठिकानों पर की छापेमारी, जानिए पूरा मामला

खबर सार :-

सीसीबी की जांच में चयन प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं का खुलासा हुआ था। जांच एजेंसी ने इस मामले में 150 से अधिक लोगों को नामजद किया था। वहीं करीब 196 अभ्यर्थियों पर इस कथित हेरफेर का लाभ लेने का संदेह जताया गया था। जांच के दौरान सामने आए तथ्यों ने भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता और निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े किए थे।
TRB Polytechnic Lecturer Recruitment Scam: ईडी ने तमिलनाडु में 18 ठिकानों पर की छापेमारी, जानिए पूरा मामला

खबर विस्तार : -

चेन्नईः प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मंगलवार को तमिलनाडु में कथित टीचर्स रिक्रूटमेंट बोर्ड (टीआरबी) पॉलिटेक्निक लेक्चरर भर्ती घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच के तहत राज्यभर में 18 स्थानों पर छापेमारी की। यह कार्रवाई चेन्नई, तिरुचिरापल्ली, कोयंबटूर और मदुरै समेत कई शहरों में की गई। जांच एजेंसी का मानना है कि सरकारी पॉलिटेक्निक कॉलेजों में लेक्चरर पदों पर नियुक्ति दिलाने के लिए बड़े पैमाने पर धन का अवैध लेन-देन किया गया था।

चयन प्रक्रिया में मिलीं थी खामियां

ईडी की यह कार्रवाई वर्ष 2017 में चेन्नई सिटी सेंट्रल क्राइम ब्रांच (सीसीबी) द्वारा दर्ज एफआईआर और वर्ष 2021 में दायर चार्जशीट के आधार पर की जा रही जांच का हिस्सा है। मामला टीआरबी द्वारा आयोजित उस भर्ती परीक्षा से जुड़ा है, जिसके माध्यम से 1,058 पॉलिटेक्निक लेक्चररों की नियुक्ति की गई थी। आरोप है कि चयन प्रक्रिया के दौरान व्यापक स्तर पर अनियमितताएं बरती गईं और कुछ उम्मीदवारों को अवैध तरीकों से लाभ पहुंचाया गया।

जांच एजेंसियों के अनुसार, नई दिल्ली स्थित एक निजी एजेंसी के कुछ कर्मचारियों ने परीक्षा प्रक्रिया में हस्तक्षेप करते हुए ऑप्टिकल मार्क रिकग्निशन (ओएमआर) उत्तर पुस्तिकाओं और परीक्षा से जुड़े डिजिटल डेटा में कथित रूप से हेरफेर की। इस कथित हेरफेर के जरिए कुछ अभ्यर्थियों के अंकों में बदलाव कर उन्हें चयन सूची में स्थान दिलाया गया। आरोप है कि यह पूरी प्रक्रिया सुनियोजित तरीके से की गई और इसमें कई स्तरों पर लोगों की मिलीभगत शामिल थी।

अधिकारियों के अनुसार, कुछ उम्मीदवारों ने लेक्चरर पद पर चयन सुनिश्चित करने के लिए बिचौलियों को 25 लाख से 30 लाख रुपये तक का भुगतान किया था। यह रकम कथित तौर पर भर्ती प्रक्रिया को प्रभावित करने और चयन सूची में नाम शामिल कराने के बदले दी गई थी। जांच एजेंसियां अब इस धन के स्रोत, इसके लेन-देन के तरीकों और इससे जुड़े लाभार्थियों की पहचान करने में जुटी हैं।

छापेमारी में कई महत्वपूर्ण दस्तावेजों की हुई जांच

अपराध शाखा की पूर्व जांच के दौरान कई गिरफ्तारियां और तलाशी अभियान भी चलाए गए थे। उसी जांच में जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर ईडी ने धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत मामला दर्ज किया। इसके बाद एजेंसी ने कथित अवैध कमाई और उससे जुड़े वित्तीय नेटवर्क की जांच शुरू की।

मंगलवार को की गई छापेमारी के दौरान ईडी अधिकारियों ने वित्तीय रिकॉर्ड, बैंकिंग दस्तावेज, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, डिजिटल डेटा और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेजों की तलाश की। एजेंसी का उद्देश्य कथित रिश्वत के पैसों की पूरी श्रृंखला का पता लगाना और यह जानना है कि अवैध धन का इस्तेमाल किस प्रकार किया गया।

गौरतलब है कि हाल के वर्षों में तमिलनाडु में भर्ती घोटालों, कथित कैश-फॉर-जॉब्स रैकेट, अवैध रेत खनन, टीएएसएमएसी से जुड़ी वित्तीय अनियमितताओं और अन्य भ्रष्टाचार मामलों में ईडी लगातार कार्रवाई कर रही है। अधिकारियों के अनुसार, तलाशी अभियान से प्राप्त साक्ष्यों का विश्लेषण किया जा रहा है और जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। देर शाम तक कई स्थानों पर तलाशी अभियान जारी था।

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