Lucknow Coaching Center Fire : कोचिंग सेंटर की आग में 15 मासूमों की दर्दनाक मौत, खिड़कियों से कूदते बच्चों की चीखें सुन दहल उठा कलेजा, खुद ग्राउंड जीरो पर पहुंचे सीएम योगी!

खबर सार :-
Lucknow Coaching Center Fire : लखनऊ के अलीगंज स्थित एक कोचिंग सेंटर में लगी भीषण आग में 15 छात्रों की मौत से कोहराम। सीएम योगी आदित्यनाथ ने सभी कार्यक्रम रद्द कर घटनास्थल और केजीएमयू ट्रॉमा सेंटर का दौरा किया। उच्च स्तरीय जांच के आदेश, दोषियों पर होगी कड़ी कार्रवाई।
Lucknow Coaching Center Fire : कोचिंग सेंटर की आग में 15 मासूमों की दर्दनाक मौत, खिड़कियों से कूदते बच्चों की चीखें सुन दहल उठा कलेजा, खुद ग्राउंड जीरो पर पहुंचे सीएम योगी!
खबर विस्तार : -

Lucknow Coaching Center Fire :  उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ (Lucknow) का आलीशान इलाका अलीगंज सोमवार को उस समय चीखों और मातम के सन्नाटे में डूब गया, जब पुरनिया चौराहे के पास स्थित एक कोचिंग सेंटर की बहुमंजिला इमारत अचानक धधकती हुई भट्टी में तब्दील हो गई। इस भीषण हादसे में अब तक 15 मासूम छात्र-छात्राओं की दम घुटने और झुलसने से दर्दनाक मौत हो चुकी है। इस रोंगटे खड़े कर देने वाले Lucknow Coaching Center Fire हादसे की खबर मिलते ही प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने सारे तय दौरे बीच में ही रद्द कर दिए और वे खुद घटनास्थल का जायजा लेने अलीगंज पहुंच गए। मौके पर मलबे से उठते धुएं के बीच मुख्यमंत्री ने हालात को देखा और उसके बाद सीधे अस्पताल का रुख किया, जहां जिंदगी और मौत के बीच झूल रहे घायलों को देखकर हर आंख नम हो गई।

आग की लपटें और मासूमों की खौफनाक छलांग

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, दोपहर के वक्त जब कोचिंग सेंटर (Coaching Center) के अंदर सैकड़ों छात्र अपनी कक्षाओं में पढ़ाई कर रहे थे, तभी अचानक निचली मंजिलों से काला और दमघोंटू धुआं ऊपर की तरफ बढ़ने लगा। कुछ ही पलों में आग की विकराल लपटों ने पूरी सीढ़ी और निकास द्वार को अपने कब्जे में ले लिया। इमारत के भीतर फंसे बच्चों को जब बाहर निकलने का कोई रास्ता नहीं सूझा, तो चारों तरफ चीख-पुकार मच गई। दम घुटने से बेहाल कई छात्र खिड़कियों पर आकर मदद की गुहार लगाने लगे। अपनी जान बचाने की हताशा में कुछ बच्चों ने दो से तीन मंजिला ऊपर से ही नीचे पक्के फर्श पर छलांग लगा दी, जिससे वे गंभीर रूप से चोटिल हो गए। देखते ही देखते हंसता-खेलता कोचिंग सेंटर एक श्मशान जैसी डरावनी जगह में तब्दील हो गया।

रेस्क्यू ऑपरेशन और पिछली दीवार तोड़ने की चुनौती

घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग (Fire Department), स्थानीय पुलिस (Police) और आपदा प्रबंधन की टीमें तुरंत मौके पर दौड़ीं। पुलिस महानिदेशक (DGP) राजीव कृष्ण, अपर मुख्य सचिव (गृह) संजय प्रसाद और जिलाधिकारी समेत तमाम बड़े अधिकारियों ने खुद कमान संभाली। आग इतनी भयावह थी कि सामने के मुख्य रास्ते से अंदर दाखिल होना पूरी तरह असंभव हो चुका था। ऐसे में दमकल कर्मियों ने अदम्य साहस दिखाते हुए इमारत की पिछली कंक्रीट की दीवार को भारी हथौड़ों और कटर की मदद से तोड़ा। इस रास्ते से राहत एवं बचाव अभियान (Rescue Operation) शुरू किया गया और अंदर फंसे बेहोश बच्चों को बाहर निकालकर तुरंत गाड़ियों से अस्पताल भिजवाया गया।

केजीएमयू ट्रॉमा सेंटर में हाहाकार और डॉक्टरों की मुस्तैदी

इमारत से निकाले गए झुलसे और चोटिल छात्रों को तुरंत किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) के ट्रॉमा सेंटर (Trauma Center) में भर्ती कराया गया। केजीएमयू की कुलपति प्रोफेसर सोनिया नित्यानंद ने बताया कि हादसे की गंभीरता को देखते हुए चिकित्सकों की एक विशेष टीम को आपातकालीन ड्यूटी पर लगाया गया है। इस भयानक Lucknow Coaching Center Fire कांड के पीड़ितों को बचाने के लिए अस्पताल प्रशासन पूरी ताकत झोंक रहा है। ट्रॉमा सेंटर के सीएमएस डॉ. प्रेम राज सिंह ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि अस्पताल में कुल 21 लोगों को लाया गया था, जिनमें से अधिकांश को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। फिलहाल 6 घायल बच्चों की हालत स्थिर बनी हुई है, जिनका इलाज जारी है। मृतकों का पंचनामा और पोस्टमार्टम (Postmortem) कराने की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

मुख्यमंत्री योगी की सख्त हिदायत और दोषियों पर शिकंजा

अलीगढ़ में मौजूद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को जैसे ही इस भयावह Lucknow Coaching Center Fire हादसे की जानकारी मिली, उन्होंने बिना एक पल गंवाए अपने सारे राजनीतिक और प्रशासनिक कार्यक्रम रद्द कर दिए। लखनऊ पहुंचते ही वे सबसे पहले ग्राउंड जीरो पर गए और उसके बाद सीधे केजीएमयू ट्रॉमा सेंटर पहुंचे। घायलों और उनके परिजनों से मिलकर मुख्यमंत्री भावुक हो गए और उन्होंने डॉक्टरों को मुफ्त व उच्च स्तरीय इलाज सुनिश्चित करने का आदेश दिया। मुख्यमंत्री ने इस घटना पर गहरा दुख जताते हुए साफ लफ्जों में कहा कि यह लापरवाही कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने इस पूरे अग्निकांड की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दे दिए हैं और अधिकारियों को निर्देशित किया है कि इस त्रासदी के लिए जिम्मेदार किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।

प्रशासनिक जांच और सुरक्षा मानकों पर खड़े होते बड़े सवाल

घटनास्थल पर मौजूद उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने मीडिया से बात करते हुए 14 बच्चों की तत्काल मौत और चार बच्चों के गंभीर रूप से घायल होने की पुष्टि की थी, जिसके बाद मरने वालों का आंकड़ा बढ़कर 15 हो गया है। इस दर्दनाक Lucknow Coaching Center Fire हादसे ने एक बार फिर रिहायशी और भीड़भाड़ वाले इलाकों में धड़ल्ले से चल रहे कोचिंग सेंटरों में सुरक्षा मानकों (Safety Standards) की पोल खोल कर रख दी है। प्राथमिक कयासों में आग की वजह शॉर्ट सर्किट (Short Circuit) बताई जा रही है, लेकिन असली कारणों का खुलासा विस्तृत तकनीकी जांच रिपोर्ट के आने के बाद ही हो सकेगा। सरकार ने साफ किया है कि जांच पूरी होते ही दोषियों पर ऐसी सख्त कार्रवाई होगी जो नजीर बनेगी।

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