गांव-गांव पहुंचेगी विकास की सड़क: 26,474 किमी नई ग्रामीण सड़कों का लक्ष्य, 18,907 करोड़ रुपये खर्च करेगी सरकार
खबर सार :-
केंद्र सरकार का 26,474 किलोमीटर ग्रामीण सड़क निर्माण लक्ष्य देश के ग्रामीण विकास अभियान को नई गति देने वाला कदम है। 18,907 करोड़ रुपये के निवेश से न केवल दूरदराज क्षेत्रों की कनेक्टिविटी मजबूत होगी, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। गुणवत्ता, तकनीक और समयबद्ध क्रियान्वयन पर जोर इस पहल को अधिक प्रभावी और टिकाऊ बनाएगा।
खबर विस्तार : -
Rural Road Scheme: केंद्र सरकार ने ग्रामीण भारत की कनेक्टिविटी को नई गति देने के लिए वित्त वर्ष 2026-27 में 26,474 किलोमीटर नई ग्रामीण सड़कों के निर्माण का महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय किया है। इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए 18,907 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया है। सरकार का लक्ष्य देश के उन गांवों और बस्तियों को सड़क नेटवर्क से जोड़ना है, जो अब तक पर्याप्त संपर्क सुविधाओं से वंचित हैं। यह पहल प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) और अन्य ग्रामीण संपर्क परियोजनाओं के तहत लागू की जाएगी। सरकार का मानना है कि मजबूत सड़क नेटवर्क न केवल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति देगा, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और प्रशासनिक सेवाओं तक लोगों की पहुंच भी आसान बनाएगा।
उच्च स्तरीय बैठक में हुई प्रगति की समीक्षा
ग्रामीण विकास मंत्रालय ने गुरुवार को प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) और वामपंथी उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों के लिए सड़क संपर्क परियोजना (आरसीपीएलडब्ल्यूईए) की प्रगति की समीक्षा के लिए एक उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की। बैठक की अध्यक्षता ग्रामीण विकास विभाग के सचिव रोहित कंसल ने की। बैठक में आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, बिहार, छत्तीसगढ़, जम्मू-कश्मीर, झारखंड, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, मणिपुर, मेघालय, राजस्थान और तेलंगाना सहित कई राज्यों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। इस दौरान वित्त वर्ष 2026-27 के लक्ष्यों, निर्माणाधीन परियोजनाओं और लंबित कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई।
असंबद्ध बस्तियों को जोड़ने पर विशेष फोकस
मीटिंग के दौरान विशेष रूप से उन गांवों और बस्तियों पर ध्यान केंद्रित किया गया जो अभी तक सड़क संपर्क से पूरी तरह नहीं जुड़ पाए हैं। केंद्र सरकार ने राज्यों को निर्देश दिया कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना और पीएम-जनमन योजना के तहत बची हुई सभी असंबद्ध बस्तियों को प्राथमिकता के आधार पर सड़क सुविधा से जोड़ा जाए। सरकार ने विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों (पीवीटीजी) की बस्तियों तक सड़क पहुंच सुनिश्चित करने पर जोर दिया। माना जा रहा है कि सड़क संपर्क बढ़ने से इन क्षेत्रों में सामाजिक और आर्थिक विकास को नई दिशा मिलेगी तथा सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंच सकेगा।
डीपीआर और निर्माण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश
इस बैठक के दौरान राज्यों को विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने की प्रक्रिया तेज करने के निर्देश दिए गए। साथ ही निर्माण कार्यों में आने वाली प्रशासनिक और तकनीकी बाधाओं को दूर कर परियोजनाओं को समय पर पूरा करने पर जोर दिया गया। केंद्र सरकार ने राज्यों से कहा कि लंबित परियोजनाओं को निर्धारित समयसीमा में पूरा करने के लिए समन्वित प्रयास किए जाएं। राज्यों ने भी मंत्रालय को आश्वस्त किया कि सभी स्वीकृत परियोजनाओं और वार्षिक लक्ष्यों को तय समय के भीतर पूरा किया जाएगा।
उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों में सड़क नेटवर्क होगा मजबूत
वामपंथी उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों के लिए चल रही बैठक में सड़क संपर्क परियोजनाओं की भी विस्तार से समीक्षा की गई। सरकार का मानना है कि इन इलाकों में सड़क अवसंरचना का विकास सुरक्षा, प्रशासनिक पहुंच और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ाने के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। बेहतर सड़क संपर्क से सुरक्षा बलों की आवाजाही आसान होगी, सरकारी सेवाओं की पहुंच बढ़ेगी और स्थानीय लोगों को बाजार, शिक्षा एवं स्वास्थ्य सुविधाओं से जुड़ने में मदद मिलेगी। राज्यों को संबंधित एजेंसियों के साथ बेहतर तालमेल बनाकर परियोजनाओं को तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए गए।
गुणवत्ता और टिकाऊपन पर रहेगा विशेष ध्यान
सड़क निर्माण के साथ-साथ उनकी गुणवत्ता और दीर्घकालिक टिकाऊपन भी सरकार की प्राथमिकता में शामिल है। सचिव रोहित कंसल ने कहा कि ग्रामीण सड़कों का निर्माण जितना महत्वपूर्ण है, उतना ही जरूरी उनका मजबूत और टिकाऊ होना भी है। उन्होंने राज्यों को गुणवत्ता मानकों का सख्ती से पालन करने, नियमित फील्ड निरीक्षण करने और निगरानी तंत्र को अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में बनने वाली सड़कों की उपयोगिता और आयु दोनों में वृद्धि होगी।
ई-मार्ग प्लेटफॉर्म से बढ़ेगी पारदर्शिता
इस बैठक में ई-मार्ग (इलेक्ट्रॉनिक मेंटेनेंस ऑफ रूरल रोड्स अंडर पीएमजीएसवाई) प्लेटफॉर्म के व्यापक उपयोग पर भी जोर दिया गया। यह डिजिटल प्लेटफॉर्म ग्रामीण सड़कों के रखरखाव, प्रदर्शन मूल्यांकन और भुगतान प्रक्रिया की रियल-टाइम निगरानी की सुविधा प्रदान करता है। सरकार का मानना है कि इस तकनीकी व्यवस्था के व्यापक उपयोग से परियोजनाओं में पारदर्शिता, जवाबदेही और कार्यकुशलता बढ़ेगी। साथ ही सड़क रखरखाव संबंधी समस्याओं का समय पर समाधान भी संभव होगा।
ये भी पढ़ें......पीएम आवास योजना-ग्रामीण को बड़ी रफ्तार, 12 राज्यों को 10,021 करोड़ रुपए की मिली मंजूरी
अन्य प्रमुख खबरें
-
रक्षा मंत्रालय की एसओपी से हथियारों-रक्षा उपकरणों का परीक्षण होगा आसान
2026-10-07
-
फर्जीवाड़ा में डूबे रहे दो अधिकारी, लोन-नौकरी और कालाधन के लेनदेन में फंसे, दोनों गिरफ्तार
2026-10-07
-
जनसेवा के 25 वर्ष पूरे होने पर PM मोदी ने देश को किया संबोधित
2026-10-07
-
INDIA bloc Protest: राहुल-प्रियंका समेत कई नेताओं पर की FIR
2026-10-07
-
कारोबारियों को बिना बताए कम कर दिए दूध के दाम, समितियों के खिलाफ Tiruchi में प्रदर्शन की तैयारी
2026-10-07
-
एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित संभालेंगे वायुसेना की कमान
2026-10-06
-
छोटे उद्योगों को 10 हजार करोड़ का बूस्टर, कैबिनेट ने दी मंजूरी
2026-10-06
-
SIR के खिलाफ INDIA गठबंधन का जोरदार प्रदर्शन, धरने पर बैठ राहुल-प्रियंका
2026-10-06
-
भारतीय नौसेना में शामिल हुआ ‘सूर्या’, समुद्री ताकत को मिलेगी नई धार
2026-10-06
-
भीखनपुर 12 नंबर गुमटी पर जाम में फंस जाती हैं एंबुलेंस, मरीज तड़पने के लिए विवश, आंदोलन की तैयारी तेज
2026-10-06
-
पांच विधानसभा और एक लोकसभा सीट के लिए हो रहा मतदान
2026-10-06
-
Jantar-Mantar पर विपक्ष के विरोध प्रदर्शन को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी
2026-10-06
-
झारखंड बे-मौत मर रहे जंगल में हाथी, पोस्टमार्टम के लिए पहुंच रहे अधिकारी
2026-10-05
-
32.39 करोड़ रुपये की जब्त ड्रग्स नष्ट, 95 आरोपी गिरफ्तार
2026-10-05
-
भारतीय नौसेना में शामिल होगा पहला फ्लीट सपोर्ट पोत, बढ़ेगी ताकत
2026-10-05