आर्थिक चुनौतियों के बीच पीएम मोदी का आह्वान, बोले— देश को मजबूत करने का समय

खबर सार :-
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को हैदराबाद में एक विशाल जनसभा को संबोधित किया। इस अवसर पर उन्होंने नागरिकों से वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के इस दौर में अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करने का आह्वान किया।

आर्थिक चुनौतियों के बीच पीएम मोदी का आह्वान, बोले— देश को मजबूत करने का समय
खबर विस्तार : -

नई दिल्लीः प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को हैदराबाद में आयोजित एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए देशवासियों से वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के दौर में जिम्मेदारी निभाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में पूरी दुनिया आर्थिक उथल-पुथल, आपूर्ति श्रृंखला में व्यवधान और अंतरराष्ट्रीय संघर्षों जैसी चुनौतियों का सामना कर रही है, जिसका सीधा असर महंगाई और आम लोगों के जीवन पर पड़ रहा है। ऐसे समय में भारत को मजबूत बनाए रखने के लिए प्रत्येक नागरिक की भागीदारी आवश्यक है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि देशभक्ति केवल सीमा पर बलिदान देने तक सीमित नहीं है, बल्कि कठिन परिस्थितियों में अनुशासित और जिम्मेदार जीवन जीना भी राष्ट्र सेवा का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे अपनी रोजमर्रा की आदतों में छोटे-छोटे बदलाव लाकर देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करें।

पेट्रोल और डीजल के संयमित उपयोग पर जोर 

अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने विशेष रूप से गैर-जरूरी खर्चों पर नियंत्रण की आवश्यकता बताई। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि वे कम से कम एक वर्ष तक गैर-जरूरी सोने की खरीदारी से बचें, ताकि विदेशी मुद्रा का अनावश्यक बहिर्वाह रोका जा सके। उन्होंने कहा कि भारत में बड़ी मात्रा में सोने का आयात किया जाता है, जिससे विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव पड़ता है।

प्रधानमंत्री मोदी ने पेट्रोल और डीजल के संयमित उपयोग पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत अपनी ऊर्जा आवश्यकताओं के लिए बड़े पैमाने पर आयातित तेल पर निर्भर है, इसलिए ईंधन की बचत देश की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। उन्होंने नागरिकों से जहां संभव हो वहां मेट्रो, बस और अन्य सार्वजनिक परिवहन साधनों का उपयोग करने की अपील की।

उन्होंने कहा कि निजी वाहनों के अत्यधिक उपयोग से ईंधन की खपत बढ़ती है, इसलिए कार-पूलिंग जैसी व्यवस्थाओं को अपनाया जाना चाहिए। माल ढुलाई के लिए सड़क परिवहन के बजाय रेल परिवहन को प्राथमिकता देने की सलाह देते हुए उन्होंने कहा कि इससे लागत और ईंधन दोनों की बचत होगी। साथ ही, उन्होंने इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर भी बल दिया।

अनावश्यक विदेश यात्राओं से बचने की अपील

प्रधानमंत्री ने कोविड-19 महामारी के दौरान अपनाए गए कार्यकुशल उपायों का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्क-फ्रॉम-होम, ऑनलाइन कॉन्फ्रेंस और वर्चुअल बैठकों जैसी व्यवस्थाओं ने समय और संसाधनों की काफी बचत की थी। उन्होंने सुझाव दिया कि जहां संभव हो, इन व्यवस्थाओं को फिर से व्यापक स्तर पर अपनाया जा सकता है, जिससे यातायात और ईंधन की खपत कम होगी।

उन्होंने नागरिकों से अनावश्यक विदेश यात्राओं और विदेशों में छुट्टियां मनाने से बचने की अपील की। प्रधानमंत्री ने कहा कि यदि लोग देश के भीतर पर्यटन और उत्सवों को प्राथमिकता देंगे, तो इससे घरेलू अर्थव्यवस्था और स्थानीय उद्योगों को बड़ा लाभ मिलेगा। उन्होंने लोगों से स्थानीय और ‘मेड-इन-इंडिया’ उत्पादों को अपनाने का भी आग्रह किया। उन्होंने कहा कि जूते, बैग, कपड़े और अन्य दैनिक उपयोग की वस्तुओं के लिए स्वदेशी उत्पादों को प्राथमिकता देने से देश में रोजगार बढ़ेगा और आयात पर निर्भरता कम होगी।


उर्वरकों के आयात पर निर्भरता घटाने की अपील

प्रधानमंत्री मोदी ने स्वास्थ्य और अर्थव्यवस्था दोनों को ध्यान में रखते हुए खाने के तेल की खपत कम करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि भारत खाद्य तेलों के आयात पर बड़ी राशि खर्च करता है, इसलिए इसके सीमित उपयोग से देश को आर्थिक लाभ होगा और लोगों का स्वास्थ्य भी बेहतर रहेगा।

कृषि क्षेत्र का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने किसानों से रासायनिक उर्वरकों के उपयोग को 50 प्रतिशत तक कम करने और प्राकृतिक खेती अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि इससे मिट्टी की उर्वरता में सुधार होगा और उर्वरकों के आयात पर निर्भरता घटेगी। इसके अलावा उन्होंने किसानों से डीजल पंपों के स्थान पर सौर ऊर्जा से चलने वाले सिंचाई पंपों को अपनाने का भी आह्वान किया।

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन के अंत में कहा कि भारत वर्तमान वैश्विक चुनौतियों का सामना करने में सक्षम है, लेकिन इसके लिए प्रत्येक नागरिक को जिम्मेदार भूमिका निभानी होगी। उन्होंने कहा कि लोगों की छोटी-छोटी बचत और सकारात्मक पहल देश को आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान दे सकती हैं।

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